ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन 27 अक्टूबर को मास्को में पुतिन से मिलेंगे, GECF शिखर सम्मेलन की पृष्ठभूमि में अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन 27 अक्टूबर 2026 को मास्को पहुँचेंगे, जहाँ वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार यह यात्रा गैस एक्सपोर्टिंग कंट्रीज़ फोरम (GECF) के 8वें शिखर सम्मेलन के अवसर पर हो रही है। क्षेत्रीय तनाव और दोनों देशों पर पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच यह बैठक कूटनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यात्रा का विवरण और उद्देश्य
रूस में ईरान के राजदूत काजेम जलाली ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति पेजेश्कियन मंगलवार को मास्को आएंगे और वे GECF सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों तथा सरकार प्रमुखों के 8वें शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। जलाली ने बताया कि यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
जलाली के अनुसार, इस बैठक में आर्थिक सहयोग के साथ-साथ भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा होगी। ऊर्जा सहयोग, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषय एजेंडे में प्रमुखता से रहने की संभावना है।
राजनयिक पृष्ठभूमि: लावरोव की ईरान यात्रा
इस यात्रा से ठीक पहले रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इसी सप्ताह ईरान का दौरा किया था। रिपोर्टों के अनुसार, मध्य पूर्व संघर्ष शुरू होने के बाद यह उनकी पहली ईरान यात्रा थी। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को संकेत दिया था कि अगले सप्ताह दोनों देशों के राष्ट्रपतियों की उपस्थिति में बातचीत होगी।
अराघची ने यह भी कहा था कि रूस और ईरान के बीच सहयोग 'पहले से कहीं अधिक मजबूत' है — यह बयान उस गहरी नजदीकी का संकेत है जो दोनों देशों के बीच फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से लगातार बढ़ रही है।
रूस-ईरान संबंध: प्रतिबंधों की पृष्ठभूमि में नजदीकी
गौरतलब है कि दोनों देश अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग विस्तार की कोशिश में हैं। फरवरी 2022 के बाद से ऊर्जा, रक्षा और व्यापार में दोनों देशों का गठजोड़ उल्लेखनीय रूप से गहरा हुआ है।
यह ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत कई महीनों से ठप पड़ी है। अमेरिका और इज़रायल दोनों ने ईरान पर पुनः हमले की धमकियाँ दी हैं, जिससे क्षेत्रीय माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है।
पुतिन की मध्यस्थता की पेशकश
अक्टूबर की शुरुआत में राष्ट्रपति पुतिन ने कहा था कि रूस युद्ध समाप्त कराने के प्रयासों में मध्यस्थता के लिए तैयार है — यह युद्ध कथित तौर पर फरवरी में अमेरिका और इज़रायल के हमलों के बाद शुरू हुआ था। इस संदर्भ में पुतिन-पेजेश्कियन बैठक को क्षेत्रीय तनाव कम करने और संघर्ष-समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या होगा
GECF शिखर सम्मेलन में दर्जनभर से अधिक गैस-निर्यातक देशों के प्रमुख भाग लेंगे, जो वैश्विक ऊर्जा नीति पर एकजुट स्वर बुलंद करने का प्रयास करेंगे। पेजेश्कियन-पुतिन द्विपक्षीय बातचीत के परिणाम न केवल रूस-ईरान संबंधों, बल्कि व्यापक मध्य पूर्व कूटनीति की दिशा भी तय कर सकते हैं।