क्या भारत के सभी ऑपरेशनल ए320 एयरक्राफ्ट को सोलर रेडिएशन से बचाने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया है? : डीजीसीए
सारांश
Key Takeaways
- सभी भारतीय ए320 एयरक्राफ्ट का सॉफ्टवेयर अपग्रेड किया गया है।
- यह कदम सोलर रेडिएशन के खतरे से बचने के लिए है।
- डीजीसीए ने सभी एयरलाइनों को बिना देरी अपग्रेड करने का निर्देश दिया था।
- सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है।
- एयरबस द्वारा जारी चेतावनी के बाद यह कदम उठाया गया।
नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने रविवार को घोषणा की कि सभी भारतीय एयरलाइनों ने अपने ऑपरेशनल ए320 एयरक्राफ्ट का आवश्यक सॉफ्टवेयर अपग्रेड पूरा कर लिया है।
यह कदम सोलर रेडिएशन के खतरों से सुरक्षा के लिए उठाया गया है, जो कि उड़ान नियंत्रण डेटा को प्रभावित कर सकता है।
डीजीसीए के अनुसार, इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा संचालित 323 ए320 एयरक्राफ्ट का सॉफ्टवेयर अपग्रेड किया गया है।
इनमें इंडिगो के सभी 200 विमान, एयर इंडिया के 113 में से 100 विमान और एयर इंडिया एक्सप्रेस के 25 में से 23 विमान शामिल हैं।
डीजीसीए अधिकारियों ने कहा कि एयर इंडिया के चार विमान वर्तमान में बेस मेंटेनेंस के दौर से गुजर रहे हैं और उन्हें वहीं अपग्रेड किया जाएगा, जबकि नौ अन्य विमानों को अपग्रेड की आवश्यकता नहीं है।
वहीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस के दो विमान रखरखाव के दौर से गुजर रहे हैं और उन्हें उनके पट्टेदारों को वापस कर दिया जाएगा।
यह सॉफ्टवेयर अपग्रेड शुक्रवार को एयरबस द्वारा जारी एक चेतावनी के बाद किया गया है, जिसमें बताया गया था कि सोलर फ्लेयर्स जैसी तेज सोलर गतिविधियों के दौरान, विमान का एलिवेटर और ऐलेरॉन कंप्यूटर (ईएलएसी) कुछ समय के लिए खराब हो सकता है।
इसके बाद डीजीसीए ने शनिवार को निर्देश जारी करते हुए भारतीय एविशएन कंपनियों से तुरंत सॉफ्टवेयर अपग्रेड करने को कहा।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने एक्स पर एक बयान में कहा कि उसने अपने ए320 बेड़े की एहतियाती जांच निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी कर ली है।
एयरलाइन ने आगे कहा कि उसकी इंजीनियरिंग, संचालन और उड़ान सुरक्षा टीमों के बीच मजबूत समन्वय और एयरबस एवं नियामकों के सहयोग से यह सुनिश्चित किया गया है कि उड़ान संचालन न्यूनतम व्यवधान के साथ जारी रहे।
डीजीसीए अधिकारियों ने कहा कि अब अपग्रेड कार्य पूरा हो गया है और भारत में संचालित संपूर्ण ए320 बेड़ा सुरक्षित है और अंतरराष्ट्रीय उड़ान नियमों के अनुरूप है।