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क्या चीन-रूस ऊर्जा सहयोग समिति की 22वीं बैठक से सहयोग में बढ़ोतरी होगी?

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क्या चीन-रूस ऊर्जा सहयोग समिति की 22वीं बैठक से सहयोग में बढ़ोतरी होगी?

सारांश

बीजिंग में आयोजित चीन-रूस ऊर्जा सहयोग समिति की 22वीं बैठक में उच्च स्तरीय सहयोग की नई संभावनाएं तलाश की गईं। उप प्रधानमंत्री तिंग श्वेश्यांग और अलेक्जेंडर नोवाक ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और भविष्य की योजनाओं को साझा किया, जो दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर सकती हैं।

मुख्य बातें

चीन और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग को नई ऊंचाई मिलेगी।
बैठक में विभिन्न ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई।
दोनों देशों के उप प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण सहमति बनाई।
ऊर्जा सुरक्षा में सहयोग का विस्तार होगा।
भविष्य की योजनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

बीजिंग, 27 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो की स्थाई कमेटी के सदस्य, उप प्रधानमंत्री तिंग श्वेश्यांग ने 26 सितंबर को पेईचिंग में रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक के साथ चीन-रूस ऊर्जा सहयोग समिति की 22वीं बैठक की सह-अध्यक्षता की।

तिंग श्वेश्यांग ने कहा कि ऊर्जा सहयोग चीन और रूस के बीच समान और आपसी लाभ वाले व्यावहारिक सहयोग का एक मॉडल है। चीन रूस के साथ मिलकर दोनों राष्ट्राध्यक्षों द्वारा प्राप्त महत्वपूर्ण सहमति को आगे बढ़ाने, ऊर्जा सहयोग को उच्च स्तर तक ले जाने, तथा दोनों देशों यहां तक कि विश्व की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास की रक्षा में अधिक योगदान देने को तैयार है।

नोवाक ने कहा कि दोनों राष्ट्राध्यक्षों के रणनीतिक मार्गदर्शन में रूस-चीन ऊर्जा सहयोग ने बड़ी उपलब्धियां प्राप्त कीं। रूस चीन के साथ मिलकर रूस-चीन ऊर्जा सहयोग समिति की मार्गदर्शक और समन्वयकारी भूमिका को पूर्ण रूप से निभाने, दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग का विस्तार करने, स्थापित परियोजनाओं के कार्यान्वयन को बढ़ावा देने को तैयार है, ताकि रूस-चीन संबंधों के उच्च स्तरीय विकास को बेहतर ढंग से समर्थन दिया जा सके।

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने तेल, प्राकृतिक गैस, कोयला, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा आदि क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की, अगले चरण के सहयोग पर गहन रूप से विचार-विमर्श किया और व्यापक सहमति पर पहुंचे।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन-रूस ऊर्जा सहयोग समिति की बैठक का उद्देश्य क्या था?
बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देना और विभिन्न ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा करना था।
क्या इस बैठक से चीन और रूस के संबंधों में सुधार होगा?
हां, इस बैठक से दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को नई दिशा मिल सकती है, जो संबंधों को मजबूत कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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