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रूस-भारत ऊर्जा आयात हर महीने नया रिकॉर्ड, क्रेमलिन प्रवक्ता पेस्कोव का बड़ा खुलासा

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रूस-भारत ऊर्जा आयात हर महीने नया रिकॉर्ड, क्रेमलिन प्रवक्ता पेस्कोव का बड़ा खुलासा

सारांश

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले क्रेमलिन का बड़ा बयान — रूस-भारत ऊर्जा व्यापार हर महीने नया रिकॉर्ड बना रहा है। पुतिन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में मोदी से मिलेंगे। रुपया भुगतान असंतुलन सुलझ रहा है और सुखोई एसयू-57 व दुर्लभ मृदा खनिज सहयोग भी एजेंडे पर हैं।

मुख्य बातें

क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने 8 सितंबर 2026 को कहा कि भारत को रूसी ऊर्जा निर्यात लगभग हर महीने नया रिकॉर्ड बना रहा है।
सटीक आँकड़े सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं किए गए, लेकिन वृद्धि की प्रवृत्ति की पुष्टि की गई।
द्विपक्षीय व्यापार में जमा रुपया भुगतान असंतुलन की समस्या धीरे-धीरे सुलझाई जा रही है।
दुर्लभ मृदा खनिज सहयोग और सुखोई एसयू-57 स्टेल्थ विमान की संभावित बिक्री भी चर्चा के एजेंडे पर है।
राष्ट्रपति पुतिन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और PM मोदी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
पेस्कोव ने राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार को 'डी-डॉलराइजेशन' नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हितों के अनुरूप व्यावहारिक कदम बताया।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने 8 सितंबर 2026 को भारतीय पत्रकारों के साथ वर्चुअल संवाद में स्पष्ट किया कि भारत को रूसी ऊर्जा निर्यात में कोई कमी नहीं आई है, बल्कि द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। यह बातचीत नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुई, जिसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भागीदारी की पुष्टि भी की गई।

ऊर्जा व्यापार में रिकॉर्ड वृद्धि

पेस्कोव ने कहा कि वह सुरक्षा कारणों से सटीक आँकड़े सार्वजनिक नहीं करना चाहते, लेकिन रुझान स्पष्ट है। उनके शब्दों में, 'मैं समझने योग्य कारणों से कोई संख्या नहीं बताना चाहता, लेकिन लगभग हर महीने हम एक नया रिकॉर्ड देख रहे हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी देश रूसी ऊर्जा पर अंकुश लगाने के प्रयास कर रहे हैं, और भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतें पूरी करने के लिए रूसी कच्चे तेल की खरीद बड़े पैमाने पर जारी रखे हुए है।

गौरतलब है कि 2022 में यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत रूस के सबसे बड़े तेल खरीदारों में शुमार हो गया है। तब से यह व्यापार संबंध तेज़ी से विस्तारित हुआ है, जो दोनों देशों के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण बन गया है।

रुपया भुगतान असंतुलन पर सकारात्मक संकेत

द्विपक्षीय व्यापार में लंबे समय से चर्चा का विषय रहे रुपया भुगतान संतुलन के मुद्दे पर पेस्कोव ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने बताया कि जमा हुई रुपये की राशि से जुड़ी समस्याओं का समाधान धीरे-धीरे किया जा रहा है और दोनों पक्ष इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह मुद्दा तब से उलझा हुआ था जब रूस को डॉलर और यूरो-आधारित भुगतान प्रणालियों पर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा था।

दुर्लभ मृदा खनिज और सुखोई एसयू-57 चर्चा में

पेस्कोव ने बताया कि दोनों देश दुर्लभ मृदा खनिजों (रेयर अर्थ्स) की खोज और विकास के क्षेत्र में सहयोग को लेकर बातचीत कर रहे हैं। यह क्षेत्र वैश्विक प्रौद्योगिकी आपूर्ति शृंखला में अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जाता है। इसके अतिरिक्त, रूस के अत्याधुनिक सुखोई एसयू-57 स्टेल्थ लड़ाकू विमान की संभावित बिक्री का विषय भी दोनों देशों के बीच चर्चा के एजेंडे में शामिल है, हालाँकि इस पर कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार — 'डी-डॉलराइजेशन' नहीं, व्यावहारिकता

ब्रिक्स देशों द्वारा राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने के प्रयासों पर पेस्कोव ने स्पष्ट किया कि यह किसी 'डी-डॉलराइजेशन' अभियान का हिस्सा नहीं है। उनके अनुसार, 'हम किसी डी-डॉलराइजेशन नीति का दावा नहीं कर रहे हैं। हम केवल वही कर रहे हैं जो हमारे राष्ट्रीय हितों के अधिक अनुकूल है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि रूस अभी भी सभी स्वीकार्य भुगतान प्रणालियों और मुद्राओं के उपयोग के लिए खुला है।

पेस्कोव के अनुसार, कुछ देश अपनी मुद्राओं का उपयोग राजनीतिक दबाव के साधन के रूप में करते हैं — 'यदि वे हमें अपनी मुद्रा का उपयोग नहीं करने देते, तो हम अपनी मुद्रा का उपयोग करते हैं।'

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और पुतिन-मोदी द्विपक्षीय वार्ता

क्रेमलिन ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति पुतिन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। सम्मेलन में सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, वित्त और सांस्कृतिक सहयोग के मुद्दों पर चर्चा होगी। पेस्कोव ने बताया कि राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शुक्रवार को द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे, जिसमें व्यापार और आर्थिक सहयोग प्रमुख एजेंडे पर रहेंगे।

वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' विषय पर केंद्रित है। विस्तारित ब्रिक्स समूह में अब ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई साझेदार देश शामिल हैं। भारत के लिए यह विस्तार निर्यात, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग के नए द्वार खोलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संदेश स्पष्ट रखो। भारत के लिए यह संतुलन की कला है: पश्चिमी दबाव के बावजूद रूसी ऊर्जा की खरीद जारी रखना और साथ ही ब्रिक्स मंच पर बहुध्रुवीय व्यवस्था का झंडा थामे रहना। असली सवाल यह है कि रुपया भुगतान असंतुलन का 'धीरे-धीरे समाधान' कब ठोस आँकड़ों में बदलेगा — क्योंकि रूस के पास जमा अरबों रुपये की रकम का उपयोग अभी भी अस्पष्ट है। सुखोई एसयू-57 और दुर्लभ मृदा खनिज जैसे विषयों का एजेंडे पर होना बताता है कि यह संबंध केवल तेल तक सीमित नहीं रहा — यह रक्षा और प्रौद्योगिकी साझेदारी की ओर बढ़ रहा है, जो भारत की पश्चिम-झुकाव वाली विदेश नीति के साथ एक जटिल संतुलन बनाता है।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रूस से भारत का ऊर्जा आयात रिकॉर्ड स्तर पर कैसे पहुँचा?
2022 में यूक्रेन संघर्ष के बाद पश्चिमी देशों द्वारा रूसी ऊर्जा पर प्रतिबंध लगाने से रूस ने भारत जैसे बाज़ारों की ओर रुख किया। भारत ने रियायती दरों पर रूसी कच्चा तेल खरीदना शुरू किया और तब से यह व्यापार लगातार बढ़ता रहा है।
क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने क्या कहा?
पेस्कोव ने 8 सितंबर 2026 को भारतीय पत्रकारों के साथ वर्चुअल बातचीत में कहा कि भारत को रूसी ऊर्जा निर्यात में कोई कमी नहीं आई है और लगभग हर महीने नया रिकॉर्ड दर्ज हो रहा है। उन्होंने सुरक्षा कारणों से सटीक आँकड़े साझा करने से इनकार किया।
रुपया भुगतान असंतुलन की समस्या क्या है और इसका समाधान कैसे हो रहा है?
रूसी ऊर्जा की बड़े पैमाने पर खरीद के कारण रूस के पास भारतीय रुपयों की भारी मात्रा जमा हो गई है, जिसे वह आसानी से खर्च नहीं कर सकता। पेस्कोव के अनुसार, दोनों देश इस समस्या का धीरे-धीरे समाधान कर रहे हैं, हालाँकि विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में पुतिन और मोदी की मुलाकात में क्या होगा?
राष्ट्रपति पुतिन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और शुक्रवार को PM मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में व्यापार, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा और रक्षा संबंधी मुद्दे प्रमुख एजेंडे पर रहेंगे।
क्या रूस और भारत के बीच सुखोई एसयू-57 विमान की डील तय हो गई है?
अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। क्रेमलिन प्रवक्ता के अनुसार, रूस के अत्याधुनिक सुखोई एसयू-57 स्टेल्थ लड़ाकू विमान की संभावित बिक्री का विषय दोनों देशों के बीच चर्चा के एजेंडे में शामिल है, लेकिन इसे अभी विचाराधीन स्तर पर ही माना जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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