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आकाश अंबानी बोले — PM मोदी का डिजिटल विजन जियो और पूरे क्षेत्र का मार्गदर्शक

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आकाश अंबानी बोले — PM मोदी का डिजिटल विजन जियो और पूरे क्षेत्र का मार्गदर्शक

सारांश

IMC 2026 में आकाश अंबानी ने PM मोदी के डिजिटल मिशन को जियो की प्रेरणा बताया और 1,600 LEO सैटेलाइट्स व 23 ग्राउंड स्टेशन की 'सॉवरेन सैटेलाइट कनेक्टिविटी' योजना पेश की। यह ऐसे समय में आया जब भारत में 5G पहले ही हर जिले तक पहुँच चुकी है और मोबाइल इंटरनेट स्पीड 2022 के मुकाबले 10 गुना बढ़ चुकी है।

मुख्य बातें

आकाश अंबानी ने IMC 2026 में PM नरेंद्र मोदी के डिजिटल विजन को जियो और पूरे क्षेत्र का मार्गदर्शक बताया।
जियो ने 1,600 LEO सैटेलाइट्स और देशभर में 23 ग्राउंड स्टेशन स्थापित करने की 'सॉवरेन सैटेलाइट कनेक्टिविटी' योजना प्रस्तुत की।
PM मोदी ने बताया कि देश के हर जिले तक 5G पहुँच चुकी है और 5.5 लाख से अधिक 5G बेस स्टेशन स्थापित हो चुके हैं।
मोबाइल इंटरनेट की गति 2022 की तुलना में लगभग 10 गुना बढ़ी।
IMC 2026 का आयोजन 7 से 10 अक्टूबर 2026 तक यशोभूमि, नई दिल्ली में DoT और COAI द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
जियो ने हाल ही में अपने 10 वर्ष पूरे किए।

रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के चेयरमैन आकाश अंबानी ने 8 अक्टूबर 2026 को इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डिजिटल उद्योग के विकास को लेकर दृष्टिकोण पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा और दिशा का स्रोत बना हुआ है। नई दिल्ली के यशोभूमि परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में अंबानी ने जियो की दशक-लंबी यात्रा और आगामी सैटेलाइट कनेक्टिविटी योजनाओं का भी विवरण दिया।

आकाश अंबानी का बयान

अंबानी ने कहा, 'डिजिटल उद्योग के लिए प्रधानमंत्री का मिशन हमें लगातार प्रेरित करता है और हमें पहले से कहीं अधिक आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। सबसे बड़ा संदेश यही रहा है कि हमें तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनना है और जियो उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।' उन्होंने रेखांकित किया कि जियो का उद्देश्य केवल उपभोक्ताओं को नई सेवाएँ देना नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक तकनीकी निर्माण का केंद्र बनाना है।

जियो के 10 वर्ष और सैटेलाइट विजन

अंबानी ने बताया कि जियो ने हाल ही में अपने 10 वर्ष पूरे किए हैं और इस दशक में भारत की डिजिटल कनेक्टिविटी को नई दिशा देने में कंपनी की भूमिका उल्लेखनीय रही है। इस अवसर पर जियो ने अपनी महत्वाकांक्षी 'सॉवरेन सैटेलाइट कनेक्टिविटी' पहल का प्रदर्शन किया, जिसके तहत लगभग 1,600 लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स का एक समूह तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही देशभर में 23 ग्राउंड स्टेशन स्थापित करने की योजना है।

इस पहल के तहत डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, इंटीग्रेशन, लॉन्च और संचालन सहित पूरी वैल्यू चेन को भारत के भीतर ही बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य उन दूरदराज़ क्षेत्रों तक इंटरनेट और डिजिटल सेवाएँ पहुँचाना है जहाँ पारंपरिक नेटवर्क स्थापित करना कठिन रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब स्टारलिंक और अन्य वैश्विक LEO ऑपरेटर भी भारतीय बाज़ार में प्रवेश की कोशिश कर रहे हैं।

PM मोदी का उद्घाटन भाषण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IMC 2026 के 10वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत का दूरसंचार क्षेत्र अब केवल नेटवर्क और स्पेक्ट्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सुशासन का एक अहम माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन अब सुशासन का प्रभावी साधन बन गया है।

मोदी ने बताया कि देश के प्रत्येक जिले तक 5G कनेक्टिविटी पहुँच चुकी है और अब तक देशभर में 5.5 लाख से अधिक 5G बेस स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि 2022 की तुलना में मोबाइल इंटरनेट की गति लगभग 10 गुना बढ़ चुकी है — यह आँकड़ा भारत के डिजिटल बुनियादी ढाँचे के तीव्र विस्तार का संकेत है।

IMC 2026 का आयोजन

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का आयोजन 7 से 10 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि परिसर में हो रहा है। इसे दूरसंचार विभाग (DoT) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) संयुक्त रूप से आयोजित कर रहे हैं। गौरतलब है कि IMC भारत का सबसे बड़ा टेलीकॉम और प्रौद्योगिकी मंच है, जो देश की डिजिटल नीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

आगे की राह

जियो की LEO सैटेलाइट योजना और 5G के व्यापक विस्तार के साथ, भारत वैश्विक डिजिटल पटल पर अपनी स्थिति और मज़बूत करने की ओर अग्रसर है। अब देखना यह होगा कि 'सॉवरेन सैटेलाइट कनेक्टिविटी' की समयसीमा और क्रियान्वयन किस गति से आगे बढ़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो IMC जैसे सरकार-संचालित मंच पर स्वाभाविक भी है — परंतु इसे महज़ शिष्टाचार नहीं माना जाना चाहिए। जियो की 'सॉवरेन सैटेलाइट कनेक्टिविटी' योजना दरअसल नीतिगत समर्थन और नियामकीय अनुकूलता की माँग करती है, और मोदी की सार्वजनिक सराहना उस दिशा में एक रणनीतिक कदम भी हो सकती है। दूसरा पहलू यह है कि LEO सैटेलाइट बाज़ार में प्रतिस्पर्धा तेज़ है — जियो की यह घोषणा कब परिचालन रूप लेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। 5G के हर जिले तक पहुँचने के आँकड़े उत्साहजनक हैं, लेकिन कवरेज और वास्तविक उपयोगकर्ता अनुभव के बीच की खाई को पाटना अभी बाकी है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आकाश अंबानी ने IMC 2026 में PM मोदी के बारे में क्या कहा?
आकाश अंबानी ने कहा कि डिजिटल उद्योग के लिए PM मोदी का मिशन जियो और पूरे क्षेत्र को लगातार प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि जियो का लक्ष्य भारत को तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनाना है।
जियो की 'सॉवरेन सैटेलाइट कनेक्टिविटी' योजना क्या है?
यह जियो की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसके तहत लगभग 1,600 लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स का समूह तैयार किया जाएगा और देशभर में 23 ग्राउंड स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य दूरदराज़ के उन क्षेत्रों तक इंटरनेट पहुँचाना है जहाँ पारंपरिक नेटवर्क संभव नहीं है, और पूरी वैल्यू चेन भारत में ही रखी जाएगी।
भारत में 5G की मौजूदा स्थिति क्या है?
PM मोदी ने IMC 2026 में बताया कि देश के हर जिले तक 5G कनेक्टिविटी पहुँच चुकी है और 5.5 लाख से अधिक 5G बेस स्टेशन स्थापित हो चुके हैं। 2022 की तुलना में मोबाइल इंटरनेट की गति लगभग 10 गुना बढ़ चुकी है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 कब और कहाँ हो रहा है?
IMC 2026 का आयोजन 7 से 10 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि परिसर में हो रहा है। इसे दूरसंचार विभाग (DoT) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) संयुक्त रूप से आयोजित कर रहे हैं।
जियो ने हाल ही में कौन-सी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है?
जियो ने हाल ही में अपनी स्थापना के 10 वर्ष पूरे किए हैं। आकाश अंबानी के अनुसार, इस दशक में कंपनी ने भारत की डिजिटल कनेक्टिविटी को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है।
राष्ट्र प्रेस
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