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क्या भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच फार्मा, हॉस्पिटल प्रबंधन और मेडिकल उपकरण क्षेत्र में मजबूत साझेदारी है? : पीएचडीसीसीआई

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क्या भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच फार्मा, हॉस्पिटल प्रबंधन और मेडिकल उपकरण क्षेत्र में मजबूत साझेदारी है? : पीएचडीसीसीआई

सारांश

भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच फार्मा, हॉस्पिटल प्रबंधन और चिकित्सा उपकरणों में मजबूत सहयोग की बात हो रही है। क्या यह वास्तव में एक बड़ी अवसर के रूप में उभरेगा? जानिए इस कॉन्क्लेव में क्या चर्चा हुई और भविष्य में इसका क्या महत्व हो सकता है।

मुख्य बातें

भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच फार्मा का सहयोग बढ़ रहा है।
हॉस्पिटल प्रबंधन में दोनों क्षेत्रों के बीच संभावनाएं हैं।
चिकित्सा उपकरणों की मांग में वृद्धि हो रही है।
दक्षिण अमेरिका में दुर्लभ खनिज भंडार हैं।
व्यापारियों के लिए नई अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।

नई दिल्ली, 15 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। पीएचडीसीसीआई के सीईओ और महासचिव रणजीत मेहता ने कहा कि भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच फार्मा, हॉस्पिटल प्रबंधन और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में एक मजबूत सहयोग है।

इंडो-साउथ अमेरिका ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव में समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान मेहता ने कहा कि पीएचडीसीसीआई ने दक्षिण अमेरिकी देशों और भारत के बीच एक कॉन्क्लेव बुलाया है। हमें इसमें दोनों पक्षों के व्यापारियों की ओर से मजबूत रुचि देखने को मिली है।

इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य पीएचडीसीसीआई के माध्यम से एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जो उद्योगों के इनबाउंड और आउटबाउंड निवेशकों को सहायता प्रदान करे, ताकि निवेश का प्रवाह सरल हो सके।

मेहता ने बताया कि दक्षिण अमेरिका कृषि और खाद्य वस्तुओं के प्रसंस्करण में अत्यधिक उन्नत है। उनके पास कई दुर्लभ खनिज भंडार भी हैं। वहीं, भारत दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है और यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है।

उन्होंने आगे कहा कि हम फार्मास्यूटिकल्स, अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सा उपकरणों सहित अन्य क्षेत्रों में दोनों क्षेत्रों के बीच अधिक सहयोग की संभावना देखते हैं, क्योंकि दक्षिण अमेरिका भी इन क्षेत्रों को विकसित करना चाहता है, इसलिए हम फार्मास्यूटिकल्स को एक अत्यधिक संभावित अवसर के रूप में देखते हैं।

दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना के उच्चायुक्त धर्मकुमार सीरज ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण अमेरिकी देशों ने तेजी से विकास किया है। इस प्रकार के प्लेटफॉर्म दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। इससे कारोबारियों को क्षेत्र की जानकारी मिलेगी और वे अवसरों का पता लगा सकेंगे।

भारत में चिली के राजदूत ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म हमारे देश की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे हमें उन व्यापारियों से मिलने का अवसर मिलेगा, जो इस क्षेत्र में व्यापार के अवसरों की तलाश कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच क्या सहयोग है?
भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच फार्मा, हॉस्पिटल प्रबंधन और चिकित्सा उपकरणों में मजबूत सहयोग है।
पीएचडीसीसीआई का कॉन्क्लेव किस उद्देश्य से आयोजित किया गया?
कॉन्क्लेव का उद्देश्य उद्योगों के निवेशकों को सहायता प्रदान करना है।
दक्षिण अमेरिका के देशों की क्या विशेषताएं हैं?
दक्षिण अमेरिका कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में उन्नत है और वहां दुर्लभ खनिज भंडार भी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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