दुर्गा पूजा से पहले पश्चिम बंगाल में 4 आईएएस अधिकारियों का तबादला, सुवेंदु सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार ने 13 अक्टूबर 2026 को दुर्गा पूजा से ठीक पहले विभागीय सचिव स्तर के चार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया। राज्य के कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह फेरबदल तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
मुख्य बदलाव: किसे कहाँ भेजा गया
अब तक कृषि विभाग के प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत ओंकार सिंह मीणा को पशुपालन विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। यह बदलाव कृषि-संबद्ध क्षेत्रों में प्रशासनिक पुनर्संतुलन का संकेत देता है।
मुक्ता आर्या, जो इससे पहले पश्चिम बंगाल सुंदरबन मामलों के विभाग की सचिव के पद पर कार्यरत थीं, को अब पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत विकास निगम लिमिटेड (WBSEDCL) का अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) नियुक्त किया गया है। यह एक प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम का नेतृत्व है, जिसके तहत राज्य की बड़ी आबादी को बिजली आपूर्ति की जाती है।
सुंदरबन विभाग में आर्या की जगह शशांक शेट्टी को नया सचिव बनाया गया है। शेट्टी इससे पहले नेताजी सुभाष प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान में अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे।
अरविंद कुमार मीणा को राज्य जनजातीय विकास विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले पश्चिम बंगाल अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभाग के सचिव के पद पर कार्यरत थे। चारों अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ संभालने हेतु आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
नई सरकार का प्रशासनिक पुनर्गठन
गौरतलब है कि इस वर्ष हुए विधानसभा चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हुआ और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार बनी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पदभार संभाला और तब से प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने पर निरंतर जोर देते रहे हैं। बीते पाँच महीनों में नई सरकार के कार्यकाल में विभिन्न विभागों में कई दौर के प्रशासनिक बदलाव किए जा चुके हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में दुर्गा पूजा की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और कानून-व्यवस्था तथा सरकारी सेवाओं की दक्षता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासनिक हलकों की राय
राज्य के प्रशासनिक हलकों का मानना है कि दुर्गा पूजा जैसे बड़े पर्व से पहले किया गया यह फेरबदल नई सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताओं को दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, WBSEDCL जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रम और सुंदरबन विभाग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में नई नियुक्तियाँ राज्य की दीर्घकालिक विकास नीतियों को प्रतिबिंबित करती हैं।
आगे क्या होगा
नव-नियुक्त अधिकारियों के सामने दुर्गा पूजा के दौरान विभागीय समन्वय और त्योहार के बाद नीतिगत निरंतरता बनाए रखने की चुनौती होगी। राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार, प्रशासनिक सुधारों की यह प्रक्रिया आने वाले महीनों में भी जारी रह सकती है।