क्या पिछले 11 वर्षों में 56 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले गए हैं?

सारांश
Key Takeaways
- 56 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले गए हैं।
- कुल जमा राशि 2.68 लाख करोड़ रुपए है।
- 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण या अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं।
- 56 प्रतिशत खाते महिलाओं द्वारा खोले गए हैं।
- 38 करोड़ रुपे कार्ड जारी किए गए हैं।
नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने गुरुवार को जानकारी दी कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के अंतर्गत 56 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें कुल जमा राशि 2.68 लाख करोड़ रुपए है।
इस योजना के तहत खोले गए >खातों में से 67 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण या अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं और 56 प्रतिशत जन धन खाते महिलाओं द्वारा खोले गए हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "पीएमजेडीवाई ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) का उपयोग कर विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्रदान करने, ऋण सुविधाएं, सामाजिक सुरक्षा देने और बचत एवं निवेश को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।"
इस योजना के तहत 38 करोड़ रुपे कार्ड भी जारी किए गए हैं, जो 2024-25 तक डिजिटल लेनदेन को 22,198 करोड़ तक बढ़ाने में सहायता कर रहे हैं।
सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि पीओएस और ई-कॉमर्स पर रुपे कार्ड से लेनदेन की संख्या वित्त वर्ष 2017-18 में 67 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 93.85 करोड़ हो गई है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर में बैंक खाता और हर वयस्क को बीमा व पेंशन कवरेज देने के दृष्टिकोण के अनुसार, देश भर में संतृप्ति अभियान चलाए जा रहे हैं।
पीएमजेडीवाई की पहुंच को और अधिक बढ़ाने के लिए ये अभियान 30 सितंबर तक चलेंगे।
राज्य मंत्री ने कहा, "देश की 2.7 लाख ग्राम पंचायतों में से प्रत्येक में कम से कम एक शिविर आयोजित किया जाएगा, जहां पात्र व्यक्ति पीएमजेडीवाई खाते खोल सकते हैं, जनसुरक्षा योजनाओं के तहत नामांकन करा सकते हैं और अपने बैंक खातों में पुनः केवाईसी और नामांकन अपडेट भी करा सकते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हम बैंक खातों में लगभग सैचुरेशन प्राप्त कर चुके हैं और देश भर में बीमा और पेंशन कवरेज में लगातार वृद्धि हुई है।"
प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) खातों में कुल जमा राशि 2,67,756 करोड़ रुपए तक पहुँच गई है, जबकि खातों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है और कुल जमा राशि में लगभग 12 गुना वृद्धि हुई है।