GECF शिखर सम्मेलन: ईरान रूस और गैस निर्यातक देशों संग सहयोग बढ़ाएगा, मॉस्को में बोले हामिद बोवार्ड
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के कार्यवाहक तेल मंत्री हामिद बोवार्ड ने घोषणा की है कि ईरान गैस क्षेत्र में रूस और गैस निर्यातक देशों के मंच (GECF) के सदस्य देशों के साथ सहयोग को नई ऊँचाई पर ले जाने की तैयारी में है। मॉस्को में आयोजित होने वाले GECF के आठवें शिखर सम्मेलन में भाग लेने रवाना होते हुए बोवार्ड ने कहा कि इस सहयोग का मुख्य केंद्र गैस क्षेत्रों का विकास, गैस विनिमय और निर्यात नीतियों में बेहतर समन्वय होगा।
मुख्य घटनाक्रम
बोवार्ड रविवार, 26 अक्टूबर को मॉस्को रवाना हुए। वे पहले GECF की 28वीं मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे, जो सोमवार को निर्धारित है। इसके एक दिन बाद मंगलवार को राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों का शिखर सम्मेलन आयोजित होगा।
रविवार को GECF की कार्यकारी बोर्ड बैठक भी प्रस्तावित थी, जिसकी अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय मामलों और व्यापार के लिए ईरान के उप तेल मंत्री अली-मोहम्मद मौसवी करने वाले थे। इसी दिन वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष बैठक भी रखी गई थी, जिसका उद्देश्य शिखर सम्मेलन के महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों — सहित अंतिम घोषणापत्र — को अंतिम रूप देना है।
ईरान की प्राथमिकताएँ
बोवार्ड के अनुसार, ईरान इस सम्मेलन में अपनी प्राथमिकताएँ और दृष्टिकोण प्रस्तुत करेगा। साथ ही विभिन्न देशों के ऊर्जा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करेगा।
उन्होंने बताया कि शिखर सम्मेलन में युद्ध के दौरान ऊर्जा ढाँचे की सुरक्षा, गैस विनिमय को बढ़ावा देने, एक साझा गैस बाज़ार की संभावनाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात नीतियों में तालमेल जैसे संवेदनशील मुद्दे भी उठाए जाने चाहिए। गौरतलब है कि यूक्रेन संघर्ष के बाद वैश्विक ऊर्जा ढाँचे पर साइबर और भौतिक हमलों की आशंका बढ़ी है, जिससे यह मुद्दा विशेष प्रासंगिकता रखता है।
ईरान-रूस ऊर्जा संबंध
बोवार्ड ने स्पष्ट किया कि ईरान के रूसी ऊर्जा कंपनियों के साथ मज़बूत संबंध हैं। गैस और ऊर्जा क्षेत्रों के विकास के लिए दोनों पक्षों के बीच कई समझौते पहले ही किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, दोनों देशों के बीच गैस विनिमय को लेकर भी बातचीत जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच ईरान और रूस दोनों ही वैकल्पिक ऊर्जा साझेदारियाँ तलाश रहे हैं।
GECF का वैश्विक महत्व
GECF एक अंतर-सरकारी मंच है जो दुनिया के प्रमुख गैस उत्पादक और निर्यातक देशों को एक मंच पर लाता है। इसके 12 पूर्ण सदस्य देशों के पास वैश्विक प्रमाणित प्राकृतिक गैस भंडार का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा है।
ये देश वैश्विक व्यावसायिक गैस उत्पादन का करीब 38 प्रतिशत और दुनिया के कुल गैस निर्यात का लगभग 42 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं। मंच की बैठकों में गैस बाज़ार की स्थिति, ऊर्जा सुरक्षा, मांग-आपूर्ति, LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) के रुझान और निवेश की आवश्यकताओं जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होता है।
आगे क्या होगा
शिखर सम्मेलन की अंतिम घोषणा और मंत्रिस्तरीय बैठक के नतीजे वैश्विक गैस बाज़ार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। विश्लेषकों की नज़र इस बात पर होगी कि क्या ईरान और रूस किसी ठोस गैस विनिमय समझौते की रूपरेखा सामने रखते हैं।