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क्या पश्चिम बंगाल सरकार ने आनंदपुर आग पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की?

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क्या पश्चिम बंगाल सरकार ने आनंदपुर आग पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की?

सारांश

पश्चिम बंगाल सरकार ने आनंदपुर में हुई आग की घटना में प्रभावित परिवारों के लिए 10 लाख रुपए की सहायता राशि की घोषणा की है। इस गंभीर घटना में कई लोग मारे गए हैं और कई लापता हैं। जानें इस हादसे की पूरी कहानी और राहत उपायों के बारे में।

मुख्य बातें

आग की घटना में 8 लोगों की मौत हो चुकी है।
सरकार ने पीड़ितों के लिए 10 लाख रुपए का मुआवजा घोषित किया है।
पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
आग लगने का सही कारण अभी तक ज्ञात नहीं है।
गोदामों की संरचना पर सवाल उठाए गए हैं।

कोलकाता, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल सरकार ने आनंदपुर में गोदाम में हुई भयंकर आग में प्रभावित हुए परिवारों के लिए 10 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है।

यह जानकारी राज्य के शहरी विकास मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने मंगलवार को आग स्थल का दौरा करते हुए दी।

हकीम ने कहा कि जब शवों या शरीर के अंगों की पहचान हो जाएगी, तब मुआवजे के चेक वितरित कर दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार, पुलिस डीएनए परीक्षण के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट से अनुमति लेगी। हकीम ने कहा, "कोर्ट की मंजूरी के बाद ही सैंपल की जांच की जा सकेगी।"

सोमवार को सुबह लगभग 3 बजे आनंदपुर में दो गोदामों में आग लग गई - एक डेकोरेटर का और दूसरा 'मोमो कंपनी' का। पुलिस के अनुसार, अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों की खोज जारी है, परिवार अस्पतालों, पुलिस स्टेशनों और आग वाले स्थल पर जानकारी के लिए खोज कर रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि डेकोरेटर का गोदाम गंगाधर दास का था। रविवार रात, विभिन्न जिलों के कई श्रमिक फूलों और सजावट के काम में लगे हुए थे। आग लगने के समय कई लोग सो रहे थे। आग लगने का वास्तविक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है, और सुरक्षा उपायों की स्थिति को लेकर प्रश्न उठाए गए हैं।

पुलिस ने इस घटना के संबंध में दो मामले दर्ज किए हैं और जांच शुरू कर दी है। गंगाधर दास से पूछताछ के लिए उन्हें बुलाया गया है, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि उन्हें हिरासत में लिया गया है या गिरफ्तार किया गया है।

आग लगने के 36 घंटे बाद भी, विभिन्न स्थानों पर आग की लपटें जलती रही हैं। गोदामों की संरचना को लेकर चिंताएं जताई गई हैं, यह आरोप भी है कि इन्हें भरी हुई वेटलैंड्स पर बनाया गया था। इन दावों पर हकीम ने कहा, "किसी की रोज़ी-रोटी छीनना सही नहीं है। मुझे नहीं पता कि यह वेटलैंड थी या नहीं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सुरक्षा मानकों की कमी पर सवाल उठना चाहिए। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आग लगने का कारण क्या था?
आग लगने का वास्तविक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है।
कितने लोगों की मौत हुई है?
अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।
सरकार ने मुआवजे की राशि कब जारी की जाएगी?
मुआवजे के चेक तब जारी किए जाएंगे जब शवों या शरीर के अंगों की पहचान हो जाएगी।
क्या जांच की जा रही है?
पुलिस ने इस घटना के संबंध में दो मामले दर्ज किए हैं और जांच शुरू कर दी है।
क्या गोदामों की संरचना पर सवाल उठाए गए हैं?
हां, गोदामों की संरचना को लेकर चिंताएं जताई गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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