छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़ा फेरबदल: 24 आईएफएस अधिकारियों के तबादले, इंद्रावती टाइगर रिजर्व को नया प्रमुख
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ सरकार ने 8 अगस्त 2026 को वन विभाग में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 24 भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए। नया रायपुर स्थित महानदी भवन से वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा जारी यह आदेश अगले आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावी रहेगा। यह फेरबदल 2013 से 2022 बैच के अधिकारियों को ध्यान में रखकर किया गया है।
प्रमुख नियुक्तियाँ
गणवीर धम्मशील को बलौदाबाजार जिले से स्थानांतरित कर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। उत्तम कुमार गुप्ता को इंद्रावती टाइगर रिजर्व का प्रभारी मुख्य वन संरक्षक बनाया गया है। अभिषेक सोगावत को पदोन्नत कर नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ का महाप्रबंधक नियुक्त किया गया है।
ज़िलेवार तबादले
दुलेश्वर प्रसाद साहू को मनेन्द्रगढ़ वन मंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि पंकज राजपूत को रायपुर का नया उप वन संरक्षक नियुक्त किया गया है। प्रभाकर खलखो को सरगुजा वर्किंग प्लान डिवीजन का प्रभारी वन संरक्षक बनाया गया है।
संजीव बाला को इंद्रावती टाइगर रिजर्व से पूर्व मनेन्द्रगढ़ डिवीजन भेजा गया है, जबकि मयंक पांडेय का तबादला महासमुंद से गरियाबंद किया गया है। सत्यदेव शर्मा को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम से धमतरी में डीएफओ के पद पर भेजा गया है।
अन्य तबादलों में ओमप्रकाश सुंडी को महासमुंद, जितेंद्र कुमार उपाध्याय को कटघोरा और संजय यादव को राज्य वन विकास निगम से वापस खैरागढ़ भेजा गया है। कुमार निशांत को मरवाही में पदस्थ किया गया है, जबकि पंकज कुमार कमल को नया रायपुर स्थित निगम से वापस बलौदाबाजार भेजा गया है।
अन्य महत्वपूर्ण बदलाव
पुष्पलता टंडन को सरगुजा-बिलासपुर की डीएफओ, लोकनाथ पटेल को सरगुजा-अंबिकापुर तथा शशिनंदन के. को कांकेर में पदस्थ किया गया है। रणक गोयल को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के कार्यालय में नियुक्त किया गया है।
ग्रीष्मी चंद को राज्य वन विकास निगम भेजा गया है, जबकि चंद्रशेखर शंकर सिंह परदेशी को कोरिया का डीएफओ बनाया गया है। दीपेश कपिल को बस्तर-जगदलपुर और चंद्र कुमार अग्रवाल को दुर्ग भेजा गया है। कृष्ण जैन को राज्य वन विकास निगम तथा विपुल अग्रवाल को सूरजपुर में पदस्थ किया गया है।
सरकार का उद्देश्य
सरकार के अनुसार, इस फेरबदल का उद्देश्य वन मंडलों, टाइगर रिजर्व और विभाग की विभिन्न इकाइयों में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। यह ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ के जंगलों पर संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाने का दबाव बढ़ रहा है। नई नियुक्तियों के साथ यह देखना होगा कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में वन्यजीव प्रबंधन किस दिशा में आगे बढ़ता है।