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वर्धा पुलिस की कार्रवाई: गोहदा गांव में महुआ शराब माफिया पर छापा, ₹6.60 लाख का माल जब्त

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वर्धा पुलिस की कार्रवाई: गोहदा गांव में महुआ शराब माफिया पर छापा, ₹6.60 लाख का माल जब्त

सारांश

वर्धा पुलिस ने बोरी नदी के पाट में छिपे अवैध महुआ शराब के अड्डे पर छापा मारकर ₹6.60 लाख का माल जब्त किया और दो आरोपियों पर दारूबंदी कानून के तहत मामला दर्ज किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के सीधे निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान का हिस्सा है।

मुख्य बातें

29 सितंबर 2026 को वर्धा की स्थानीय अपराध शाखा ने गोहदा गांव , सेलू थाना क्षेत्र में अवैध महुआ शराब के अड्डे पर छापा मारा।
मौके से 3,200 लीटर मोहा सड़वा रसायन एवं ड्रम सहित ₹6 लाख 60 हज़ार का मुद्देमाल जब्त कर नष्ट किया गया।
हिंगणी निवासी आनंद राय और आशीष राय के खिलाफ दारूबंदी कानून के तहत सेलू पुलिस थाने में मामला दर्ज।
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल और अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे के निर्देश पर हुई।
टीम का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी ने किया; अमलदार अरविंद येनुरकर , रवि पुरोहित और सागर भोसले शामिल रहे।

वर्धा जिले में 29 सितंबर 2026 को स्थानीय अपराध शाखा ने सेलू पुलिस थाना क्षेत्र के गोहदा गांव की श्मशानभूमि के निकट बोरी नदी के पाट में अवैध महुआ शराब निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹6.60 लाख मूल्य का मुद्देमाल जब्त किया। पुलिस ने मौके से 3,200 लीटर मोहा सड़वा रसायन एवं ड्रम बरामद किए और सभी जब्त सामग्री को तत्काल नष्ट कर दिया।

अभियान की पृष्ठभूमि

पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल ने पहले ही स्थानीय अपराध शाखा को जिले में अवैध देशी शराब निर्माताओं के विरुद्ध सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे। इसी निर्देश की कड़ी में यह विशेष अभियान चलाया गया, जो सुदूर नदी के पाट जैसे छिपे हुए ठिकानों पर केंद्रित था। गौरतलब है कि नदी किनारे और श्मशान के आसपास के क्षेत्र प्रायः ऐसी अवैध गतिविधियों के लिए उपयोग किए जाते हैं क्योंकि ये आबादी से दूर और निगरानी में कठिन होते हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस टीम ने गोहदा गांव की श्मशानभूमि के पास बोरी नदी के पात्र में अवैध महुआ शराब के निर्माण स्थल का भंडाफोड़ किया। मौके से बरामद 3,200 लीटर मोहा सड़वा रसायन एवं संबंधित उपकरण मिलाकर कुल ₹6 लाख 60 हज़ार का मुद्देमाल था, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

इस मामले में हिंगणी निवासी आनंद राय और आशीष राय के खिलाफ सेलू पुलिस थाने में दारूबंदी कानून के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

कार्रवाई में शामिल अधिकारी

यह संयुक्त अभियान पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल और अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे के निर्देशन में चलाया गया। मैदानी कार्रवाई का नेतृत्व स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी ने किया। टीम में पुलिस अमलदार अरविंद येनुरकर, रवि पुरोहित और सागर भोसले शामिल रहे।

आगे की कार्रवाई

दारूबंदी कानून के तहत दर्ज मामले में आरोपियों के विरुद्ध न्यायिक प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि जिला पुलिस अवैध शराब माफिया पर शिकंजा कसने के लिए नियमित अभियान जारी रखेगी। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मिल रहे निर्देशों के मद्देनज़र आने वाले समय में ऐसे और छापे देखे जा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो गरीबी, दारूबंदी कानूनों की खामियों और निगरानी की सीमाओं का मिश्रित परिणाम हैं। पुलिस अधीक्षक के सीधे निर्देश पर अभियान का होना संकेत देता है कि जिला प्रशासन इसे प्राथमिकता दे रहा है। असली सवाल यह है कि क्या ऐसी कार्रवाइयाँ आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ती हैं, या केवल एक ठिकाने को बंद करती हैं जबकि अन्य सक्रिय रहते हैं। जब तक माँग और आपूर्ति नेटवर्क दोनों पर एक साथ ध्यान नहीं दिया जाता, केवल जब्ती की खबरें ज़मीनी बदलाव की पूरी तस्वीर नहीं दिखाती।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्धा में महुआ शराब छापे में क्या बरामद हुआ?
29 सितंबर 2026 को गोहदा गांव की बोरी नदी के पाट में पुलिस ने छापा मारकर 3,200 लीटर मोहा सड़वा रसायन एवं ड्रम सहित ₹6 लाख 60 हज़ार का मुद्देमाल जब्त किया। सभी जब्त सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
इस मामले में किन लोगों पर कार्रवाई हुई?
हिंगणी निवासी आनंद राय और आशीष राय के खिलाफ सेलू पुलिस थाने में दारूबंदी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों पर अवैध महुआ शराब निर्माण का आरोप है।
यह छापा किसके निर्देश पर और किसने चलाया?
यह अभियान पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल और अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे के निर्देश पर चलाया गया। मैदानी टीम का नेतृत्व स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी ने किया।
महुआ शराब का अवैध निर्माण क्यों बड़ी समस्या है?
महुआ के फूलों से बनने वाली देशी शराब ग्रामीण महाराष्ट्र में सस्ते और सुलभ विकल्प के रूप में अवैध रूप से बनाई जाती है। इसकी गुणवत्ता अनियंत्रित होने से स्वास्थ्य जोखिम और कानूनी उल्लंघन दोनों जुड़े हैं, जिसके चलते दारूबंदी कानून के तहत इसे प्रतिबंधित किया गया है।
आगे क्या होगा इस मामले में?
दारूबंदी कानून के तहत दर्ज मामले में आरोपियों के विरुद्ध न्यायिक प्रक्रिया चलेगी। वर्धा पुलिस ने संकेत दिया है कि जिले में अवैध शराब निर्माण के विरुद्ध विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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