वर्धा पुलिस का रेत माफिया पर प्रहार: दो ट्रैक्टर जब्त, ₹12.20 लाख का अवैध माल बरामद
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के वर्धा जिले में स्थानीय अपराध शाखा ने 23 सितंबर 2026 को अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली और 20 ब्रास रेत जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत ₹12,20,000 बताई गई है। वणा नदी के पात्र से अवैध रूप से रेत निकालकर उसे परिवहन करते तीन आरोपियों के खिलाफ हिंगणघाट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
कैसे हुई कार्रवाई
पुलिस को 23 सितंबर 2026 को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई कि हिंगणघाट थाना क्षेत्र के मौजा बोरखेड़ी रेती घाट पर कुछ लोग वणा नदी पात्र से अवैध रूप से रेत निकालकर बेरोकटोक परिवहन कर रहे हैं। इस सूचना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने बोरखेड़ी रेती घाट मार्ग पर जाल बिछाया।
जाँच के दौरान मौके पर दो लाल रंग के महिंद्रा 575 डीआई ट्रैक्टर बिना किसी वैध अनुमति के रेत का परिवहन करते हुए पकड़े गए। पुलिस ने तत्काल ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित 20 ब्रास रेत जब्त कर ली।
आरोपियों की पहचान
इस मामले में तीन आरोपियों की पहचान हुई है — चालक-मालिक आकाश बिंदूसागर वानमारे, निवासी भीमनगर वार्ड; चालक किशोर दत्ताजी कुडमते, निवासी पिंपलगांव; तथा मालिक कुणाल मोरेश्वर येसेकर, निवासी भीमनगर वार्ड। तीनों के विरुद्ध रेत चोरी का मामला दर्ज किया गया है।
आरोपियों पर आरोप है कि वे शासन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले वणा नदी पात्र से अवैध रूप से रेत निकालकर आर्थिक लाभ के लिए उसका परिवहन कर रहे थे।
वरिष्ठ अधिकारियों का निर्देश
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल और अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे के निर्देश पर की गई। पुलिस अधीक्षक अग्रवाल ने जिले में अवैध कारोबार करने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के स्पष्ट निर्देश पहले ही जारी किए थे, और स्थानीय अपराध शाखा उन्हीं निर्देशों के तहत लगातार कार्रवाई कर रही है।
कार्रवाई में शामिल टीम
इस अभियान में स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी, नरेंद्र पाराशर, रामेश्वर नागरे, मिथुन जिचकार और प्रफुल पुनवटकर सहित पूरी टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।
आगे की कार्रवाई
गौरतलब है कि रेत माफिया पर यह कार्रवाई वर्धा जिले में चल रहे व्यापक अभियान की कड़ी है, जिसमें अवैध उत्खनन पर लगाम लगाना प्राथमिकता है। जब्त ट्रैक्टरों और रेत को सरकारी अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है और आने वाले दिनों में और सख्त कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।