क्या यश की फिल्म 'टॉक्सिक' का टीजर विवादों में फंस गया है?
सारांश
Key Takeaways
- यश की फिल्म 'टॉक्सिक' का टीजर विवादों में है।
- कानूनी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
- टीजर में अश्लीलता के आरोप हैं।
- सीबीएफसी से तत्काल समीक्षा की मांग की गई है।
- फिल्म 19 अप्रैल 2026 को रिलीज होगी।
मुंबई, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कन्नड़ सिनेमा के महानायक यश की नई फिल्म 'टॉक्सिक' के टीजर ने रिलीज होते ही हंगामाउत्साहित हैं, वहीं दूसरी ओर इसका टीजर गंभीर विवादों का सामना कर रहा है।
हाल में, टीजर के खिलाफ एक कानूनी शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें टीजर पर अश्लीलता, सामाजिक मूल्यों को ठेस पहुंचाने और नाबालिगों पर गलत प्रभाव डालने के आरोप लगाए गए हैं। इस शिकायत के बाद फिल्म और उसके निर्माताओं की मुसीबतें बढ़ती दिख रही हैं।
दरअसल, यश ने 9 जनवरी को अपने जन्मदिन पर प्रशंसकों को तोहफा देते हुए 'टॉक्सिक' का टीजर जारी किया था। टीजर वायरल होते ही इसे लाखों बार देखा गया। लेकिन, इसमें दिखाए गए एक बोल्ड और इंटीमेट सीन के चलते विवाद शुरू हो गया है। इस सीन में अभिनेत्री साशा ग्रे हैं, जिससे कई संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आपत्ति
कनकपुरा तालुक (रामनगर जिला) के सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कल्लाहल्ली ने टीजर के खिलाफ सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) में एक औपचारिक कानूनी शिकायत की है। यह शिकायत सीबीएफसी के चेयरमैन प्रसून जोशी को संबोधित की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि टीजर में शामिल सीन्स अश्लील, यौन रूप से उत्तेजक और नैतिक रूप से आपत्तिजनक हैं।
इस शिकायत में कहा गया है कि 'टॉक्सिक' का टीजर बिना उम्र सीमा या चेतावनी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुलेआम प्रसारित किया जा रहा है। इससे बच्चे, किशोर और युवा वर्ग आसानी से इस कंटेंट तक पहुंच बना रहे हैं, जो उनके मानसिक और नैतिक विकास के लिए हानिकारक हो सकता है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि ऐसा कंटेंट भारतीय समाज के सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के खिलाफ है।
शिकायतकर्ता ने कहा है कि भले ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है, लेकिन यह असीमित नहीं है। सार्वजनिक शालीनता और नैतिकता के हित में इस पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया है कि अश्लील और यौन रूप से स्पष्ट कंटेंट को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत संरक्षण नहीं दिया जा सकता।
इसके अलावा, शिकायत में सिनेमेटोग्राफ एक्ट, 1952 और सीबीएफसी के नियमों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि फिल्म ही नहीं, बल्कि इसके टीजर और प्रमोशनल मटेरियल भी सीबीएफसी के नियमों के दायरे में आते हैं। ऐसे में टीजर में इस तरह के सीन दिखाना नियमों का उल्लंघन है। यदि सीबीएफसी इस मामले में समय रहते कार्रवाई नहीं करता है, तो इसे प्रशासनिक लापरवाही माना जाएगा।
शिकायतकर्ता ने सीबीएफसी से मांग की है कि 'टॉक्सिक' के टीजर की तत्काल समीक्षा की जाए और उसमें शामिल सभी आपत्तिजनक और अश्लील सीन्स को हटाने का निर्देश दिया जाए। इसके साथ ही टीजर के सार्वजनिक प्रदर्शन और ऑनलाइन सर्कुलेशन पर अस्थायी रोक लगाने की भी मांग की गई है। शिकायत में फिल्म के निर्देशक, निर्माता और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की भी अपील की गई है।
इस मामले में कर्नाटक राज्य महिला आयोग ने भी सीबीएफसी से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने औपचारिक पत्र लिखकर यह जानना चाहा है कि क्या टीजर में दिखाए गए कंटेंट की जांच नियमों के तहत की गई है। यह कदम आम आदमी पार्टी की कर्नाटक स्टेट सेक्रेटरी उषा मोहन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद उठाया गया है।
महिला आयोग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सीबीएफसी से कहा है कि वह नियमों के अनुसार टीजर की जांच करे और इस संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
फिल्म की बात करें तो 'टॉक्सिक' यश की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। यह फिल्म 19 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म में यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा और हुमा कुरैशी जैसी बड़ी अभिनेत्रियां नजर आएंगी।