जुबीन गर्ग मौत मामला: आरोपी शेखरज्योति गोस्वामी की जमानत पर फैसला 28 मई तक सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 18 मई 2026 को असमिया गायक जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में आरोपी शेखरज्योति गोस्वामी की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत पर आदेश 28 मई को सुनाया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
शेखरज्योति गोस्वामी जुबीन गर्ग के बैंड के सदस्य थे और लंबे समय तक उनके साथ काम कर चुके हैं। वह पिछले कई महीनों से न्यायिक हिरासत में हैं। 18 मई की सुनवाई में उन्हें अदालत में पेश नहीं किया गया।
गोस्वामी के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल काफी लंबे समय से जेल में हैं और इस आधार पर जमानत दी जानी चाहिए। इसके विपरीत, सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि यह हाई-प्रोफाइल मामला है और जांच अभी भी जारी है, इसलिए आरोपी को इस चरण में जमानत देना उचित नहीं होगा।
मामले की पृष्ठभूमि
यह पूरा प्रकरण 19 सितंबर को सिंगापुर के लाजरस आइलैंड के पास हुई जुबीन गर्ग की मौत से जुड़ा है। तैराकी के दौरान उनकी मृत्यु उस समय हुई जब वे अगले दिन एनईआईएफ बैनर तले एक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले थे।
घटना के बाद असम पुलिस की सीआईडी ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया। गहन जांच के बाद दिसंबर में अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें से चार आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने विधानसभा में इस मामले पर बयान देते हुए इसे सीधा हत्या का मामला करार दिया था। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद यह प्रकरण और अधिक सुर्खियों में आ गया।
गौरतलब है कि सिंगापुर पुलिस ने भी इस मामले की स्वतंत्र जांच की थी। उनकी जांच रिपोर्ट के अनुसार जुबीन गर्ग की मौत में किसी साजिश के सबूत नहीं मिले। हालांकि, असम की जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि विदेशी जांच रिपोर्ट का राज्य में चल रही न्यायिक प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
आगे क्या होगा
अब सभी की निगाहें 28 मई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जब फास्ट ट्रैक कोर्ट शेखरज्योति गोस्वामी की जमानत याचिका पर अपना आदेश सुनाएगी। यह फैसला मामले की आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।