जुबीन गर्ग के मामले में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना, रोजाना होगी सुनवाई

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जुबीन गर्ग के मामले में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना, रोजाना होगी सुनवाई

सारांश

असम सरकार ने जुबीन गर्ग की मृत्यु के मामले में विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना की है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

Key Takeaways

  • फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना से न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।
  • मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे न्याय का महत्वपूर्ण कदम बताया।
  • जुबीन गर्ग की मृत्यु को लेकर विवाद और हत्या की साजिश के आरोप उठाए गए हैं।
  • असम पुलिस ने सात व्यक्तियों को आरोपी बनाया है।
  • परिवार और प्रशंसकों की मांग पर सुनवाई तेजी से होगी।

गुवाहाटी, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम सरकार ने प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की मृत्यु के मामले में एक विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना की है, जो प्रतिदिन इस केस की सुनवाई करेगा। इस संबंध में जानकारी मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने साझा की।

सीएम सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इसे न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि इस निर्णय से केस की प्रक्रिया तेज होगी और लंबे समय तक चलने वाली देरी से बचा जा सकेगा।

उन्होंने लिखा, "आज जुबीन गर्ग हत्या मामले में इंसाफ की हमारी सामूहिक कोशिश में एक महत्वपूर्ण चरण है। गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने बक्सा जिले की जिला जज शर्मिला भुयान को फास्ट-ट्रैक कोर्ट का जिम्मा सौंपा है। यह अदालत इस मामले पर रोजाना ट्रायल करेगी, जिससे न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "इस प्रकार की पहल से न्याय व्यवस्था और मजबूत होगी। मैं जस्टिस आशुतोष कुमार और चीफ जस्टिस का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने राज्य सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए इस विशेष अदालत के गठन को मंजूरी दी।"

जुबीन गर्ग की मृत्यु 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में सेंट जॉन्स आइलैंड के समीप समुद्र में डूबने से हुई थी। प्रारंभ में इसे स्कूबा डाइविंग दुर्घटना माना गया, लेकिन बाद में पता चला कि वे लाइफ जैकेट के बिना तैर रहे थे और बेहोश होकर डूब गए। हालांकि, उनकी मौत को लेकर विवाद और हत्या की साजिश के आरोप भी उठे, जिसके कारण विस्तृत जांच की मांग की गई।

असम पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच के बाद दाखिल चार्जशीट में कुल सात व्यक्तियों को आरोपी बनाया है। इनमें से चार व्यक्तियों पर हत्या के आरोप लगाए गए हैं, जिनमें एक इवेंट आयोजक, गर्ग के मैनेजर, एक बैंड सदस्य और एक सह-गायक शामिल हैं। इन पर गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

वहीं, गर्ग के एक रिश्तेदार, जो असम पुलिस में अधिकारी रह चुके हैं, पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से ही जुबीन गर्ग के परिवार और उनके प्रशंसक लगातार मांग कर रहे थे कि मामले की सुनवाई तेजी से हो। इस प्रकार फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन उनके लिए एक राहत भरी खबर मानी जा रही है।

Point of View

बल्कि समाज में न्याय व्यवस्था की मजबूती का भी प्रतीक है।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

जुबीन गर्ग की मृत्यु कैसे हुई?
जुबीन गर्ग की मृत्यु 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में सेंट जॉन्स आइलैंड के पास समुद्र में डूबने से हुई।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन क्यों किया गया?
फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन न्याय की प्रक्रिया को तेज करने और मामले में लंबी देरी से बचने के लिए किया गया है।
इस मामले में कितने लोग आरोपी हैं?
इस मामले में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से चार पर हत्या के आरोप हैं।
मुख्यमंत्री ने इस फैसले के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और प्रक्रिया के तेज होने की आशा व्यक्त की।
क्या जुबीन गर्ग की मौत पर विवाद है?
हाँ, जुबीन गर्ग की मौत पर विवाद और हत्या की साजिश के आरोप भी उठे हैं, जिसके बाद विस्तृत जांच की मांग की गई।
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