क्या भारत-ईयू ट्रेड डील एक ऐतिहासिक क्षण है, जिससे दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा?

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क्या भारत-ईयू ट्रेड डील एक ऐतिहासिक क्षण है, जिससे दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा?

सारांश

भारत-ईयू ट्रेड डील ने नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। यह डील न केवल दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ पहुंचाएगी, बल्कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जानिए इस डील के पीछे की कहानियों और उद्योग विशेषज्ञों के विचारों के बारे में।

Key Takeaways

  • भारत-ईयू ट्रेड डील एक ऐतिहासिक क्षण है।
  • इससे दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा।
  • नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था में उथल-पुथल के बीच यह डील हुई है।
  • यह डील नए व्यापार अवसरों को पैदा करेगी।
  • भारत और यूरोप की तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) ट्रेड डील एक ऐतिहासिक क्षण है। इससे एक बड़ा संयुक्त बाजार बनेगा और दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्थाओं को फायदा होगा। यह बयान इंडस्ट्री लीडर्स की ओर से मंगलवार को दिया गया।

इंडो-ईयू बिजनेस फोरम के साइडलाइन में बातचीत करते हुए भारत-ईयू एफटीए पर हैफेले इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एमडी, फ्रैंक श्लोडर ने कहा कि भारत और ईयू के बीच लंबी बातचीत के बाद ट्रेड डील होना एक ऐतिहासिक क्षण है। यह डील ऐसे समय पर हुई है, जब नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था में उथल-पुथल देखने को मिल रही है। व्यापार जगत से होने के कारण हमारा उद्देश्य इस डील का अधिक से अधिक फायदा उठाना है।

आर्टसाना इंडिया-चिक्को के सीईओ राजोश वोहरा ने कहा कि यह एक बहुत अच्छा समझौता है। एक इटालियन कंपनी होने के नाते मैं कह सकता हूं कि इससे आयात और निर्यात में काफी चीजें आसान होने वाली हैं। यह व्यवसायों के लिए नए अवसर खोलेगा।

डेकी इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के एमडी विनोद शर्मा ने कहा कि हमारी कंपनी देश में पिछले 40 वर्षों से इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों को बना रही है। यह ट्रेड डील काफी अच्छी है। इससे दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ेगा। भारत के लिए केवल यूरोप बड़ा बाजार नहीं है, बल्कि देश को वहां से कई एडवांस टेक्नोलॉजी प्राप्त हो सकती है और निवेश भी बढ़ सकता है।

एल्सेवियर के चेयरमैन वाईएस ची ने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से किया गया यह समझौता काफी अच्छा है। इससे बिजनेस के लिए ट्रेड, टैलेंट और आईपी में सहयोग करना काफी आसान हो जाएगा। इससे दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्थाओं के साथ-साथ पूरे विश्व को फायदा होगा।

राष्ट्र प्रेस से बिजनेस यूरोप के प्रेसिडेंट फ्रेडरिक पर्सन ने कहा कि भारत-यूरोप के बीच ट्रेड डील ऐसे समय हुई है, जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। इससे भारत के साथ यूरोप के लिए बड़ी संख्या में अवसर पैदा होंगे। दोनों क्षेत्र मिलकर संयुक्त रूप से दुनिया के बड़े बाजारों में से एक हैं। यह भारत की स्किल और यूरोप की टेक्नोलॉजी को जोड़ने या इसका उल्टा करने में मदद करेगी। इसमें नियम आधारित व्यवस्था है। इससे दोनों क्षेत्रों को फायदा होगा।

Point of View

बल्कि दोनों क्षेत्रों के बीच सहयोग को भी बढ़ाएगी। एक उचित और नियम आधारित व्यवस्था से यह व्यापार जगत को नई दिशा दे सकती है। यह एक सकारात्मक बदलाव है जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि में सहायक होगा।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

भारत-ईयू ट्रेड डील का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाना और व्यापार को सुगम बनाना है।
क्या यह डील भारत के लिए फायदेमंद होगी?
हाँ, यह डील भारत को यूरोपियन मार्केट में प्रवेश और नई तकनीकों के लिए अवसर प्रदान करेगी।
इस डील से कौन-कौन से उद्योग प्रभावित होंगे?
यह डील कई उद्योगों को प्रभावित करेगी, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्नोलॉजी और निर्यात में।
भारत की क्या भूमिका होगी इस डील में?
भारत इस डील के माध्यम से अपने कौशल और संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकेगा।
क्या यह डील वैश्विक व्यापार पर असर डालेगी?
हाँ, यह डील वैश्विक व्यापार व्यवस्था को भी प्रभावित कर सकती है और नई संभावनाओं को जन्म दे सकती है।
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