अमेजन का भारत में ₹4 लाख करोड़ से अधिक निवेश का ऐलान, PM मोदी बोले — युवाओं के लिए खुलेंगे नए द्वार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जून 2025 को अमेजन के 48 अरब डॉलर (लगभग ₹4 लाख करोड़) के भारत-निवेश की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम देश के युवाओं के लिए रोज़गार और अवसरों के नए रास्ते खोलेगा। साथ ही, उन्होंने इसे वैश्विक निवेशकों के भारत पर बढ़ते भरोसे का प्रमाण बताया।
मोदी-जेसी मुलाकात और घोषणा की पृष्ठभूमि
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेजन के सीईओ एंडी जेसी की पोस्ट को उद्धृत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, 'एंडी जेसी के साथ बैठक शानदार रही। मैं भारत में अमेजन के रिकॉर्ड 48 अरब डॉलर के निवेश का स्वागत करता हूँ। इससे हमारे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, यह भारत में निवेश करने के लिए दुनिया भर में बढ़ती दिलचस्पी को भी दिखाता है।'
जेसी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अमेजन के भारत में भविष्य की योजनाओं को लेकर हुई मुलाकात बेहद अच्छी रही। हम एक दशक से अधिक समय से भारत में ग्राहकों, विक्रेताओं, डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और उद्योगों को सेवाएँ दे रहे हैं और अभी हमारी यात्रा की शुरुआत ही हुई है।'
निवेश का ब्यौरा: AI और क्लाउड पर सबसे बड़ा दांव
जेसी के अनुसार, आगामी पाँच वर्षों में कंपनी 48 अरब डॉलर भारत में लगाएगी, जिसमें से 21 अरब डॉलर से अधिक केवल AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में निवेश किया जाएगा। अमेजन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 2026 से 2030 के बीच होने वाला यह निवेश भारत में AI और क्लाउड क्षेत्र के सबसे बड़े वैश्विक निवेशों में से एक होगा।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत तेज़ी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है और सरकार AI-संचालित विकास को नीतिगत प्राथमिकता दे रही है।
रोज़गार और निर्यात के लक्ष्य
जेसी ने स्पष्ट किया कि 2030 तक अमेजन की योजना 38 लाख नौकरियाँ उपलब्ध कराने, 80 अरब डॉलर के ई-कॉमर्स निर्यात को सक्षम बनाने और 1.5 करोड़ छोटे व्यवसायों तथा 40 लाख सरकारी स्कूल छात्रों तक AI के लाभ पहुँचाने की है।
यह लक्ष्य भारत के MSME क्षेत्र और डिजिटल शिक्षा दोनों के लिए दूरगामी असर रखते हैं। विशेष रूप से सरकारी स्कूलों तक AI पहुँचाने की प्रतिबद्धता इस निवेश को महज़ व्यावसायिक कदम से आगे ले जाती है।
वैश्विक संदर्भ और भारत की स्थिति
अमेजन का यह निवेश ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, यूरोप और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है और भारत खुद को एक वैकल्पिक वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बड़े निवेशों के वास्तविक रोज़गार परिणामों की स्वतंत्र निगरानी ज़रूरी है ताकि घोषणाएँ ज़मीन पर उतरें।
आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि अमेजन अपने AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कहाँ-कहाँ डेटा सेंटर स्थापित करती है और स्थानीय स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के साथ किस तरह का सहयोग बनाती है।