क्या आंध्र प्रदेश में काकीनाडा में भारत का पहला ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट शुरू होगा?

Click to start listening
क्या आंध्र प्रदेश में काकीनाडा में भारत का पहला ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट शुरू होगा?

सारांश

आंध्र प्रदेश में काकीनाडा में भारत का पहला ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है, जिसमें 8,000 नौकरियां पैदा होंगी। इस परियोजना के माध्यम से भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्लीन एनर्जी एक्सपोर्टर के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।

Key Takeaways

  • भारत का पहला ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट
  • 10 बिलियन डॉलर का निवेश
  • 8,000 नौकरियों का सृजन
  • क्लीन एनर्जी एक्सपोर्टर के रूप में पहचान
  • 2030 तक 1.5 मिलियन टन का उत्पादन

अमरावती, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली सरकार ने शुक्रवार को यह ऐलान किया है कि राज्य में भारत का पहला और दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन अमोनिया संयंत्र स्थापित किया जाएगा।

एएम ग्रीन काकीनाडा में 1.5 मिलियन टन प्रति वर्ष की योजना क्षमता वाला ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया कॉम्प्लेक्स स्थापित कर रहा है।

इस संयंत्र के पहले महत्वपूर्ण उपकरण की स्थापना का समारोह शनिवार को आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भाग लेंगे।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस परियोजना में कुल 10 बिलियन डॉलर का निवेश किया जाएगा, जो भारत में अब तक का सबसे बड़ा क्लीन-एनर्जी निवेश है।

यह परियोजना निर्माण के दौरान 8,000 नौकरियों का सृजन करेगी और संचालन के दौरान भी संबंधित उद्योगों में उच्च कौशल वाली नौकरियों का निर्माण करेगी।

भारत के इतिहास में पहली बार, ग्रीन ऊर्जा के अणुओं को जर्मनी, जापान और सिंगापुर जैसे वैश्विक बाजारों में निर्यात किया जाएगा, जिससे भारत और आंध्र प्रदेश को क्लीन एनर्जी एक्सपोर्टर के रूप में एक मजबूत स्थिति प्राप्त होगी।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नरेश लोकेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि आंध्र प्रदेश ग्रीन एनर्जी का सऊदी अरब बनने के करीब पहुंच जाएगा।

यह परियोजना मौजूदा अमोनिया-यूरिया कॉम्प्लेक्स के ब्राउनफील्ड परिवर्तन के माध्यम से विकसित की जा रही है।

यह परियोजना तीन चरणों में शुरू होगी और 2030 तक 1.5 मिलियन टन प्रति वर्ष की क्षमता तक पहुंच जाएगी।

एएम ग्रीन ने पहले ही यूनिपर (जर्मनी) सहित प्रमुख कंपनियों के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते किए हैं और जापान तथा सिंगापुर की बड़ी कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है।

काकीनाडा से ग्रीन अमोनिया का उपयोग विश्वभर में क्लीन शिपिंग फ्यूल, बिजली उत्पादन और ग्रीन हाइड्रोजन के रूप में किया जाएगा, जो कि अंतरराष्ट्रीय डीकार्बनाइजेशन लक्ष्यों को समर्थन देगा।

यह परियोजना आंध्र प्रदेश की क्षमता को दर्शाती है कि वह एक ही राज्य से पूरी क्लीन एनर्जी वैल्यू चेन प्रदान कर सकता है।

इस एकीकृत प्रणाली में 7.5 किलोवॉट सौर और 2 किलोवॉट 24 घंटे की नवीकरणीय बिजली शामिल है, जिसे पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज से समर्थन मिलेगा, जिसमें पिन्नापुरम में भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट भी शामिल है।

Point of View

बल्कि यह भारत को वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक नई पहचान दिलाने का अवसर भी प्रदान करता है। यह क्लीन एनर्जी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा।
NationPress
16/01/2026

Frequently Asked Questions

काकीनाडा में ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट कब शुरू होगा?
यह प्रोजेक्ट तीन चरणों में शुरू होगा और 2030 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है।
इस प्रोजेक्ट से कितनी नौकरियां मिलेंगी?
इस परियोजना के निर्माण के दौरान लगभग 8,000 नौकरियों का सृजन होगा।
इस प्रोजेक्ट का कुल निवेश कितना है?
इस प्रोजेक्ट में कुल 10 बिलियन डॉलर का निवेश किया जा रहा है।
क्या यह प्रोजेक्ट केवल आंध्र प्रदेश के लिए है?
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत को एक क्लीन एनर्जी एक्सपोर्टर बनाना है।
ग्रीन अमोनिया का उपयोग कहाँ किया जाएगा?
ग्रीन अमोनिया का उपयोग क्लीन शिपिंग फ्यूल, बिजली उत्पादन, और ग्रीन हाइड्रोजन के रूप में किया जाएगा।
Nation Press