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योगी आदित्यनाथ ने महोबा में ₹697 करोड़ की 88 परियोजनाओं का लोकार्पण किया, बुंदेलखंड को बदनाम करने वालों पर साधा निशाना

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योगी आदित्यनाथ ने महोबा में ₹697 करोड़ की 88 परियोजनाओं का लोकार्पण किया, बुंदेलखंड को बदनाम करने वालों पर साधा निशाना

सारांश

योगी आदित्यनाथ का महोबा दौरा महज एक जनसभा नहीं था — यह बुंदेलखंड के पुनर्निर्माण का खाका था। ₹697 करोड़ की 88 परियोजनाएँ, गोरखगिरि रोपवे, मिसाइल हब का सपना और दशकों पुरानी सिंचाई परियोजनाओं का पूरा होना — यह सब मिलकर एक बदले हुए बुंदेलखंड की तस्वीर पेश करते हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 जून 2025 को महोबा में ₹697 करोड़ से अधिक की 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
गोरखगिरि पर्वत पर रोपवे लगाने और इसे एडवेंचर टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई।
यूपी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल का उल्लेख करते हुए बुंदेलखंड को मिसाइल हब बनाने का लक्ष्य रखा गया।
केन-बेतवा नहर परियोजना पर काम तेज; पूरा होने पर बुंदेलखंड की जल समस्या का स्थायी समाधान होगा।
सरकार ने 9 वर्षों में गरीब बेटियों की शादी के लिए ₹1 लाख और शिक्षा के लिए ₹25,000 के पैकेज सहित कई कल्याण योजनाएँ लागू कीं।
दशावरी पान को जियो टैग के साथ वैश्विक मान्यता और महोबा महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने पर जोर।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर महोबा के मोदी ग्राम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए ₹697 करोड़ से अधिक की लागत वाली 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि दूषित मन और मलिन आत्मा वाले लोगों ने बुंदेलखंड को बदनाम किया था, लेकिन अब यह क्षेत्र विकास की नई इबारत लिख रहा है।

योग और सुशासन का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा में समन्वय की प्रेरणा देता है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'स्वस्थ शरीर से स्वस्थ मस्तिष्क, स्वस्थ मस्तिष्क से स्वस्थ बुद्धि और स्वस्थ बुद्धि से स्वस्थ आत्मा बनती है — और स्वस्थ आत्मा ही लोककल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है।' उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग अवैध कब्जा करते हैं और नकारात्मकता फैलाते हैं, उनकी आत्मा मलिन और मन दूषित होता है। ऐसी बीमार मानसिकता वाले लोगों ने प्रदेश को डुबोया और बुंदेलखंड को बदनाम किया था। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे देश में भव्य रूप से मनाया गया, और मुख्यमंत्री स्वयं झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के किले के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।

गोरखगिरि पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म की योजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि 12-13 वर्ष बाद वे गोरखगिरि पर्वत पर गए, जहाँ उन्होंने भोलेनाथ से प्रार्थना की और बाबा गोरखनाथ की साधना स्थली — गुफा व मंदिर — में दर्शन किए। उन्होंने घोषणा की कि गोरखगिरि पर रोपवे लगाया जाएगा और इसे एडवेंचर टूरिज्म के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। महोबा महोत्सव से पूर्व इस पहाड़ी पर स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताएँ आयोजित करने और यहाँ रेस्तरां व होटल की संभावनाएँ बढ़ाने पर भी बल दिया। उन्होंने विधायक राकेश गोस्वामी और पूर्व सांसद पुष्पेंद्र चंदेल समेत स्थानीय पदाधिकारियों को इस पहल के लिए बधाई दी।

बुंदेलखंड की विरासत और औद्योगिक संभावनाएँ

मुख्यमंत्री ने कहा कि महोबा की भूमि से निकलने वाला ग्रेनाइट पत्थर देश के नवनिर्माण में योगदान देता है। यहाँ के दशावरी पान को जियो टैग के साथ वैश्विक मान्यता दिलाई गई है। उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल का उल्लेख करते हुए कहा कि यूपी के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल ऑपरेशन सिंदूर में दागी गई, जिससे पाकिस्तान की स्थिति स्पष्ट हो गई। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में बुंदेलखंड, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट और झाँसी मिसाइल निर्माण का हब बनें। यह ऐसे समय में आया है जब बीडा के रूप में बुंदेलखंड में सबसे बड़ा औद्योगिक शहर विकसित होने जा रहा है।

जल संरक्षण और किसान कल्याण

मुख्यमंत्री ने बताया कि दशकों पहले अधूरी पड़ी अर्जुन सहायक परियोजना को उनकी सरकार ने मिशन मोड पर पूरा कराया और 2021 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इसका लोकार्पण कराया गया, जिससे महोबा और बांदा के हजारों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिली। रतौली बांध, बावनी बांध, कचनौदा बांध और चिल्ली स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजनाओं को भी पूरा किया जा रहा है। उन्होंने केन-बेतवा नहर परियोजना पर तेजी से काम जारी रहने की जानकारी दी, जिसके पूरा होने पर बुंदेलखंड में जल की समस्या का स्थायी समाधान होगा। कबरई बांध के लिए जमीन देने वाले किसानों को वर्षों से रुका भुगतान भी सरकार ने निस्तारित कर दिया।

सामाजिक कल्याण योजनाओं का लेखा-जोखा

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्षों में सरकार गरीबों को राशन, आवास, शौचालय, पेंशन, बेटी के जन्म से स्नातक तक की पढ़ाई के लिए ₹25,000 का पैकेज और सामूहिक विवाह योजना में ₹1 लाख उपलब्ध करा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के 57,000 ग्राम पंचायतों, 825 विकास खंडों, 350 तहसीलों, 75 जनपदों और 762 नगर निकायों में योग दिवस कार्यक्रम आयोजित हुए। आगे बढ़ते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि आल्हा-उदल के शौर्य के प्रतीक अखाड़ों का निर्माण कर नौजवानों को वीर भाव से प्रेरित किया जाएगा और बुंदेलखंड का विकास कोई नहीं रोक सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर बुंदेलखंड में पिछले दशकों में ऐसी अनेक घोषणाएँ हुई हैं जो जमीन पर उतरने में वर्षों लगा देती हैं। गोरखगिरि रोपवे और मिसाइल हब जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की समयसीमा और बजट आवंटन अभी स्पष्ट नहीं है। विपक्ष पर 'मलिन आत्मा' जैसे तीखे शब्दों का प्रयोग चुनावी माहौल की ओर संकेत करता है, जबकि केन-बेतवा जैसी वास्तविक जल परियोजनाओं की प्रगति पर ठोस आँकड़े जनता के लिए अधिक उपयोगी होते।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी आदित्यनाथ ने महोबा में कितनी परियोजनाओं का उद्घाटन किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 जून 2025 को महोबा के मोदी ग्राम में ₹697 करोड़ से अधिक की लागत वाली 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सिंचाई, कनेक्टिविटी और पर्यटन से जुड़े कार्य शामिल हैं।
गोरखगिरि रोपवे और एडवेंचर टूरिज्म योजना क्या है?
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि महोबा के गोरखगिरि पर्वत पर रोपवे लगाया जाएगा और इसे एडवेंचर टूरिज्म के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। महोबा महोत्सव से पूर्व इस पहाड़ी पर स्थानीय से राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताएँ आयोजित करने और यहाँ होटल-रेस्तरां की सुविधाएँ बढ़ाने की भी योजना है।
बुंदेलखंड को मिसाइल हब बनाने की योजना क्या है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल ऑपरेशन सिंदूर में दागी गई। सरकार का लक्ष्य है कि बुंदेलखंड, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट और झाँसी आने वाले समय में मिसाइल निर्माण का प्रमुख हब बनें।
केन-बेतवा नहर परियोजना से बुंदेलखंड को क्या फायदा होगा?
केन-बेतवा नहर परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और इसके पूरा होने पर बुंदेलखंड में जल की समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है। इससे पहले अर्जुन सहायक परियोजना को भी सरकार ने मिशन मोड पर पूरा कराया था, जिससे महोबा और बांदा के हजारों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई मिली।
योगी सरकार ने बुंदेलखंड के गरीबों के लिए क्या कल्याण योजनाएँ चलाई हैं?
मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले 9 वर्षों में सरकार ने गरीबों को राशन, आवास, शौचालय, पेंशन, बेटी की शिक्षा के लिए ₹25,000 का पैकेज और सामूहिक विवाह योजना में ₹1 लाख की सहायता दी है। इसके अलावा हर घर जल योजना, मुफ्त उपचार, बिजली और रसोई गैस की सुविधाएँ भी प्रदान की जा रही हैं।
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