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जुबीन गर्ग मृत्यु मामला: CM हिमंता का फास्ट ट्रैक कोर्ट से न्याय का भरोसा, 4 पर हत्या के आरोप तय

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जुबीन गर्ग मृत्यु मामला: CM हिमंता का फास्ट ट्रैक कोर्ट से न्याय का भरोसा, 4 पर हत्या के आरोप तय

सारांश

असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा ने जुबीन गर्ग मृत्यु मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट से न्याय की उम्मीद जताई। सिंगापुर में सितंबर 2025 में हुई मौत के बाद एसआईटी ने 4 लोगों पर हत्या के आरोप लगाए हैं। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक आरोपी को जमानत दी है, जबकि अन्य की याचिकाएँ लंबित हैं।

मुख्य बातें

CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 12 अक्टूबर 2026 को कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट से जुबीन गर्ग मामले में न्याय मिलने की उम्मीद है।
गायक की मौत 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर के लैजरस आइलैंड पर तैरते हुए हुई थी।
एसआईटी ने श्यामकानु महंत , सिद्धार्थ शर्मा , अमृतप्रभा महंत और शेखरज्योति गोस्वामी पर हत्या का आरोप लगाया।
गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने अमृतप्रभा महंत को ₹50,000 के बॉन्ड पर जमानत दी — वह मामले में जमानत पाने वाली पहली आरोपी हैं।
दिवंगत गायक की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग और प्रशंसक संगठन अभी भी न्याय के लिए विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 12 अक्टूबर 2026 को उम्मीद जताई कि दिग्गज असमिया गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले की सुनवाई कर रही फास्ट ट्रैक अदालत न्याय सुनिश्चित करेगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब गुवाहाटी में जनदबाव लगातार बढ़ रहा है और दिवंगत गायक की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग तथा उनके प्रशंसक संगठन विरोध-प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।

मुख्यमंत्री का बयान

विरोध-प्रदर्शनों पर पूछे गए सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया कि सरकार गुवाहाटी उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों पर कोई टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं है। हालाँकि, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही सुनवाई पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट से हमें सही न्याय मिलेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका इस मामले को गंभीरता से ले रही है और विधिवत सुनवाई की जा रही है।

घटनाक्रम: सिंगापुर से गुवाहाटी तक

19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के दौरान लैजरस आइलैंड पर तैरते हुए गायक जुबीन गर्ग की मौत हो गई थी। घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठते ही असम में तीव्र जन-आक्रोश भड़क उठा। इसके बाद असम सरकार ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया, जिसने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। गौरतलब है कि यह मामला केवल एक सेलिब्रिटी की मौत तक सीमित नहीं रहा — इसने आयोजन प्रबंधन में जवाबदेही के व्यापक सवाल भी खड़े किए।

चार्जशीट और आरोप

एसआईटी की जाँच के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महंत, गायक के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, सह-गायिका अमृतप्रभा महंत और संगीतकार शेखरज्योति गोस्वामी पर हत्या का आरोप लगाया गया है। संदीपन गर्ग पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप है, जबकि सुरक्षाकर्मी नदेश्वर बोरा और परेश बैश्य पर साजिश और आपराधिक विश्वासघात के आरोप लगाए गए हैं।

जमानत और न्यायिक प्रक्रिया

एक अहम घटनाक्रम में, गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने हाल ही में अमृतप्रभा महंत को ₹50,000 के बॉन्ड पर जमानत दे दी। उन्हें 2 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार कर हाफलोंग जेल में रखा गया था और वह इस मामले में जमानत पाने वाली पहली आरोपी हैं। फेस्टिवल आयोजक श्यामकानु महंत की जमानत याचिका पर भी अदालत में सुनवाई जारी है। यह Nवीं बार है जब किसी बड़े सेलिब्रिटी केस में फास्ट ट्रैक प्रक्रिया को लेकर जनता की अपेक्षाएँ और कानूनी जटिलताएँ आमने-सामने आई हैं।

आगे क्या होगा

फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई जारी है और बाकी आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी निर्णय आना शेष है। पूरे असम में दिवंगत गायक के प्रशंसक और नागरिक समाज के समूह निष्पक्ष सुनवाई और त्वरित न्याय की माँग बनाए हुए हैं। इस मामले का अंतिम न्यायिक निर्णय न केवल परिवार के लिए, बल्कि राज्य के सांस्कृतिक जगत के लिए भी निर्णायक माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्वाभाविक है, लेकिन जनता की बेचैनी का सीधा उत्तर नहीं देता। असल सवाल यह है कि सिंगापुर में हुई घटना के बावजूद असम पुलिस और एसआईटी ने हत्या का आरोप किस साक्ष्य-आधार पर लगाया — यह पारदर्शिता अभी तक सार्वजनिक नहीं है। जमानत मिलना शुरू हो गई है, लेकिन मुकदमे की रफ़्तार और साक्ष्यों की मज़बूती पर मुख्यधारा कवरेज कम ध्यान दे रही है। फास्ट ट्रैक कोर्ट से उम्मीद तभी पूरी होगी जब आरोप-पत्र की साक्ष्य-परीक्षा खुली अदालत में टिक सके।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जुबीन गर्ग की मौत कैसे और कहाँ हुई थी?
गायक जुबीन गर्ग की मौत 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर के लैजरस आइलैंड पर नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के दौरान तैरते हुए हुई थी। घटना की परिस्थितियों को लेकर असम में व्यापक जनआक्रोश भड़का और जाँच की माँग उठी।
जुबीन गर्ग मामले में किन लोगों पर हत्या का आरोप है?
एसआईटी ने फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महंत, गायक के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, सह-गायिका अमृतप्रभा महंत और संगीतकार शेखरज्योति गोस्वामी पर हत्या का आरोप लगाया है। संदीपन गर्ग पर गैर-इरादतन हत्या तथा नदेश्वर बोरा और परेश बैश्य पर साजिश और आपराधिक विश्वासघात के आरोप हैं।
CM हिमंता बिस्वा सरमा ने इस मामले पर क्या कहा?
CM सरमा ने 12 अक्टूबर 2026 को कहा कि सरकार हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों पर टिप्पणी नहीं कर सकती, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि 'फास्ट ट्रैक कोर्ट से सही न्याय मिलेगा।' उन्होंने कहा कि न्यायपालिका इस मामले की विधिवत सुनवाई कर रही है।
अमृतप्रभा महंत को जमानत क्यों और कैसे मिली?
गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने अमृतप्रभा महंत को ₹50,000 के बॉन्ड पर जमानत दी। उन्हें 2 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार कर हाफलोंग जेल में रखा गया था और वह इस मामले में जमानत पाने वाली पहली आरोपी हैं।
जुबीन गर्ग केस में आगे क्या होने वाला है?
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई जारी है और बाकी आरोपियों — जिनमें श्यामकानु महंत शामिल हैं — की जमानत याचिकाओं पर निर्णय आना बाकी है। दिवंगत गायक की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग और प्रशंसक संगठन न्याय के लिए विरोध-प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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