एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर बढ़ेंगी: मध्य पूर्व तनाव घटा, ईंधन सस्ता हुआ
सारांश
मुख्य बातें
एयर इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर कैंपबेल विल्सन ने एक आंतरिक मेमो में संकेत दिया है कि मध्य पूर्व में तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान युद्ध से प्रभावित एयरस्पेस के फिर से खुलने के बाद एयरलाइन कुछ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानें बहाल करने पर विचार कर रही है। विमान ईंधन की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट ने भी इस निर्णय को आसान बनाया है। 28 जून 2026 को सामने आए इस मेमो के अनुसार, एयरलाइन हाल के महीनों में की गई टाइमटेबल कटौतियों को वापस लेने की स्थिति में आ सकती है।
मार्गों में कटौती क्यों हुई थी
जून से अगस्त के बीच एयर इंडिया ने कई अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ान संचालन घटाया था। मध्य पूर्व के एयरस्पेस पर लगी पाबंदियों के कारण यूरोप और अमेरिका जाने वाले विमानों को लंबे वैकल्पिक रास्ते अपनाने पड़ रहे थे, जिससे ईंधन खर्च बढ़ गया और कई मार्ग आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो गए थे। एयरलाइन का कहना है कि शेड्यूल में बदलाव का मकसद यात्रियों को आखिरी वक्त की परेशानियों से बचाना और नेटवर्क की स्थिरता बनाए रखना था — इस दौरान भी पाँच महाद्वीपों में हर महीने 1,200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जारी रहीं।
विल्सन का मेमो: क्या कहा
विल्सन ने मेमो में लिखा, 'मध्य पूर्व में युद्ध कम हो गया है। हालांकि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि हालात फिर से खराब नहीं होंगे, लेकिन माहौल शांत होने से ज़्यादा एयरस्पेस उपलब्ध हुआ है और ईंधन की कीमतें भी काफी कम हुई हैं। अगर यह ट्रेंड जारी रहता है, तो हाल के महीनों में टाइमटेबल में की गई कुछ कटौतियों को वापस लिया जा सकता है।'
यह बयान एयरलाइन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और ईंधन लागत दोनों ने एक साथ भारतीय एयरलाइनों के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को प्रभावित किया था।
बेड़े का विस्तार और नए मार्ग
विल्सन ने बताया कि इस साल एयर इंडिया के बेड़े में आठ और नए या रिफर्बिश्ड वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट शामिल होने की उम्मीद है। एक बोइंग 787-8 को रेट्रोफिटिंग के लिए भेजा जा रहा है, जबकि एक नया बोइंग 787-9 इसी सप्ताहांत भारत पहुँचने वाला है।
एयरलाइन ने दिल्ली-हनेडा के बीच डेली सर्विस और मुंबई-टोक्यो हनेडा के बीच हफ्ते में चार नॉन-स्टॉप उड़ानें शुरू कर अपना नेटवर्क पहले ही बढ़ा लिया है।
नवी मुंबई एयरपोर्ट से पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान
विल्सन के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस अगले महीने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अबू धाबी के लिए पहली सीधी अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ान शुरू करने वाली पहली एयरलाइन बनेगी। इसके साथ ही अगस्त में पुणे-अमृतसर घरेलू सर्विस और गुवाहाटी से दुबई व अबू धाबी के लिए पहली सीधी उड़ानें भी शुरू होंगी।
जून में रिकॉर्ड परिचालन प्रदर्शन
विल्सन ने बताया कि जून 2026 एयर इंडिया के लिए परिचालन के लिहाज से अब तक का सबसे अच्छा महीना रहा। कुल मिलाकर 86 प्रतिशत उड़ानें समय पर रहीं, जबकि घरेलू उड़ानों की समय-पालन दर रिकॉर्ड 90 प्रतिशत तक पहुँच गई। यह आँकड़ा एयरलाइन के पुनरुद्धार की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। आने वाले महीनों में नए विमानों के जुड़ने और मार्गों के विस्तार के साथ एयर इंडिया की वैश्विक उपस्थिति और मज़बूत होने की उम्मीद है।