'हर घर तिरंगा' यात्रा: NDA नेताओं का संकल्प — स्वराज को सुराज्य में बदलेंगे, युवाओं संग खड़ी है सरकार
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 12 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 'हर घर तिरंगा' अभियान के अंतर्गत तिरंगा यात्राएँ और बाइक रैलियाँ आयोजित की गईं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के वरिष्ठ नेताओं ने इस अवसर पर विकसित भारत के संकल्प को दोहराया और देश के युवाओं को यह संदेश दिया कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
मुख्य घटनाक्रम
राजधानी की गली-गली में तिरंगा यात्राएँ निकाली गईं। नेताओं ने कहा कि यह अभियान किसी एक दल का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का है। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा, 'तिरंगा यात्रा 140 करोड़ भारतीयों की है, और हर किसी को तिरंगा यात्रा का हिस्सा बनना चाहिए।' केंद्रीय राज्यमंत्री बी.एल. वर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले छह वर्षों से यह अभियान चल रहा है और हर साल निर्धारित लक्ष्य से अधिक लोग इसमें भाग लेते हैं।
युवाओं के लिए संदेश
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अशोक मित्तल ने कहा, 'यह रैली भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित की जा रही है। आने वाले 20 वर्षों में जब हम विकसित भारत की ओर बढ़ रहे हैं, तो हम भारत के युवाओं को यह संदेश देना चाहते हैं कि हम उनके साथ खड़े हैं — पूरा देश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके साथ हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब युवा बेरोज़गारी और कौशल विकास को लेकर राष्ट्रीय विमर्श में केंद्र में हैं।
स्वराज से सुराज्य का संकल्प
BJP सांसद विनोद तावड़े ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा, 'मंगल पांडे ने स्वराज हासिल करने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। अब हम सभी उस स्वराज को सुराज्य में बदलने के लिए काम करेंगे।' BJP के राज्यसभा सदस्य तरुण चुघ ने कहा कि आज पूरे विश्व को यह संदेश दिया जा रहा है कि भारत रुकने वाला नहीं है और 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
दिल्ली भाजपा की भूमिका
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर आज पूरे देश में 'हर घर तिरंगा' मनाया जा रहा है। 140 करोड़ लोग अपने घरों पर तिरंगा फहरा रहे हैं। हर गली में तिरंगा यात्राएँ निकाली जा रही हैं, जो देश के शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान दे रही हैं।' गौरतलब है कि 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरुआत 2022 में हुई थी और तब से यह देशभर में राष्ट्रीय उत्सव का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।
आगे की राह
नेताओं के संबोधन से स्पष्ट है कि NDA सरकार 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को अपनी राजनीतिक और नीतिगत धुरी बनाए रखना चाहती है। युवाओं को केंद्र में रखकर दिया गया यह संदेश आने वाले दिनों में नीतिगत घोषणाओं की आधारभूमि तैयार करता दिख रहा है।