शीत्सांग भूस्खलन: चीन ने चीलोंग जिले में भेजे 796 बचावकर्मी और 522 उपकरण
सारांश
मुख्य बातें
चीन के आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने शीत्सांग के शिकाजे शहर के चीलोंग जिले में आए विनाशकारी भूस्खलन के बाद केंद्रीय सरकारी उद्यमों से 796 बचावकर्मी और 522 उपकरणों के सेट तत्काल प्रभाव से रवाना किए। मौके पर स्थापित कमांड सेंटर की एकीकृत कमान के तहत इन दलों ने खोज-बचाव, सड़क सफाई और जोखिम निगरानी जैसे बहुआयामी राहत अभियान चलाए।
मुख्य घटनाक्रम
आपातकालीन प्रबंधन विभाग के प्राकृतिक आपदा इंजीनियरिंग आपातकालीन बचाव केंद्र (चाइना एन्नेन्ग) ने जी216 राष्ट्रीय राजमार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के लिए 310 कर्मियों और 120 उपकरणों के सेट तैनात किए। यह मरम्मत कार्य 2 सितंबर को सुबह 10 बजे तक सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।
चीन रेलवे ने पाँच इकाइयों — पेइचिंग रेलवे ब्यूरो, ग्वांगझो रेलवे ब्यूरो और चीन रेलवे नंबर 2 ब्यूरो की शीत्सांग टीम सहित — से 196 कर्मियों और 131 उपकरणों के सेट जुटाए। इस दल ने 300 टन स्टील प्लेट और 8,413 घन मीटर पत्थर का परिवहन किया तथा सड़क सफाई और जोखिम निगरानी के लिए 138 ड्रोन उड़ाए।
विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी
चीन रेलवे निर्माण निगम ने चीन रेलवे के 11वें ब्यूरो समूह की सिचुआन टीम से 33 सदस्यों को लोडर, उत्खनन यंत्र और जनरेटर सहित 15 उपकरणों के सेट के साथ भेजा।
चाइना कम्युनिकेशंस कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अपने फर्स्ट हाईवे इंजीनियरिंग ग्रुप और चोंगकिंग टनल रेस्क्यू टीम से 126 कर्मियों और बचाव उपकरणों के 134 सेट रवाना किए।
चाइना पावर कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन ने जलविद्युत फाउंडेशन ब्यूरो और नौवें जलविद्युत ब्यूरो से 95 कर्मियों को भेजकर क्षतिग्रस्त सड़क के कई हिस्सों को सफलतापूर्वक साफ करवाया।
अतिरिक्त बल और संसाधन
चाइना एनर्जी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन ने 20 कर्मियों और आपातकालीन उपकरणों के 30 सेट तैनात किए। चाइना याजियांग ग्रुप ने राष्ट्रीय जलविद्युत परियोजना आपातकालीन बचाव याजियांग टीम के 16 सदस्यों और खोज-बचाव उपकरणों के 75 सेट भेजे, जिन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और बचाव अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब शीत्सांग क्षेत्र में मानसून के मौसम में भूस्खलन की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। गौरतलब है कि चीन के आपातकालीन प्रबंधन तंत्र ने इस बार केंद्रीय उद्यमों के बीच तेज़ समन्वय का प्रदर्शन किया। राहत अभियान जारी है और जोखिम निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का व्यापक उपयोग इस अभियान की विशेषता रही।