क्या भारत एआई को अपनाने में दुनिया में सबसे आगे है?
सारांश
Key Takeaways
- 62% भारतीय कर्मचारी जेनएआई का उपयोग कर रहे हैं।
- 90% कंपनियाँ एआई को कार्य-उत्पादकता में सुधारक मानती हैं।
- भारत का एआई एडवांटेज स्कोर 53 है।
- 94% कंपनियाँ एआई के उपयोग को जिम्मेदार मानती हैं।
- टैलेंट हेल्थ स्कोर 82 है, जो दुनिया में सबसे अधिक है।
नई दिल्ली, 22 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत उन देशों में से एक है, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सबसे अधिक उपयोग हो रहा है। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, 62 प्रतिशत भारतीय कर्मचारी अपने कार्य में जेनएआई का नियमित उपयोग कर रहे हैं, जबकि 90 प्रतिशत कंपनियाँ और 86 प्रतिशत कर्मचारी मानते हैं कि एआई से कार्य-उत्पादकता में वृद्धि होती है।
‘ईवाई 2025 वर्क रीइमेजिन्ड सर्वे’ के अनुसार, 75 प्रतिशत कर्मचारी और 72 प्रतिशत कंपनियाँ मानती हैं कि जेनएआई से बेहतर निर्णय लेने में सहायता मिलती है, जबकि 82 प्रतिशत कर्मचारी और 92 प्रतिशत कंपनियों का मानना है कि एआई से कार्य की गुणवत्ता में सुधार होता है।
रिपोर्ट यह दर्शाती है कि भारत एआई के अपनाने में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल है। भारत का ‘एआई एडवांटेज’ स्कोर 53 है, जबकि वैश्विक औसत स्कोर 34 है। यह आंकड़ा बताता है कि एआई से कर्मचारियों का कितना समय बचता है और कार्य कितना अधिक सरल हो रहा है।
सर्वेक्षण, जो अब अपने छठे संस्करण में है, वैश्विक स्तर पर 29 देशों के 15,000 कर्मचारियों और 1,500 कंपनियों से प्राप्त जानकारियों पर आधारित है।
इस सर्वे में भारत में 800 कर्मचारियों और 50 कंपनियों का सर्वेक्षण किया गया, जो देश में तेजी से बढ़ते एआई उपयोग को दर्शाता है।
इस सर्वे में भारत का टैलेंट हेल्थ स्कोर 82 रहा, जो सभी देशों में सबसे अधिक है। इसका मतलब है कि भारत के कर्मचारी अपने कार्य के माहौल, वेतन और सीखने के अवसरों से काफी संतुष्ट हैं। वहीं, वैश्विक औसत टैलेंट हेल्थ स्कोर 65 है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 94 प्रतिशत कंपनियाँ और 89 प्रतिशत कर्मचारी मानते हैं कि भारत में एआई का उपयोग सही और जिम्मेदार तरीके से किया जा रहा है, जिससे लोगों का एआई पर विश्वास बढ़ा है।
हालांकि, 87 प्रतिशत कर्मचारी और 90 प्रतिशत कंपनियाँ मानती हैं कि नई एआई कौशल सीखना आवश्यक है, लेकिन अधिकांश कर्मचारी साल में 40 घंटे से भी कम समय एआई सीखने में व्यतीत करते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जो कर्मचारी एआई सीखने में अधिक समय लगाते हैं, उनमें नौकरी छोड़ने की प्रवृत्ति कम पाई गई है और उनका कार्य भी अधिक बेहतर और गुणवत्तापूर्ण होता है।