क्या भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता द्विपक्षीय व्यापार में सालाना 25.5 अरब पाउंड की वृद्धि करेगा?

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क्या भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता द्विपक्षीय व्यापार में सालाना 25.5 अरब पाउंड की वृद्धि करेगा?

सारांश

भारत और ब्रिटेन के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) से द्विपक्षीय व्यापार में 25.5 अरब पाउंड की वृद्धि का अनुमान है। जानिए, इस समझौते से किस प्रकार के लाभ होंगे और व्यापार क्षेत्र में क्या बदलाव आएंगे।

मुख्य बातें

भारत-ब्रिटेन एफटीए से द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि की उम्मीद है।
90 प्रतिशत सामानों पर टैरिफ में कमी होगी।
क्रिएटिव कंपनियों को कॉपीराइट सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
सामाजिक सुरक्षा खंड भारतीय पेशेवरों के लिए महत्वपूर्ण है।
2030 तक व्यापार दोगुना होने की संभावना है।

नई दिल्ली, 19 जुलाई (राष्ट्र प्रेस) । उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और ब्रिटेन के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) से द्विपक्षीय व्यापार में सालाना 25.5 अरब पाउंड का इजाफा होने की उम्मीद है।

आगामी सप्ताह में, भारत और ब्रिटेन के बीच एफटीए पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जिससे व्यापार और निवेश को एक नई दिशा मिलेगी।

इस एफटीए में, दोनों देशों के लिए व्यापार के 90 प्रतिशत सामानों पर टैरिफ में कमी का सुझाव दिया गया है।

ब्रिटिश उच्चायोग में दक्षिण एशिया के लिए उप व्यापार आयुक्त अन्ना शॉटबोल्ट ने कहा कि यह केवल टैरिफ घटाने वाला मामला नहीं है, बल्कि यह कई उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।

शॉटबोल्ट ने पीएचडीसीसीआई द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, "क्रिएटिव कंपनियों को मजबूत कॉपीराइट सुरक्षा का लाभ मिलेगा और सेवा क्षेत्र को भी फायदा होगा। डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस कन्वेंशन दोनों पक्षों के श्रमिकों के लिए भी मददगार होगा, जिससे अधिक पारदर्शिता और निश्चितता बनेगी।"

पीएचडीसीसीआई के सीईओ और महासचिव डॉ. रंजीत मेहता ने बताया कि यूके-भारत एफटीए वार्ता तब शुरू हुई थी जब भारत पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, और अब यह चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

उन्होंने कहा, "ब्रिटेन सबसे बड़ी विकसित अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और यह एफटीए भारत के लिए एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौता है।"

डॉ. मेहता ने यूके जाने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए सामाजिक सुरक्षा खंड के महत्व पर भी चर्चा की और कहा कि हमें इस एफटीए का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।

उन्होंने कहा, "पीएचडीसीसीआई अपने 120 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है, इसलिए हम इस सितंबर में यूके में एक व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल भेजने की योजना बना रहे हैं, ताकि हम इस समझौते से मिलने वाले अवसरों का पता लगा सकें।"

एफटीए के तहत चमड़ा, जूते और कपड़ों जैसे श्रम-प्रधान उत्पादों के निर्यात पर कर हटाए जाएंगे, और ब्रिटेन से व्हिस्की और कारों का आयात सस्ता होगा, जिससे 2030 तक दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार दोगुना हो जाएगा।

मेहता ने जोर देकर कहा, "2070 तक नेट जीरो के भारत के दृष्टिकोण के लिए व्यवसायों, विशेषकर एमएसएमई को स्थायी और तकनीकी रूप से सुसज्जित होना आवश्यक है। चाहे वह सेवाओं का क्षेत्र हो या उत्पादों का, भारत को यूके के साथ और अधिक सहयोग करना चाहिए।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा। यह द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-ब्रिटेन एफटीए से क्या लाभ होगा?
एफटीए से द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि होगी, टैरिफ में कमी आएगी और विभिन्न उद्योगों को लाभ मिलेगा।
एफटीए कब हस्ताक्षरित होगा?
अगले सप्ताह भारत और ब्रिटेन के बीच एफटीए पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
इस समझौते का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और व्यापार के नए अवसर पैदा करेगा।
क्या यह एफटीए भारतीय पेशेवरों के लिए फायदेमंद होगा?
हां, यह समझौता भारतीय पेशेवरों के लिए सामाजिक सुरक्षा खंड के माध्यम से फायदेमंद होगा।
एफटीए से कौन से उत्पाद सस्ते होंगे?
इस एफटीए के तहत चमड़ा, जूते, कपड़े, व्हिस्की और कारों जैसे उत्पाद सस्ते होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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