वाराणसी में अरविंद लिमिटेड की गारमेंट यूनिट का उद्घाटन, ₹150 करोड़ निवेश से 1,000+ को रोज़गार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को वाराणसी में अरविंद लिमिटेड की अत्याधुनिक गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन किया। ₹150 करोड़ के निवेश से स्थापित यह इकाई उत्तर प्रदेश में अरविंद लिमिटेड की पहली विनिर्माण इकाई है और इससे 1,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोज़गार मिलने की उम्मीद है, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की होगी।
संयंत्र की मुख्य विशेषताएँ
यह ग्रीनफील्ड परियोजना 5.5 एकड़ भूमि पर विस्तृत है और इसका कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 65,000 वर्ग फुट है। संयंत्र में उन्नत स्वचालित सिलाई तकनीक के ज़रिये निटवियर परिधानों का निर्माण किया जाएगा। संयंत्र की संभावित राजस्व क्षमता ₹250 करोड़ आँकी गई है।
यह इकाई कंपनी के गारमेंटिंग व्यवसाय के विस्तार और वर्टिकल इंटीग्रेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है — जिसके तहत अरविंद अपने स्वयं के निटेड फैब्रिक से तैयार परिधान बना सकेगी। इससे मौजूदा ग्राहकों को अधिक व्यापक उत्पाद श्रृंखला उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उद्घाटन समारोह और उपस्थित गणमान्य
समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अरविंद लिमिटेड के चेयरमैन संजय लालभाई, वाइस चेयरमैन पुनीत लालभाई और वाइस चेयरमैन कुलिन लालभाई ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
प्रधानमंत्री ने कंपनी के पदाधिकारियों के साथ विनिर्माण इकाई का भ्रमण किया और वहाँ उपलब्ध आधुनिक उत्पादन सुविधाओं का अवलोकन किया। चेयरमैन संजय लालभाई ने कहा, 'प्रधानमंत्री के हाथों इस इकाई का उद्घाटन होना कंपनी के लिए गौरव का विषय है।' उन्होंने यह भी कहा कि 1897 में अपनी स्थापना के बाद से लालभाई समूह का इतिहास भारत की औद्योगिक प्रगति से गहराई से जुड़ा रहा है।
रोज़गार और स्थानीय आर्थिक प्रभाव
वाइस चेयरमैन पुनीत लालभाई के अनुसार, भारत परिधान विनिर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर बढ़ने से कामगारों को अपने गृह क्षेत्रों के आसपास काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे पलायन की समस्या में भी कमी आ सकती है।
गौरतलब है कि यह इकाई आपूर्ति श्रृंखला, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय सेवाओं से जुड़े कारोबार को भी प्रोत्साहित करेगी। कंपनी ने कर्मचारियों की आवासीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समर्पित श्रमिक हॉस्टल भी स्थापित किए हैं।
वैश्विक बाज़ार में अवसर
वाइस चेयरमैन कुलिन लालभाई ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेज़ी से देश के प्रमुख विनिर्माण गंतव्यों में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। हाल ही में संपन्न मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के बाद यूरोप और ब्रिटेन के बाज़ारों में उपलब्ध नए अवसरों का लाभ उठाने में भी इस इकाई की महत्वपूर्ण भूमिका रहने की उम्मीद है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक परिधान आपूर्ति श्रृंखला में चीन के विकल्प के रूप में उभरने की कोशिश कर रहा है। संयंत्र में स्थापित उन्नत स्वचालित उत्पादन प्रणालियाँ उत्पादकता बढ़ाने और गुणवत्ता में एकरूपता सुनिश्चित करने में सहायक होंगी।
उत्तर प्रदेश के लिए महत्व
यह निवेश उत्तर प्रदेश को टेक्सटाइल और अपैरल विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राज्य में बुनियादी ढाँचे के विकास, औद्योगिक विस्तार और कौशल विकास पर दिए जा रहे ज़ोर ने उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार और कौशल विकास के अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।