क्या युवाओं का नवाचार विकास का आधार है? : सीएम मोहन यादव
सारांश
Key Takeaways
- युवाओं का नवाचार विकास का आधार है।
- स्टार्ट-अप समिट-2026 का उद्देश्य नवाचार को प्रोत्साहित करना है।
- भारत का स्टार्ट-अप इको-सिस्टम तेजी से बढ़ रहा है।
- युवा उद्यमियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
- मुख्यमंत्री ने एमएसएमई की महत्ता को रेखांकित किया।
भोपाल, 12 (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि युवाओं का नवाचार ही देश को नई दिशा और नई सोच की ओर ले जाता है। इनकी नवाचार ही विकास का आधार बनते हैं, इसलिए हमने नवाचारों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया है। राजधानी के रवीन्द्र भवन में आयोजित मध्य प्रदेश स्टार्ट-अप समिट-2026 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्राचीन काल से हम व्यापार-व्यवसाय की गहरी समझ रखते हैं, क्योंकि पुरुषार्थ, उद्यमिता, नवाचार और व्यापार हमारे संस्कारों का हिस्सा हैं।
मध्य प्रदेश नए अवसरों का प्रदेश है। युवाओं की सोच और नवाचार ही विकास का आधार बनते हैं। इसलिए नवाचारों को प्रोत्साहित करना हमारा संकल्प है। भारत में 6 करोड़ से अधिक एमएसएमई हैं, जो देश की जीडीपी में 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान देते हैं। कुल निर्यात में एमएसएमई की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत तक होती है।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में स्टार्ट-अप का योगदान अद्वितीय है। आज, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, हम जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं।
सीएम ने समिट के दौरान 156 स्टार्ट-अप को 2.5 करोड़ रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि दी। साथ ही, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में 21 स्टार्ट-अप को 8.17 करोड़ रुपए से अधिक की ऋण राशि सिंगल क्लिक से हस्तांतरित की। इस समिट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के साथ विभिन्न समझौते भी किए गए।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि युवा शक्ति अपनी क्षमताओं के बल पर दुनिया को बदल सकती है। स्वामी विवेकानंद ने युवा शक्ति को पहचाना और उन्हें राष्ट्र के विकास के लिए प्रेरित किया। राज्य सरकार ने स्टार्ट-अप पॉलिसी 2025 में नवाचारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में कदम उठाए हैं। नए विचारों के साथ स्टार्ट-अप शुरू करने वाले उद्यमियों को इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से 10 हजार रुपए की प्राथमिक सहायता दी जा रही है।