योगी सरकार ने 7 IAS अधिकारियों के तबादले किए, निधि पांडेय बनीं SDM लखनऊ
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 अगस्त 2026 को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 7 अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा जारी इस आदेश में कई जिलों और मंडलों में प्रमुख प्रशासनिक पदों पर नई तैनाती की गई है। निधि पांडेय को कंपट्रोलर, जन भवन के पद से हटाकर उपजिलाधिकारी (SDM), लखनऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्य तबादले और नई तैनाती
ज्योति राय को अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बलरामपुर के पद से स्थानांतरित कर अपर आयुक्त, आजमगढ़ मंडल के रूप में तैनात किया गया है। संदीप केला को नगर मजिस्ट्रेट, बांदा से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बलरामपुर की जिम्मेदारी दी गई है।
दिनेश चंद्र को उपजिलाधिकारी, बुलंदशहर से नगर मजिस्ट्रेट, बांदा बनाया गया है। दिव्या ओझा को उपजिलाधिकारी, चंदौली से अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), बरेली का दायित्व सौंपा गया है।
विनय कुमार सिंह को नगर मजिस्ट्रेट, प्रयागराज से नगर मजिस्ट्रेट, गोरखपुर भेजा गया है, जबकि उत्कर्ष श्रीवास्तव की तैनाती ठीक विपरीत दिशा में की गई है — उन्हें नगर मजिस्ट्रेट, गोरखपुर से नगर मजिस्ट्रेट, प्रयागराज भेजा गया है।
पृष्ठभूमि: जुलाई में हुए थे 182 तबादले
गौरतलब है कि बीते जुलाई माह में योगी सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल में 182 अधिकारियों के तबादले किए थे। 13 जुलाई को जारी उस आदेश में प्रशांत कुमार को एसडीएम उन्नाव से एसडीएम बहराइच, कुमार संजय को जालौन, ध्रुव शुक्ला को गाजीपुर, अभय कुमार सिंह को विशेष कार्याधिकारी राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश, मनोज प्रकाश को एसडीएम जालौन, अरविंद कुमार सिंह को एसडीएम मैनपुरी, पुष्पेंद्र पटेल को एसडीएम अंबेडकरनगर, और योगेश कुमार गौड़ को एसडीएम सहारनपुर नियुक्त किया गया था।
उसी दौर के तबादलों में अरुण दीक्षित को एसडीएम भदोही, अश्विनी कुमार सिंह को एसडीएम बाराबंकी, क्षितिज द्विवेदी को एसडीएम देवरिया, मनोज कुमार को एसडीएम मथुरा, राकेश कुमार त्यागी को एसडीएम रामपुर, शुभम यादव को एसडीएम बुलंदशहर, दीपिका मेहर को एसडीएम शामली, अवधेश कुमार निगम को एसडीएम फिरोजाबाद, गोपाल शर्मा को एसडीएम बरेली, और विश्वेश्वर सिंह को एसडीएम सिद्धार्थनगर की जिम्मेदारी दी गई थी।
प्रशासनिक फेरबदल का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार प्रमुख जिलों में प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। लखनऊ जैसे राजधानी जिले में एसडीएम की नियुक्ति विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यहाँ जनसंपर्क और राजस्व प्रशासन का दबाव अन्य जिलों की तुलना में अधिक होता है।
आगे क्या
नव-नियुक्त अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे शीघ्र ही अपने नए पदभार ग्रहण करेंगे। प्रदेश में आगामी महीनों में और प्रशासनिक फेरबदल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, विशेषकर जिन जिलों में विकास परियोजनाओं की समीक्षा प्रक्रिया चल रही है।