छत्तीसगढ़ में 42 IAS अधिकारियों का बड़ा तबादला, CM साय सरकार ने किया प्रशासनिक फेरबदल
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ सरकार ने बुधवार, 6 मई 2026 को राज्य के प्रशासनिक ढाँचे में बड़ा बदलाव करते हुए 42 वरिष्ठ IAS अधिकारियों, प्रधान सचिवों और जिला कलेक्टरों के तबादले के आदेश जारी किए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हुआ यह फेरबदल हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े प्रशासनिक पुनर्गठनों में से एक माना जा रहा है।
मुख्य नियुक्तियाँ और विभाग परिवर्तन
आधिकारिक आदेश के अनुसार, ऋचा शर्मा को पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। मनोज कुमार पिंगुआ अब वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार संभालेंगे। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुबोध कुमार सिंह को ऊर्जा विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
निहारिका बारिक को गृह और जेल विभाग में स्थानांतरित किया गया है, जबकि शाहला निगार महिला एवं बाल विकास विभाग की नई प्रधान सचिव होंगी। रोहित यादव ने वित्त सचिव का पदभार संभाल लिया है और कमलप्रीत सिंह को स्कूल शिक्षा विभाग में तैनात किया गया है।
परदेशी सिद्धार्थ कोमल को कृषि विभाग में कृषि उत्पादन आयुक्त नियुक्त किया गया है। रीना बाबा साहेब कंगाले वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग का नेतृत्व करेंगी, जबकि अविनाश चंपावत को उच्च शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
अन्य प्रमुख नियुक्तियाँ
मुकेश कुमार बंसल को लोक निर्माण विभाग के साथ-साथ वित्त-संबंधी जिम्मेदारियाँ भी सौंपी गई हैं। आर संगीता को शहरी प्रशासन और विकास विभाग में तैनात किया गया है। अंकित आनंद वाणिज्यिक कर (पंजीकरण) विभाग की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद भी आवास और पर्यावरण विभाग के सचिव बने रहेंगे।
भुवनेश यादव को योजना, अर्थशास्त्र और सांख्यिकी विभाग में स्थानांतरित किया गया है। एस भरतदासन अब पर्यटन, संस्कृति और धर्मस्व विभाग का नेतृत्व करेंगे। शम्मी आबिदी को राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग का सचिव बनाया गया है तथा बसवराज एस. को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोज़गार विभाग में तैनात किया गया है।
मोहम्मद कैसर अब्दुलहक लोक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग के सचिव बने रहेंगे और उन्हें जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। राजेश सिंह राणा को ग्रामोद्योग विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है और महादेव कावरे को सहकारिता आयुक्त तथा सहकारी समितियों का रजिस्ट्रार बनाया गया है।
जिला कलेक्टरों में बदलाव
पुष्पा साहू को कोरिया जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। संतोष कुमार देवांगन को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही का कलेक्टर बनाया गया है। चंदन संजय त्रिपाठी को बलरामपुर-रामानुजगंज का कलेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि संतन देवी जांगड़े को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर का कलेक्टर बनाया गया है।
पद्मिनी भोई साहू ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कलेक्टर का पदभार संभाल लिया है। रीना जमील को सूरजपुर का कलेक्टर नियुक्त किया गया है और विश्वदीप का तबादला बीजापुर कर दिया गया है। संबित मिश्रा को रायपुर नगर निगम का कमिश्नर बनाया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ
श्याम लाल धवाड़े ने रायपुर संभाग के आयुक्त का कार्यभार संभाल लिया है। सारांश मित्तर को क्रेडा का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है और पदुम सिंह एल्मा को आबकारी आयुक्त पद पर तैनात किया गया है। संजीव कुमार झा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे।
डी राहुल वेंकट को आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग का आयुक्त बनाया गया है। रोक्तिमा यादव को उच्च शिक्षा विभाग का आयुक्त नियुक्त किया गया है और लीना कमलेश मंडावी को खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। एस जयवर्धन को कोष एवं लेखा विभाग का निदेशक नियुक्त किया गया है तथा प्रभात मलिक मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
रणबीर शर्मा का तबादला समाज कल्याण विभाग में किया गया है। राजेंद्र कुमार कटारा को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। रीता यादव को माध्यमिक शिक्षा मंडल का सचिव बनाया गया है और ऋषभ कुमार पराशर को बजट निदेशक तथा स्थानीय निधि लेखा परीक्षा निदेशक की अतिरिक्त जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। संजय कन्नौजे को संस्कृति विभाग का निदेशक नियुक्त किया गया है।
फेरबदल का उद्देश्य
अधिकारियों के अनुसार, यह व्यापक फेरबदल प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सुव्यवस्थित करने और विभिन्न विभागों व जिलों में जन सेवाओं की डिलीवरी में सुधार लाने के उद्देश्य से किया गया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह पहला इतना बड़ा प्रशासनिक पुनर्गठन है, जो शासन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इन नई नियुक्तियों के प्रभाव और विभागीय कार्यक्षमता पर नज़र रखी जाएगी।