भारतीय फार्मा सेक्टर को ट्रंप टैरिफ से राहत क्यों मिल रही है?

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भारतीय फार्मा सेक्टर को ट्रंप टैरिफ से राहत क्यों मिल रही है?

सारांश

क्या आपको पता है कि भारत की जेनेरिक दवा निर्माण क्षमता ने अमेरिकी टैरिफ के दायरे से इसके दवा उद्योग को बाहर रखा है? जानें इसके पीछे की वजहें और भारतीय फार्मा सेक्टर की मजबूती के रहस्य।

Key Takeaways

  • भारत की जेनेरिक दवाओं का वैश्विक बाजार में महत्वपूर्ण स्थान है।
  • अमेरिकी टैरिफ से भारतीय फार्मा निर्यात को बाहर रखा गया है।
  • फार्मास्युटिकल क्षेत्र में किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की क्षमता है।
  • भारतीय कंपनियों का राजस्व मॉडल विविध है और मजबूत बैलेंस शीट है।
  • भविष्य में टैरिफ का प्रभाव कम होने की संभावना है।

नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की जेनेरिक दवा उत्पादन में अग्रणी भूमिका यह स्पष्ट करती है कि अमेरिकी टैरिफ के दायरे से दवा उद्योग को क्यों बाहर रखा गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार से भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लागू कर दिया है, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया है। लेकिन, भारत के फार्मा निर्यात (जो भारत के कुल फार्मा निर्यात का 35 प्रतिशत है) को टैरिफ से बाहर रखा गया है। यह क्षेत्र वर्तमान में सेक्शन 232 इनवेस्टिगेशन के अधीन है।

इंडियन फार्मास्युटिकल एलायंस (एपीए) के महासचिव सुदर्शन जैन ने कहा कि जेनेरिक दवाओं को इस बहिष्कार का प्रमुख कारण माना जा सकता है, क्योंकि ये अमेरिका में किफायती स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए आवश्यक हैं।

भारत दुनिया में सबसे सस्ती दवाएं उपलब्ध कराता है और इसका फार्मास्युटिकल क्षेत्र वैश्विक स्तर पर लगभग 80 प्रतिशत जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति करता है।

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (इंड-रा) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय जेनेरिक निर्यात की कम लागत और उच्च मूल्य अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा उद्योग को महत्वपूर्ण लागत लाभ प्रदान करता है।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका का फार्मा राजस्व में योगदान निरंतर घट रहा है। इसका कारण कीमतों में गिरावट और मार्जिन व रिटर्न पर इसका प्रभाव है।

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के निदेशक (कॉर्पोरेट) विवेक जैन ने कहा, "अधिकतर भारतीय फार्मा कंपनियों का अमेरिकी बाजार में जेनेरिक कारोबार है, जिससे उन्हें कम परिचालन लाभ होता है। हालांकि, भारतीय कंपनियों का राजस्व मॉडल विविध है और बैलेंस शीट भी मजबूत है। इस क्षेत्र में लिक्विडिटी को लेकर कोई बड़ा जोखिम नहीं है।"

उन्होंने आगे कहा, "इसके अलावा, अधिकांश कंपनियों के पास ऋण समझौतों और विविध वित्तपोषण स्रोतों के तहत पर्याप्त गुंजाइश है। इसलिए, भारतीय फार्मा पर भविष्य के टैरिफ का कोई महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना बहुत कम है।"

Point of View

बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में भी एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

भारत के फार्मा सेक्टर को टैरिफ से बाहर रखने का मुख्य कारण क्या है?
भारत की जेनेरिक दवा उत्पादन में अग्रणी भूमिका और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान इसे टैरिफ से बाहर रखने का मुख्य कारण है।
अमेरिका के लिए भारतीय फार्मा निर्यात का क्या महत्व है?
भारतीय फार्मा निर्यात अमेरिका के स्वास्थ्य सेवा उद्योग को महत्वपूर्ण लागत लाभ प्रदान करता है।