क्या बीते 2 वर्षों में भारत में आरईआईटी और इनविट में निवेश में वृद्धि हुई?
सारांश
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मुंबई, 7 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। पिछले दो वर्षों में सार्वजनिक इनविट (इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) और आरईआईटी (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) की ट्रेड वॉल्यूम में क्रमश: 128.23 प्रतिशत और 399.54 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। यह जानकारी सोमवार को जारी की गई एक रिपोर्ट में साझा की गई।
आईसीआरए एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, यील्ड्स देने वाली परिसंपत्तियों में निवेशकों की बढ़ती रुचि के कारण पिछले दो वर्षों में सार्वजनिक रूप से कारोबार किए जाने वाले आरईआईटी और इनविट की वॉल्यूम में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
आरईआईटी और इनविट ऐसे निवेश साधन हैं जो निवेशकों (व्यक्तिगत और संस्थागत) को संपत्तियों या बुनियादी ढांचे में स्वामित्व के बिना प्रत्यक्ष निवेश करने की अनुमति देते हैं।
आईसीआरए एनालिटिक्स की हेड-नॉलेज सर्विसेज, मधुबनी सेनगुप्ता ने कहा, "वित्त वर्ष 2024 में सार्वजनिक आरईआईटी के बाजार पूंजीकरण में 10 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि हुई है। यह मजबूत वृद्धि वाणिज्यिक रियल एस्टेट-समर्थित प्रतिभूतियों के लिए संस्थागत और खुदरा निवेशकों की नई रुचि को दर्शाती है, जिसे कार्यालय की मांग में तेजी और मजबूत रेंटल यील्ड से समर्थन मिला है।"
पिछले दो वर्षों में सार्वजनिक इनविट की ट्रेड वैल्यू में 115.53 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि इस दौरान सार्वजनिक आरईआईटी की भी ट्रेड वैल्यू में रिकॉर्ड 177.78 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
सार्वजनिक इनविट का ट्रेड वॉल्यूम, जो वित्त वर्ष 23 में 2,735 लाख यूनिट था, वित्त वर्ष 25 में बढ़कर 6,242 लाख यूनिट हो गया।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सालाना आधार पर इनविट के ट्रेड वॉल्यूम में 20.52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो कि वित्त वर्ष 24 में 5,179 यूनिट थी।
वित्त वर्ष 2023 में सार्वजनिक आरईआईटी की ट्रेड वॉल्यूम 3,273 लाख यूनिट से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 16,350 लाख यूनिट हो गई है। इसकी ट्रेड वॉल्यूम में सालाना आधार पर 230.10 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। यह वित्त वर्ष 2024 में 4,953 लाख यूनिट थी।
सार्वजनिक इनविट की ट्रेड वैल्यू वित्त वर्ष 2025 में 6,121 करोड़ रुपए रही, जबकि वित्त वर्ष 2023 में यह 2,840 करोड़ रुपए थी, और आरईआईटी की ट्रेड वैल्यू वित्त वर्ष 2025 में 31,206 करोड़ रुपए रही, जबकि वित्त वर्ष 2023 में यह 11,234 करोड़ रुपए थी।