क्या भारत ग्लोबल प्लेयर्स के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर के समुद्री निवेश के अवसर पेश कर रहा है?

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क्या भारत ग्लोबल प्लेयर्स के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर के समुद्री निवेश के अवसर पेश कर रहा है?

सारांश

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए एक प्रमुख इनोवेशन हब के रूप में प्रस्तुत किया। 1 ट्रिलियन डॉलर के समुद्री निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए, उन्होंने भारतीय बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स के भविष्य को उजागर किया।

Key Takeaways

  • भारत में 1 ट्रिलियन डॉलर के समुद्री निवेश के अवसर हैं।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में निवेश का बढ़ावा।
  • पोर्ट और लॉजिस्टिक्स में संवर्धन की आवश्यकता।
  • ग्लोबल कंपनियों के साथ सहयोग का महत्व।
  • तकनीकी नवाचार से कुशलता का विकास।

नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने वैश्विक निवेशकों से भारत को एक निवेश और इनोवेशन हब के रूप में देखने की अपील की और सरकार के 1 ट्रिलियन डॉलर के समुद्री निवेश रोडमैप का विवरण साझा किया।

केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने दिल्ली में राजदूतों की राउंडटेबल मीट का आयोजन किया। इस बैठक में मुंबई में 27-31 अक्टूबर को होने वाले इंडिया मैरिटाइम वीक (आईएमडब्लू 2025) से पहले सहयोग पर चर्चा की गई।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में, हम अपने पोर्ट, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूत, सस्टेनेबल और फ्यूचर-रेडी बनाने के लिए प्रयासरत हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग के व्यापक अवसर उत्पन्न होते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "ये अवसर 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के समुद्री निवेश रोडमैप को खोलते हैं, जिसमें बंदरगाहों और कार्गो टर्मिनल संचालन, मल्टी-मॉडल टर्मिनल, समुद्री सेवाओं, जहाज निर्माण, शिप रीसाइक्लिंग और शिप रिपेयर्स, ग्रीन हाइड्रोजन हब और सस्टेनेबल शिपिंग सॉल्यूशन के विकास में संयुक्त उद्यमों की प्रबल संभावना है।"

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने भी इस सत्र को संबोधित किया और बंदरगाह आधुनिकीकरण, अंतर्देशीय जलमार्ग विस्तार तथा ग्रीन और डिजिटल शिपिंग में सुधारों पर जोर दिया और निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी की आवश्यकता बताई।

राज्य मंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि 'बंदरगाह केवल समृद्धि के द्वार नहीं हैं, बल्कि भारत के भविष्य के द्वार हैं।' इसी दृष्टिकोण के तहत, भारत अपने समुद्री क्षेत्र का आधुनिकीकरण कर रहा है ताकि यह राष्ट्र निर्माण, टेक्नोलॉजी अपनाने और सस्टेनेबल डेवलपमेंट का एक स्तंभ बन सके।"

उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे दुनिया इस क्षमता को समझ रही है, भारत ने समुद्री निवेश और साझेदारी में महत्वपूर्ण गति देखी है। वैश्विक कंपनियां जहाज निर्माण, बंदरगाह आधुनिकीकरण, स्मार्ट लॉजिस्टिक्स और ग्रीन शिपिंग में भारतीय समकक्षों के साथ सहयोग कर रही हैं। इस प्रगति के केंद्र में तकनीक है। एआई-ड्रिवन लॉजिस्टिक्स, डिजिटल बंदरगाह संचालन और स्वचालन हमारे बंदरगाहों को अधिक कुशल और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं।

आईएमडब्लू 2025 समुद्री मंत्रालय का द्विवार्षिक प्रमुख मंच है, जो भारतीय बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स के भविष्य को आकार देने के लिए नीति निर्माताओं, निवेशकों और विचारकों को एक साथ लाता है। 2025 का संस्करण मुंबई के नेस्को एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा।

Point of View

बल्कि यह हमारे बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स को भी एक नई दिशा देगा।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

भारत में समुद्री निवेश की संभावनाएं क्या हैं?
भारत में समुद्री निवेश की संभावनाएं बहुत उच्च हैं, जिसमें बंदरगाहों का आधुनिकीकरण, स्मार्ट लॉजिस्टिक्स और ग्रीन शिपिंग शामिल हैं।
आईएमडब्लू 2025 क्या है?
आईएमडब्लू 2025 समुद्री मंत्रालय का द्विवार्षिक प्रमुख मंच है, जो भारतीय बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स के भविष्य को आकार देने के लिए नीति निर्माताओं और निवेशकों को एक साथ लाता है।