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अलीराजपुर में 306 कार्टन अवैध शराब जब्त, ₹10.97 लाख की खेप बरामद; नेटवर्क की जाँच जारी

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अलीराजपुर में 306 कार्टन अवैध शराब जब्त, ₹10.97 लाख की खेप बरामद; नेटवर्क की जाँच जारी

सारांश

मध्य प्रदेश के अलीराजपुर में पुलिस ने एक घर से ₹10.97 लाख की 306 कार्टन अवैध शराब बरामद की। आरोपी रामसिंह मोरिया पर मामला दर्ज, जाँच में बड़े तस्करी नेटवर्क का सुराग खोजा जा रहा है।

मुख्य बातें

अलीराजपुर के सोरवा क्षेत्र में 21 अगस्त को पुलिस ने 306 कार्टन अवैध शराब जब्त की।
बरामद खेप में 216 कार्टन बियर और 90 कार्टन व्हिस्की शामिल, कुल मात्रा लगभग 3,369 लीटर ।
जब्त शराब की अनुमानित कीमत ₹10.97 लाख ; परिवहन में इस्तेमाल वाहन भी ज़ब्त।
आरोपी रामसिंह मोरिया के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज।
पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया ने कहा — खेप के स्रोत और तस्करी नेटवर्क की जाँच जारी है।

मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले में पुलिस ने शुक्रवार, 21 अगस्त को सोरवा क्षेत्र के मोरियावाड़ा गाँव स्थित एक घर पर छापा मारकर 306 कार्टन अवैध शराब बरामद की, जिनमें लगभग 3,369 लीटर शराब थी। पुलिस के अनुसार, जब्त खेप की अनुमानित बाज़ार कीमत ₹10.97 लाख है और परिवहन में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए वाहन भी ज़ब्त कर लिए गए हैं।

कैसे हुई कार्रवाई

सोरवा पुलिस को सरपानी फलिया, मोरियावाड़ा गाँव स्थित एक मकान में बड़ी मात्रा में अवैध शराब जमा होने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर सोरवा पुलिस स्टेशन के प्रभारी के नेतृत्व में एक पुलिस दल ने परिसर पर छापा मारा और शराब की भारी खेप बरामद की।

जब्त माल में 216 कार्टन बियर और 90 कार्टन व्हिस्की शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी रामसिंह मोरिया के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

पुलिस अधीक्षक का बयान

अलीराजपुर के पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया ने कहा, 'विशिष्ट सूचना के आधार पर सोरवा पुलिस ने छापा मारा और भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की। हम खेप के स्रोत और इसके परिवहन में शामिल नेटवर्क की जाँच कर रहे हैं।'

भदौरिया ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले भर में अवैध शराब व्यापार के विरुद्ध सख्त अभियान जारी रहेगा और भंडारण, परिवहन या बिक्री में लिप्त किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जाँच का दायरा

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त खेप कहाँ से आई और उसका गंतव्य कहाँ था। जाँच में शराब की खरीद, भंडारण और परिवहन में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, यह मामला किसी बड़े अवैध शराब नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है — हालाँकि इसकी पुष्टि जाँच पूरी होने के बाद ही होगी।

आम जनता पर असर

अलीराजपुर एक आदिवासी बहुल जिला है, जहाँ अवैध शराब का प्रचलन सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का विषय रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश पुलिस राज्यभर में आबकारी कानूनों के उल्लंघन के विरुद्ध अभियान तेज़ कर रही है। गौरतलब है कि अलीराजपुर जैसे सीमावर्ती ज़िलों में अवैध शराब की तस्करी लंबे समय से एक चुनौती बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि आपूर्ति श्रृंखला कहाँ से संचालित हो रही है। एक अकेले आरोपी पर मामला दर्ज करना पर्याप्त नहीं — जब तक ऊपरी नेटवर्क की पहचान और गिरफ्तारी न हो, ऐसी कार्रवाइयाँ चक्रीय बनी रहती हैं। मध्य प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में आबकारी उल्लंघन के मामलों की संख्या बढ़ी है, जो दर्शाता है कि केवल छापों से नहीं, बल्कि खुफिया तंत्र और सीमा-पार समन्वय से ही इस समस्या की जड़ काटी जा सकती है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अलीराजपुर में कितनी अवैध शराब जब्त की गई?
पुलिस ने सोरवा क्षेत्र के मोरियावाड़ा गाँव में एक घर से 306 कार्टन अवैध शराब बरामद की, जिनमें लगभग 3,369 लीटर शराब थी। इनमें 216 कार्टन बियर और 90 कार्टन व्हिस्की शामिल हैं।
जब्त शराब की कीमत कितनी है?
पुलिस के अनुसार जब्त खेप की अनुमानित बाज़ार कीमत ₹10.97 लाख है। इसके अलावा परिवहन में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए वाहन भी ज़ब्त किए गए हैं।
इस मामले में किसके खिलाफ कार्रवाई हुई?
पुलिस ने आरोपी रामसिंह मोरिया के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जाँच में शराब की खरीद, भंडारण और परिवहन में शामिल अन्य संदिग्धों की भी पहचान की जा रही है।
यह छापा क्यों मारा गया?
सोरवा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मोरियावाड़ा गाँव के सरपानी फलिया स्थित एक मकान में बड़ी मात्रा में अवैध शराब जमा की गई है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस प्रभारी के नेतृत्व में दल ने छापा मारा।
क्या यह किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है?
पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया के अनुसार जाँच में खेप के स्रोत और परिवहन नेटवर्क की पहचान पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि यह मामला किसी बड़े अवैध शराब नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, हालाँकि इसकी पुष्टि जाँच के बाद होगी।
राष्ट्र प्रेस
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