पश्चिम बंगाल चुनाव: कांग्रेस के उम्मीदवारों ने किया नामांकन, पार्टी की जीत पर किया विश्वास व्यक्त
सारांश
Key Takeaways
- भवानीपुर से कांग्रेस उम्मीदवार प्रदीप प्रसाद ने चुनावी नतीजों पर भरोसा जताया।
- सत्ताधारी सरकार पर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए।
- मतदाता सूची में नाम हटाने की जांच की मांग उठाई गई।
- चुनाव दो चरणों में होंगे: 23 और 29 अप्रैल।
कोलकाता, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेजी पकड़ चुकी हैं। कांग्रेस के उम्मीदवारों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जीत का विश्वास व्यक्त करते हुए सत्ताधारी सरकार पर तीखे हमले किए हैं।
भवानीपुर से उम्मीदवार प्रदीप प्रसाद ने राष्ट्र प्रेस से चर्चा करते हुए कहा कि चुनाव का असली नतीजा मतदान के दिन ही सामने आएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि भवानीपुर का आम मतदाता इस बार कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेगा।
प्रदीप प्रसाद ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने भवानीपुर के लिए कोई महत्वपूर्ण कदम नहीं उठाए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष उत्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि जनता वही उम्मीदवार चुनेगी जो उनके हित में सोचता है।
रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार आशुतोष चटर्जी ने कहा कि उनकी नामांकन रैली का नेतृत्व पश्चिम बंगाल के वंचित समाज ने किया है, जो बदलाव की स्पष्ट इच्छा को दर्शाता है।
उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामले पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है कि किन कारणों से मतदाताओं के नामों को हटाया गया।
चौरंगी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार मानस सरकार ने भी विश्वास जताते हुए कहा कि इस बार कांग्रेस की जीत सुनिश्चित है।
पश्चिम बंगाल में इस बार मतदान दो चरणों में होगा। पहले चरण के लिए वोटिंग 23 अप्रैल को होगी, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को किया जाएगा। इसके बाद 4 मई को मतगणना होगी और उसी दिन चुनाव परिणामों की घोषणा की जाएगी।
जैसे-जैसे चुनाव की तारीख करीब आ रही है, राज्य में चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होता जा रहा है, जहां सभी दल जीत के दावे कर रहे हैं और जनता के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।