29 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जियो प्लेटफॉर्म्स लिस्टिंग पर अनंत अंबानी ने PM मोदी के 'डिजिटल इंडिया' विजन को सराहा, 'विकसित भारत' की प्रतिबद्धता दोहराई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जियो प्लेटफॉर्म्स लिस्टिंग पर अनंत अंबानी ने PM मोदी के 'डिजिटल इंडिया' विजन को सराहा, 'विकसित भारत' की प्रतिबद्धता दोहराई

सारांश

जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग महज एक कॉर्पोरेट घटना नहीं थी — अनंत अंबानी ने इसे 'पूजा' और 'प्रसाद' की उपमा देकर जन-समर्पण का रूप दिया। PM मोदी के 'डिजिटल इंडिया' विजन को श्रेय देते हुए उन्होंने 'विकसित भारत' के साथ रिलायंस की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

मुख्य बातें

अनंत अंबानी ने 28 अक्टूबर 2026 को जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग पर PM नरेंद्र मोदी के 'डिजिटल इंडिया' विजन को जियो की सफलता का आधार बताया।
उन्होंने कहा कि रिलायंस समूह 'विकसित भारत' के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका जारी रखेगा।
स्टॉक एक्सचेंज की घंटी को मंदिर की घंटी की उपमा देते हुए उन्होंने इस उपलब्धि को करोड़ों भारतीय ग्राहकों को समर्पित किया।
यह टिप्पणियाँ मुकेश अंबानी के 2016 के उस रुख की पुनरावृत्ति हैं, जब जियो सेवाएँ 'डिजिटल इंडिया' को समर्पित की गई थीं।
अनंत अंबानी ने संस्थापक धीरूभाई अंबानी की विरासत और मुकेश अंबानी की दूरदृष्टि को भी याद किया।

अनंत अंबानी ने 28 अक्टूबर 2026 को जियो प्लेटफॉर्म्स की स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'डिजिटल इंडिया' विजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि इसी विजन ने जियो की यात्रा को एक सुनिश्चित उद्देश्य दिया। मुंबई में आयोजित इस समारोह में उन्होंने 'विकसित भारत' के निर्माण में रिलायंस समूह की निरंतर भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता भी जताई।

लिस्टिंग समारोह में अनंत अंबानी का संबोधन

लिस्टिंग के इस ऐतिहासिक मौके पर अनंत अंबानी ने कहा, 'हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हैं। 'डिजिटल इंडिया' के उनके विजन ने ही जियो को उसका उद्देश्य दिया और हमें उनका निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन मिलता रहा है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत' के स्वप्न को साकार करने में रिलायंस समूह आगे भी अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।

मुकेश अंबानी के 2016 के रुख की पुनरावृत्ति

गौरतलब है कि ये टिप्पणियाँ रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के उस दृष्टिकोण की पुनरावृत्ति हैं, जिसे उन्होंने 2016 में जियो की सेवाओं की शुरुआत के समय सामने रखा था। उस समय मुकेश अंबानी ने जियो की सेवाओं को 'डिजिटल इंडिया' पहल के प्रति समर्पित किया था और करोड़ों भारतीयों को किफायती डिजिटल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के मिशन पर विशेष जोर दिया था। यह ऐसे समय में आया है जब दूरसंचार और डिजिटल क्षेत्र में रिलायंस की पकड़ पहले से कहीं अधिक मजबूत हो चुकी है।

आध्यात्मिक उपमा और जन-समर्पण का संदेश

अनंत अंबानी ने इस मील के पत्थर को केवल व्यावसायिक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक सामाजिक दायित्व के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि स्टॉक एक्सचेंज की घंटी बजना उन्हें मंदिर की घंटी के समान प्रतीत हुई, और व्यापार भी एक प्रकार की पूजा है — जिसका समापन 'प्रसाद' के वितरण से होता है। उनके शब्दों में, 'आज जियो को पूरे भारत के साथ साझा किया जा रहा है।' उन्होंने यह उपलब्धि उन करोड़ों भारतीयों को समर्पित की, जिन्होंने जियो की स्थापना से ही उस पर विश्वास जताया।

धीरूभाई और मुकेश अंबानी की विरासत

रिलायंस की जड़ों को याद करते हुए अनंत अंबानी ने कंपनी के संस्थापक धीरूभाई अंबानी के सपनों का उल्लेख किया, जिन्होंने यह सिद्ध कर दिखाया था कि एक आम भारतीय भी असाधारण लक्ष्य प्राप्त कर सकता है। उनके पिता मुकेश अंबानी ने इस दूरदृष्टि को आगे बढ़ाते हुए एक ऐसे भारत का सपना संजोया जो किसी भी सीमा में न बंधा हो। ग्राहकों और शेयरधारकों को संबोधित करते हुए उन्होंने दोहराया कि जियो का निर्माण भारत के लोगों ने ही किया है और उनकी अपेक्षाओं को पूरा करना कंपनी का सर्वोच्च लक्ष्य बना रहेगा।

आगे की दिशा

जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में एक बड़े पुनर्गठन का संकेत है। रिलायंस समूह ने स्पष्ट किया है कि वह डिजिटल अवसंरचना, सस्ती कनेक्टिविटी और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता को और गहरा करेगा — जो 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ सीधे संरेखित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें बड़े कारोबारी घराने अपनी व्यावसायिक उपलब्धियों को सरकारी नीति के साथ जोड़कर प्रस्तुत करते हैं। यह उल्लेखनीय है कि जियो ने वास्तव में भारत में सस्ती इंटरनेट क्रांति लाई — परंतु 'डिजिटल इंडिया' और जियो की व्यावसायिक सफलता के बीच कारण-कार्य संबंध कहीं अधिक जटिल है। असली प्रश्न यह है कि जियो की लिस्टिंग से आम शेयरधारकों और ग्राहकों को दीर्घकालिक लाभ कितना मिलेगा — 'प्रसाद' की उपमा से परे, संख्याएँ क्या कहती हैं, यह देखना बाकी है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंत अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स लिस्टिंग पर क्या कहा?
अनंत अंबानी ने 28 अक्टूबर 2026 को जियो प्लेटफॉर्म्स की स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग के अवसर पर PM मोदी के 'डिजिटल इंडिया' विजन को जियो की सफलता का मूल आधार बताया। उन्होंने 'विकसित भारत' के निर्माण में रिलायंस की निरंतर प्रतिबद्धता भी दोहराई।
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग क्यों महत्वपूर्ण है?
जियो प्लेटफॉर्म्स की स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में एक बड़े पुनर्गठन का संकेत है। इससे आम निवेशकों को भारत के सबसे बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी का अवसर मिलता है।
'डिजिटल इंडिया' और जियो का संबंध क्या है?
2016 में जियो की सेवाओं की शुरुआत के समय रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इन्हें 'डिजिटल इंडिया' पहल को समर्पित किया था। अनंत अंबानी ने इस परंपरा को 2026 की लिस्टिंग पर भी दोहराया, यह कहते हुए कि 'डिजिटल इंडिया' विजन ने ही जियो को उसका उद्देश्य प्रदान किया।
धीरूभाई अंबानी की विरासत का जियो से क्या संबंध है?
अनंत अंबानी ने लिस्टिंग समारोह में धीरूभाई अंबानी का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने यह सिद्ध कर दिखाया था कि एक आम भारतीय भी असाधारण लक्ष्य हासिल कर सकता है। मुकेश अंबानी ने इस दूरदृष्टि को आगे बढ़ाते हुए जियो का निर्माण किया, जिसे अब अनंत अंबानी की पीढ़ी आगे ले जा रही है।
अनंत अंबानी ने स्टॉक एक्सचेंज की घंटी को किससे जोड़ा?
अनंत अंबानी ने स्टॉक एक्सचेंज की घंटी बजने की तुलना मंदिर की घंटी से की। उन्होंने कहा कि व्यापार भी एक प्रकार की पूजा है, और इस पूजा का 'प्रसाद' — अर्थात जियो — आज पूरे भारत के साथ साझा किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले