सीएम योगी का निर्देश: जनशिकायतों का 24 घंटे में जवाब, राजस्व मामले 15 दिन में निपटाएं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक नागरिक को अधिकतम 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब मिलना चाहिए, और निर्विवाद राजस्व मामलों का निस्तारण 15 दिन की समयसीमा में सुनिश्चित किया जाए। यह आदेश लखनऊ में उनके सरकारी आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए गए, जिसमें कानून-व्यवस्था, पर्व-त्योहारों की तैयारी और जनहित के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
जनशिकायत निस्तारण: मुख्य निर्देश
मुख्यमंत्री ने दाखिल-खारिज, पैमाइश, वरासत तथा जाति और आय प्रमाण-पत्र से जुड़े मामलों को निर्धारित समयसीमा में निपटाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों की सूची तहसीलों में सार्वजनिक की जाए, ताकि नागरिक अपने मामलों की स्थिति जान सकें। समय पर काम पूरा न होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई होगी।
नवरात्रि से छठ तक सुरक्षा की विशेष तैयारी
11 अक्टूबर से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि, 18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी, 19 अक्टूबर को महानवमी और 20 अक्टूबर को विजयादशमी के मद्देनज़र मुख्यमंत्री ने प्रमुख देवी मंदिरों पर अतिरिक्त कार्मिक तैनात करने, निर्बाध बिजली आपूर्ति और सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जोन और रेंज स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक स्वयं क्षेत्र में भ्रमण करें और गश्त में शामिल हों। शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर ढीले बिजली तारों की मरम्मत, सड़क-पुलियों को दुरुस्त करने, चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और गोताखोरों की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
महिला सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द
महिलाओं की सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति केंद्र को प्रत्येक थाने में प्रभावी ढंग से संचालित करने और एंटी-रोमियो स्क्वॉड की कार्रवाई तेज करने के आदेश दिए गए। थाना, चौकी और जनपद स्तर पर पीस कमेटियों की बैठकें आयोजित कर धर्मगुरुओं, आयोजन समितियों और स्थानीय नागरिकों से संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। शोभायात्रा मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानें न लगने देने का निर्देश भी जारी किया गया।
राहत, कृषि और अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
अतिवृष्टि से हुए नुकसान और राहत वितरण की पूरी जानकारी अगले 48 घंटे में राहत आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। पूरी तरह क्षतिग्रस्त आवास वाले परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए। किसानों के लिए उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए कहा गया कि कोई भी सहकारी समिति खाद के स्टॉक से खाली न रहे और कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखी जाए। इसके अलावा सड़क कटिंग से जुड़ी समस्याओं का 31 अक्टूबर तक समाधान, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और बस स्टेशनों पर स्वच्छता व भीड़-प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि यह समीक्षा बैठक ऐसे समय में हुई जब प्रदेश में एक साथ कई बड़े पर्व निकट हैं और प्रशासनिक चुनौतियाँ बढ़ी हुई हैं। मुख्यमंत्री के इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर पर नियमित समीक्षा की व्यवस्था की गई है। यदि निर्धारित समयसीमा में काम नहीं हुआ, तो अधिकारियों पर कार्रवाई होगी — यह संदेश सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया है।