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क्या विजय मेहरा 17 की उम्र में डेब्यू करने वाले भारतीय क्रिकेटर थे?

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क्या विजय मेहरा 17 की उम्र में डेब्यू करने वाले भारतीय क्रिकेटर थे?

सारांश

विजय मेहरा, जिन्होंने सिर्फ 17 साल 265 दिन की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया, आज भी क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में जीवित हैं। उनकी तकनीक और खेल की शैली उन्हें विशेष बनाती है। जानें उनकी कहानी के बारे में।

मुख्य बातें

विजय मेहरा ने 17 वर्ष की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया।
उन्होंने 8 टेस्ट मैच खेलकर 329 रन बनाए।
रणजी ट्रॉफी में उनके 10 शतक थे।
उनकी फर्स्ट क्लास करियर में 5,614 रन थे।
वह भारतीय क्रिकेट में एक प्रेरणास्त्रोत बने।

नई दिल्ली, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महज 17 वर्ष और 265 दिन की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले भारतीय क्रिकेटर विजय लक्ष्मण मेहरा को आज भी उनकी उत्कृष्ट तकनीक और धैर्यपूर्ण खेल के लिए याद किया जाता है।

12 मार्च 1938 को अमृतसर में जन्मे दाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज विजय मेहरा ने जब डेब्यू किया, तब भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी थे।

विजय मेहरा ने डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में बतौर सलामी बल्लेबाज मैदान में कदम रखा, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ इस मुकाबले में 10 रन से अधिक नहीं बना सके।

इसके बावजूद, कप्तान पॉली उमरीगर ने उन पर विश्वास बनाए रखा और अगले मैच में नारी कॉन्ट्रैक्टर के साथ सलामी बल्लेबाज के रूप में उतारा।

आखिरकार, कप्तान की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए विजय मेहरा ने पहले विकेट के लिए 68 रन की साझेदारी की। इस दौरान उन्होंने 32 रन बनाए। भारत ने इस पारी को 531/7 के स्कोर पर घोषित किया, लेकिन मैच अंततः ड्रॉ पर समाप्त हुआ। इसके बाद उन्हें छह साल के लिए भुला दिया गया।

1961-62 में इंग्लैंड के खिलाफ कलकत्ता में टेस्ट के लिए उन्हें पुनः टीम में स्थान मिला। चौथे टेस्ट की पहली पारी में दाहिने अंगूठे में फ्रैक्चर के बावजूद विजय मेहरा ने 62 रन की साहसिक पारी खेली।

चोट के कारण उन्हें दूसरी पारी में 11वें नंबर पर बल्लेबाज़ी करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने इस पारी में नाबाद 7 रन बनाए, लेकिन अगला टेस्ट मैच नहीं खेल सके।

इसके बाद उन्हें सीधे वेस्टइंडीज दौरे पर मौका मिला, जहां विजय ने 62 रन की पारी खेलकर एक बार फिर खुद को साबित किया।

विजय मेहरा ने साल 1962 में तीन टेस्ट की छह पारियों में 21.83 की औसत से 131 रन बनाए, जिसके बाद साल 1964 में चार पारियां खेलते हुए 21.75 की औसत से 87 रन जोड़े, लेकिन उन्हें टीम में ज्यादा मौके नहीं मिले।

इस खिलाड़ी ने भारत की ओर से महज 8 टेस्ट खेले, जिसमें 14 पारियों में 25.30 की औसत से 329 रन बनाए, जिसमें दो अर्धशतक शामिल थे।

रणजी ट्रॉफी में मेहरा का रिकॉर्ड शानदार रहा और उन्होंने 10 शतकों के साथ 3,222 रन बनाए।

फर्स्ट क्लास करियर के दौरान, विजय मेहरा ने 109 मुकाबलों की 178 पारियों में 13 शतक और 27 अर्धशतक के साथ 5,614 रन बनाए। वहीं गेंद से 26 सफलताएं भी हासिल कीं।

विजय मेहरा डीडीसीए प्रशासन में सक्रिय रहे। वह राष्ट्रीय चयनकर्ता भी रहे। 25 अगस्त 2006 को 68 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।

राष्ट्र प्रेस

संपादकीय दृष्टिकोण

विजय मेहरा की यात्रा भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक प्रेरणा है। उनकी तकनीक और खेल की धैर्यपूर्ण शैली ने युवा खिलाड़ियों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। हमें ऐसे खिलाड़ियों की कहानियों को साझा करना चाहिए, जो खेल के प्रति अपने समर्पण के लिए जाने जाते हैं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजय मेहरा ने कब डेब्यू किया?
विजय मेहरा ने 17 वर्ष और 265 दिन की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया।
विजय मेहरा का जन्म कब हुआ था?
उनका जन्म 12 मार्च 1938 को अमृतसर में हुआ था।
विजय मेहरा ने कितने टेस्ट मैच खेले?
उन्होंने भारत की ओर से महज 8 टेस्ट मैच खेले।
विजय मेहरा का सर्वश्रेष्ठ स्कोर क्या था?
उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 62 रन था।
विजय मेहरा का निधन कब हुआ?
उनका निधन 25 अगस्त 2006 को हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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