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क्या पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने राज्य सरकार के कर्मचारियों से घोषणा मांगी?

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क्या पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने राज्य सरकार के कर्मचारियों से घोषणा मांगी?

सारांश

पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों को निर्वाचन आयोग ने दोहरे मतदाता न होने की घोषणा करने का निर्देश दिया है। यह कदम चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। जानें इसके पीछे के कारण और क्या है इसका महत्व।

मुख्य बातें

ईसीआई ने कर्मचारियों से दोहरे मतदाता न होने की घोषणा करने को कहा है।
कर्मचारियों को वर्तमान स्थिति का विवरण देना होगा।
यदि नाम दो स्थानों पर हैं, तो उन्हें हटवाने की प्रक्रिया अपनानी होगी।
यह कदम चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए है।
सीईओ के कार्यालय का कहना है कि गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

कोलकाता, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों से यह आवश्यक घोषणा करने का निर्देश दिया है कि वे (डबल वोटर) दोहरे मतदाता नहीं हैं। इसका मतलब है कि उनके नाम मतदाता सूची में दो स्थानों पर नहीं होने चाहिए।

इसके साथ ही, आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी राज्य सरकार के कर्मचारी का नाम दो स्थानों पर दर्ज है, तो यह उनकी जिम्मेदारी होगी कि वे संबंधित बूथ अधिकारी से संपर्क करके अपना नाम एक स्थान से हटवाएं।

आयोग द्वारा दिए गए निर्धारित प्रपत्र में, प्रत्येक राज्य सरकार के कर्मचारी को पश्चिम बंगाल के मतदाता के रूप में अपनी वर्तमान स्थिति का विवरण देना होगा। इसी प्रपत्र में, उन्हें यह भी बताना होगा कि क्या वे एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं या नहीं।

यदि किसी भी कारण से, जैसे निवास स्थान में परिवर्तन होने पर, मतदान स्थल में बदलाव हुआ है, तो इसकी जानकारी भी निर्धारित प्रपत्र में देनी होगी। यदि नाम एक ही स्थान पर दो हैं, तो राज्य सरकार के कर्मचारियों को यह भी बताना होगा कि क्या उन्होंने पहले किसी एक स्थान से अपना नाम हटवाने के लिए आवेदन किया था या नहीं।

निर्धारित प्रपत्र की एक प्रति राष्ट्र प्रेस के पास उपलब्ध है। वर्तमान में, पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार के कर्मचारियों की कुल संख्या 10 लाख है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के एक सूत्र ने बताया, "इस घोषणापत्र को मांगकर आयोग राज्य सरकार के कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना चाहता है ताकि कोई भी कर्मचारी दो बार मतदाता न बने। यदि कोई राज्य सरकार गलत जानकारी देती है, तो वह भी आयोग के पास मौजूद घोषणापत्र में दर्ज होगी। ऐसे मामलों में जहां घोषणापत्र में गलत जानकारी दी जाती है, आयोग संबंधित राज्य सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई कर सकता है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे चुनावों की विश्वसनीयता बढ़ती है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल के कर्मचारियों को यह घोषणा क्यों करनी है?
यह सुनिश्चित करने के लिए कि वे दोहरे मतदाता नहीं हैं, ताकि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
अगर कोई कर्मचारी दो स्थानों पर पंजीकृत है, तो क्या करना चाहिए?
उन्हें संबंधित बूथ अधिकारी से संपर्क करके अपना नाम एक स्थान से हटवाना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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