वाराणसी में अरविंद टेक्सटाइल फैक्ट्री का उद्घाटन: PM मोदी से मिलकर भावुक हुईं महिला कर्मचारी, 2,000 रोजगार का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
वाराणसी के रूपापुर-भेडहरा हाईवे पर 25 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरविंद टेक्सटाइल की अत्याधुनिक गारमेंट फैक्ट्री का उद्घाटन किया, जो करीब आठ एकड़ में फैली है और पूर्वांचल के टेक्सटाइल क्षेत्र में नई संभावनाओं का द्वार खोलती है। इस परियोजना में अब तक ₹100 से 120 करोड़ के निवेश की बात सामने आई है और वर्तमान में 1,000 कर्मचारी कार्यरत एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
फैक्ट्री का उद्घाटन 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी के हाथों हुआ। अरविंद लिमिटेड के वाइस चेयरमैन कुलिन लालभाई ने बताया कि यह पूरी इकाई केवल दो से तीन वर्षों में तैयार की गई है। उन्होंने कहा, 'हमें बहुत गर्व है कि अरविंद लिमिटेड ने वाराणसी में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट गारमेंट फैसिलिटी खड़ी की है। यहां बनने वाले गारमेंट्स पूरी दुनिया में एक्सपोर्ट किए जाएंगे।'
लालभाई के अनुसार फैक्ट्री में काम करने वाली सभी महिलाएं वाराणसी की स्थानीय निवासी हैं, जो इस परियोजना को सामाजिक समावेश की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाती है। कंपनी की योजना आने वाले समय में एक हजार और लोगों को रोजगार से जोड़ने की है, जिससे कुल रोजगार का आंकड़ा 2,000 से अधिक हो जाएगा।
महिला कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
फैक्ट्री में ऑपरेटर के तौर पर काम करने वाली संध्या ने बताया कि प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद उनकी खुशी और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि यहां लगातार काम करने से उनके जीवन में निश्चित रूप से बड़ा बदलाव आएगा।
वसाव दक्ष ने साझा किया कि प्रधानमंत्री ने स्वयं उनसे बात की और फैक्ट्री में बिताए समय व व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। अंजलि ने भी इसे जीवन का यादगार अनुभव बताया। बीनू विश्वकर्मा ने कहा कि सीधे बातचीत का अवसर न मिलने के बावजूद प्रधानमंत्री को करीब से देखना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।
फैक्ट्री में काम करने वाली सीमा कनौजिया ने बताया कि इस परिसर में आकर उन्हें कुछ कर दिखाने की प्रेरणा मिल रही है। सरोज देवी ने जानकारी दी कि पहले बैच का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है और दूसरे बैच का प्रशिक्षण जारी है।
उत्पादन और निर्यात क्षमता
फैक्ट्री में टी-शर्ट, शर्ट, जैकेट, लोअर, शेरवानी, जेंट्स बॉक्सर, कुर्ती और लेडीज लेगिंग सहित विविध परिधान तैयार किए जा रहे हैं। विभिन्न स्तरों पर सिलाई, बंडलिंग और लेबलिंग का कार्य विभाजित है। लालभाई के अनुसार, इन गारमेंट्स को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किया जाएगा, जिससे वाराणसी एक वैश्विक गारमेंट हब के रूप में उभर सकता है।
अरविंद समूह की पृष्ठभूमि
अरविंद समूह की स्थापना 1931 में अहमदाबाद, गुजरात में हुई थी। नौ दशकों से अधिक समय से यह समूह डेनिम, सूती और लिनेन कपड़े, सूट फैब्रिक, स्पोर्ट्सवियर तथा औद्योगिक वस्त्रों के निर्माण में अग्रणी है। यह कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिधान ब्रांडों का आपूर्तिकर्ता भी है। वाराणसी इकाई के जुड़ने से उत्तर भारत में समूह की उपस्थिति और सुदृढ़ हुई है।
आम जनता और क्षेत्र पर असर
गौरतलब है कि पूर्वांचल क्षेत्र पारंपरिक रूप से बनारसी साड़ी उद्योग के लिए जाना जाता है, लेकिन आधुनिक गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग का यह प्रवेश क्षेत्र के रोजगार परिदृश्य को बदल सकता है। लालभाई के अनुसार, इस फैक्ट्री के कारण बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार औद्योगिक निवेश आकर्षित करने पर जोर दे रही है।