ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिका से दवाओं पर शुल्क वार्ता करने से किया इनकार

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ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिका से दवाओं पर शुल्क वार्ता करने से किया इनकार

सारांश

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अमेरिका द्वारा दवाओं पर लगाए गए शुल्क के दबाव को ठुकराते हुए अपनी सब्सिडी योजना में बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया। स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने इस पर अपने विचार साझा किए। जानें इस मुद्दे की पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने दवाइयों पर अमेरिका से वार्ता करने से किया इनकार।
  • स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने पीबीएस के सिद्धांतों की रक्षा की।
  • सीएसएल को नए शुल्क से छूट मिलने की संभावना।
  • अमेरिकी प्रशासन का पीबीएस पर आलोचनात्मक दृष्टिकोण।
  • 2025 में दवा निर्यात का आंकड़ा 1.3 बिलियन डॉलर।

कैनबरा, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क के दबाव के बावजूद दवाइयों के लिए अपनी सब्सिडी योजना में कोई परिवर्तन नहीं करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने शुक्रवार को इस मामले में सरकार का पक्ष रखा।

बटलर ने सेवन नेटवर्क को जानकारी दी कि ऑस्ट्रेलिया अमेरिकी प्रशासन के साथ फार्मास्युटिकल बेनेफिट्स स्कीम (पीबीएस) के “मूलभूत सिद्धांतों” पर कोई चर्चा नहीं करेगा। इस योजना के अंतर्गत केंद्रीय सरकार प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतों में सब्सिडी देती है।

उन्होंने कहा, “हम अमेरिका को यह स्पष्ट संदेश लगातार भेज रहे हैं क्योंकि हम जानते हैं कि वहां की बड़ी दवा कंपनियां हमारे पीबीएस और अन्य देशों की समान योजनाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। हम इन मूलभूत सिद्धांतों पर बातचीत नहीं कर रहे हैं।”

बटलर का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा कुछ पेटेंट वाली दवाओं के आयात पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद आया है।

मार्च के अंत में ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापारिक शिकायतों की अद्यतन सूची में अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि पीबीएस अमेरिकी नवाचार का मूल्य कम करके दिखाता है और अनुचित दवा मूल्य निर्धारण प्रथाओं के माध्यम से अमेरिकी उद्योग को प्रभावित करता है।

इस योजना के तहत, फार्मास्युटिकल निर्माता सीधे ऑस्ट्रेलियाई सरकार के साथ बिक्री पर बातचीत करते हैं ताकि वाणिज्यिक बोली युद्धों को रोका जा सके।

संयुक्त राष्ट्र के कॉमट्रेड डेटा के अनुसार, 2025 में ऑस्ट्रेलियाई दवा निर्यात अमेरिका में 1.3 बिलियन डॉलर का था।

बायोटेक्नोलॉजी कंपनी सीएसएल ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी दवा निर्माता कंपनी है, लेकिन बटलर ने कहा कि सरकार को भरोसा है कि मेलबर्न स्थित इस कंपनी को नए शुल्क से छूट मिलेगी क्योंकि इसका अमेरिका में बड़ा उत्पादन आधार है।

व्यापार मंत्री डॉन फैरेल के प्रवक्ता ने आस्ट्रेलियन ब्राडकास्टिंग कार्पोरेशन को शुक्रवार को बताया कि सरकार अमेरिकी दवा शुल्क से निराश है और “अनुचित और गैर-जरूरी” शुल्क को हटाने के लिए दबाव डालना जारी रखेगी।

Point of View

यह स्पष्ट है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और दवा की पहुंच को प्राथमिकता दी है। अमेरिका के दबाव के बावजूद, बटलर का यह विचार दर्शाता है कि वे अपनी नीति में कोई बदलाव नहीं करेंगे। यह राष्ट्रीय हित में एक मजबूत निर्णय है।
NationPress
05/04/2026

Frequently Asked Questions

ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिका के साथ दवाइयों पर बातचीत क्यों नहीं की?
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अपनी सब्सिडी योजना में कोई परिवर्तन नहीं करने का निर्णय लिया है, चाहे अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क का दबाव हो।
फार्मास्युटिकल बेनेफिट्स स्कीम (पीबीएस) क्या है?
यह योजना ऑस्ट्रेलियाई सरकार द्वारा प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतों में सब्सिडी देने के लिए बनाई गई है।
बटलर ने अमेरिका को क्या संदेश दिया?
बटलर ने स्पष्ट किया है कि ऑस्ट्रेलिया अमेरिका के साथ पीबीएस के मूलभूत सिद्धांतों पर कोई बातचीत नहीं करेगा।
सीएसएल कंपनी का क्या महत्व है?
सीएसएल ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी दवा निर्माता कंपनी है और इसका अमेरिका में बड़ा उत्पादन आधार है।
क्या ऑस्ट्रेलिया को अमेरिकी दवा शुल्क से छूट मिलेगी?
बटलर ने कहा कि सरकार को भरोसा है कि सीएसएल को नए शुल्क से छूट मिलेगी।
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