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क्या भारत के मॉल ऑपरेटर्स वित्त वर्ष में 12-14 प्रतिशत राजस्व वृद्धि हासिल कर सकते हैं?

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क्या भारत के मॉल ऑपरेटर्स वित्त वर्ष में 12-14 प्रतिशत राजस्व वृद्धि हासिल कर सकते हैं?

सारांश

भारत के मॉल ऑपरेटर्स को वित्त वर्ष 26 में 12-14 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि की संभावना है। जानिए इसके पीछे के कारण और क्या यह गति बनी रहेगी।

मुख्य बातें

भारत के मॉल ऑपरेटर्स को 12-14 प्रतिशत राजस्व वृद्धि का अनुमान।
मॉल की संख्या और रेंटल में वृद्धि के कारण।
ऑक्यूपेंसी का बढ़ता स्तर।
टियर 2 शहरों में रिटेल स्पेस का विस्तार।
स्वस्थ बैलेंस शीट से क्रेडिट प्रोफाइल स्थिर।

नई दिल्ली, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत में मॉल ऑपरेटर्स को वित्त वर्ष 26 में 12-14 प्रतिशत की स्वस्थ राजस्व वृद्धि प्राप्त होने का अनुमान है। यह जानकारी बुधवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दी गई है।

क्रिसिल रेटिंग की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह राजस्व वृद्धि पिछले दो वित्त वर्षों में मॉल की संख्या में वृद्धि, योजना के अनुसार नए मॉल का निर्माण और सालाना रेंटल में बढ़ोतरी के कारण हो रही है।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि इन कारकों के साथ रेवेन्यू में डबल डिजिट में वृद्धि के साथ अगले वित्त वर्ष में भी यह गति बरकरार रहने की संभावना है। इसके साथ ही, स्वस्थ संचालन प्रदर्शन के कारण लेवरेज नियंत्रण में रहेगा।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जीएसटी दर में कटौती, निरंतर आर्थिक विकास, कम महंगाई और सामान्य से बेहतर साउथवेस्ट मॉनसून के चलते उपभोग में वृद्धि का अनुमान है।

पिछले वित्त वर्ष में समग्र ऑक्यूपेंसी 3.5 प्रतिशत से बढ़कर 93.5 प्रतिशत हो गई और अगले वित्त वर्ष में 94-95 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दो वित्त वर्षों में कमीशन किए गए या खरीदे गए मॉल में ऑपरेटर्स द्वारा ऑक्यूपेंसी बढ़ाने से भी इसमे वृद्धि होगी।

क्रिसिल रेटिंग्स के निदेशक गौतम शाही ने कहा, "ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक तरीकों से जोड़े गए एसेट्स बड़े मॉल डेवलपर्स और रीट्स के लिए ग्रोथ ड्राइवर रहे हैं। 2025 तक, हमारे सैंपल सेट में मॉल ऑपरेटर्स ने टियर 2 शहरों में अपने रिटेल स्पेस को 3 मिलियन स्कायर फुट तक बढ़ाया है, जो कि उनके विकास और विविधीकरण की रणनीति का हिस्सा है।"

उन्होंने आगे कहा कि 400 बीपीएस तक की रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करने के लिए अतिरिक्त 4.5-5 मिलियन स्कायर फुट वित्त वर्ष 27 तक जोड़े जाने का अनुमान है।

क्रिसिल ने भारत के 11 टियर-1 और टियर-2 मॉल का विश्लेषण किया, जो कि भारत के एक तिहाई ग्रेड ए मॉल का हिस्सा बनाते हैं। क्रिसिल ने कहा कि बेहतर होती ऑक्यूपेंसी से रेंटल इनकम में निरंतर वृद्धि और स्वस्थ बैलेंस शीट से क्रेडिट प्रोफाइल स्थिर रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में मॉल ऑपरेटर्स को कितनी राजस्व वृद्धि का अनुमान है?
भारत में मॉल ऑपरेटर्स को वित्त वर्ष 26 में 12-14 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि का अनुमान है।
राजस्व वृद्धि के प्रमुख कारण क्या हैं?
राजस्व वृद्धि के प्रमुख कारण मॉल की संख्या में वृद्धि, नए मॉल का निर्माण और रेंटल में वृद्धि हैं।
क्या अगली वित्त वर्ष में भी यह वृद्धि जारी रहेगी?
हां, रिपोर्ट के अनुसार अगली वित्त वर्ष में भी यह गति जारी रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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