चेन्नई में ₹3,108 करोड़ की रिंग मेन पाइपलाइन परियोजना: CM विजय आज रखेंगे आधारशिला
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को शोलिंगनल्लूर, चेन्नई में ₹3,108.55 करोड़ की महत्वाकांक्षी रिंग मेन पाइपलाइन परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य चेन्नई के पेयजल वितरण नेटवर्क को सुदृढ़ करना और जल-संकट के दौरान आपूर्ति क्षेत्रों के बीच जल पुनर्वितरण की सुविधा सुनिश्चित करना है।
परियोजना की मुख्य संरचना
प्रस्तावित रिंग मेन परियोजना पेयजल के नौ स्रोतों को 98 किलोमीटर लंबी लोहे की पाइपलाइनों के नेटवर्क से जोड़ेगी। इनमें पूंडी, पुझल, चोलवरम और चेम्बरमबक्कम जलाशय शामिल हैं, साथ ही शहर की माँग पूरी करने वाले समुद्री जल विलवणीकरण (डिसेलिनेशन) प्लांट भी इस नेटवर्क का हिस्सा होंगे। इन स्रोतों को एक साझा नेटवर्क से जोड़ने पर मौजूदा वितरण प्रणाली की एक गंभीर कमी दूर होगी।
मौजूदा व्यवस्था की खामी और समाधान
चेन्नई मेट्रोपॉलिटन वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (CMWSSB) वर्तमान में शहर में प्रतिदिन लगभग 1,200 मिलियन लीटर पेयजल की आपूर्ति करता है। अभी तक जलाशय और डिसेलिनेशन प्लांट अलग-अलग डिज़ाइन की गई पाइपलाइनों के माध्यम से शहर के विभिन्न हिस्सों को जल पहुँचाते हैं, जिससे किसी एक स्रोत में कमी होने पर दूसरे स्रोत के अधिशेष जल को प्रभावित क्षेत्रों में भेजना संभव नहीं होता।
रिंग मेन परियोजना इन स्रोतों के बीच इंटरकनेक्शन स्थापित करेगी, जिससे उपलब्धता और माँग के अनुसार जल पुनर्वितरण किया जा सकेगा। यह ऐसे समय में आया है जब चेन्नई को गर्मियों के दौरान भीषण जल संकट का सामना करना पड़ता है और विभिन्न आपूर्ति क्षेत्रों में जल उपलब्धता में भारी असमानता देखी जाती है।
परियोजना की पृष्ठभूमि
इस योजना की परिकल्पना पिछली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार ने ग्रेटर चेन्नई के पेयजल अवसंरचना की कमियों को दूर करने के लिए ₹3,108.55 करोड़ की अनुमानित लागत से तैयार की थी। गौरतलब है कि वर्तमान सरकार इस प्रस्ताव को निरंतरता देते हुए आगे बढ़ा रही है, जो शहरी जल प्रबंधन के प्रति दीर्घकालिक प्रशासनिक प्रतिबद्धता का संकेत है।
14 अक्टूबर को होने वाला शिलान्यास समारोह इस परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम है।
आम जनता पर असर
एक बार पूर्ण होने पर यह परियोजना चेन्नई के विभिन्न आपूर्ति क्षेत्रों में पेयजल वितरण को अधिक सुचारू और भरोसेमंद बनाएगी। जल स्रोतों के बीच परिचालन लचीलेपन में वृद्धि होने से CMWSSB को जल संकट के दौरान संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलेगी और शहरवासियों को असमान जल आपूर्ति की समस्या से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
आगे की राह
आधारशिला रखे जाने के बाद निर्माण कार्य की समयसीमा और चरणबद्ध क्रियान्वयन योजना की विस्तृत जानकारी अपेक्षित है। यह परियोजना न केवल चेन्नई के मौजूदा जल वितरण तंत्र को उन्नत करेगी, बल्कि भविष्य में बढ़ती जनसंख्या और जलवायु-प्रेरित जल अनिश्चितता से निपटने की क्षमता भी सुनिश्चित करेगी।