विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026: 2 लाख टिकट बिके, बैरेट-वाइल्ड बोलीं — महिला क्रिकेट को मुख्यधारा में लाना है लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टूर्नामेंट डायरेक्टर बेथ बैरेट-वाइल्ड ने कहा है कि इस इवेंट के लिए अब तक 2 लाख से अधिक टिकट बिक चुके हैं और आयोजकों का लक्ष्य कुल 2,70,000 दर्शकों तक पहुँचना है। 12 जून 2026 से इंग्लैंड और वेल्स में शुरू हो रहे इस टूर्नामेंट के 10वें संस्करण में 12 टीमें, 7 वेन्यू और 33 मैच होंगे, और 5 जुलाई को लॉर्ड्स में फाइनल खेला जाएगा।
टूर्नामेंट की तैयारी और मुख्य लक्ष्य
टूर्नामेंट से पहले एक विशेष बातचीत में बेथ बैरेट-वाइल्ड ने कहा, 'हमने इस टूर्नामेंट के लिए बहुत बड़े लक्ष्य तय किए हैं। हमारा नजरिया विमेंस क्रिकेट को मुख्यधारा में लाना है।' उन्होंने बताया कि आयोजक पिछले 12 से 18 महीनों से इस पल की तैयारी कर रहे हैं और एक विस्तृत ऑपरेशनल प्लान तैयार किया गया है। इसमें खिलाड़ियों की संतुष्टि को केंद्र में रखा गया है — आने-जाने और रहने की व्यवस्था से लेकर ट्रेनिंग सुविधाओं तक सब कुछ शामिल है।
गौरतलब है कि इंग्लैंड 2009 के बाद पहली बार विमेंस टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहा है। टूर्नामेंट का पहला मैच 12 जून को एजबेस्टन में होगा।
टिकट बिक्री और दर्शक संख्या का रिकॉर्ड
आयोजकों का लक्ष्य 2,70,000 टिकट बेचकर 2020 में ऑस्ट्रेलिया में हुए संस्करण का रिकॉर्ड तोड़ना है, जो मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर हाउसफुल फाइनल के साथ समाप्त हुआ था। बैरेट-वाइल्ड ने कहा, 'हम यहाँ कुल दर्शकों की संख्या को दोगुना करना चाहते हैं, जो यह दिखाता है कि महिलाओं का खेल अब कितना आगे बढ़ चुका है।' उन्होंने 'द हंड्रेड' और विमेंस टीम की हालिया वृद्धि को भी इस मजबूत आधार का हिस्सा बताया।
महिला और युवा दर्शकों की बढ़ती भागीदारी
बैरेट-वाइल्ड ने बताया कि इस टूर्नामेंट के लिए बिके कुल टिकटों में से 36 प्रतिशत महिलाओं ने खरीदे हैं — जो इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के किसी भी प्रोडक्ट में महिलाओं द्वारा खरीदे गए टिकटों का सबसे अधिक प्रतिशत है। तुलना के लिए, इंग्लैंड के पुरुष क्रिकेट मैचों के लिए करीब 80 प्रतिशत टिकट पुरुष खरीदते हैं। बच्चों के टिकटों की हिस्सेदारी लगभग 23 प्रतिशत रही।
उन्होंने यह भी बताया कि अधिक महिला दर्शकों को देखते हुए वेन्यू पर महिलाओं के लिए शौचालय सुविधाओं जैसे बुनियादी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, क्योंकि अधिकांश क्रिकेट वेन्यू ऐतिहासिक रूप से पुरुष दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।
सोच बदलने की मुहिम और ब्रॉडकास्ट स्टैंडर्ड
बैरेट-वाइल्ड ने कहा कि यूके में खेल के 40 प्रतिशत प्रशंसक अभी भी क्रिकेट को मुख्यतः पुरुषों और लड़कों का खेल मानते हैं। आयोजकों का लक्ष्य ऐसे प्रशंसकों की संख्या में 6 प्रतिशत की कमी लाना और क्रिकेट को स्त्री-पुरुष समानता वाले खेल के रूप में स्थापित करना है।
इस दिशा में आईसीसी (ICC) इस टूर्नामेंट में 30 से अधिक कैमरों का उपयोग करेगा, जिसमें ड्रोन, स्पाइडर कैम और बग्गी कैम शामिल हैं — वही प्रोडक्शन स्टैंडर्ड जो पुरुषों के वैश्विक इवेंट्स में अपनाया जाता है। बैरेट-वाइल्ड ने कहा, 'महिलाओं के खेल में ज्यादा सटीकता और नियंत्रण होता है। टी20 क्रिकेट में पुरुषों की तुलना में महिलाओं के खेल में निश्चित रूप से ज्यादा बार डबल रन लिए जाते हैं।' वे इन आँकड़ों और डेटा इनसाइट्स के जरिए दर्शकों को महिला क्रिकेट की विशेषताओं से परिचित कराना चाहती हैं।
आगे की राह
टूर्नामेंट का कैंपेन स्लोगन 'कैच द स्पिरिट' महिला क्रिकेट की उस अनूठी भावना को दर्शाता है जिसे बैरेट-वाइल्ड नए दर्शकों तक पहुँचाना चाहती हैं। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ एक पल की बात नहीं है। यह टूर्नामेंट का उपयोग करके महिलाओं के क्रिकेट के बारे में सोच, भावना, व्यवहार और नजरिए को लंबे समय के लिए बदलने के बारे में है।' साल 2013 में ECB से जुड़ने से पहले हॉकी और क्रिकेट में अपना नाम बना चुकीं बैरेट-वाइल्ड का मानना है कि यह टूर्नामेंट महिला खेल के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है।