26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार समझौते की अनिश्चितताओं के बीच लाल निशान में बंद होने का अनुभव किया। जानिए इस गिरावट के पीछे क्या कारण थे और निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं।

मुख्य बातें

सेंसेक्स 244.98 अंक गिरा निफ्टी में भी गिरावट आई आईटी और रियल्टी में कमजोरी मेटल और पीएसयू बैंक में मजबूती अगले हफ्ते नगर निगम चुनावों के चलते बाजार बंद रहेगा

मुंबई, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भू-राजनीतिक तनावों में वृद्धि और अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता के कारण, बुधवार को भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ। दिन के कारोबारी सत्र में घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों में उतार-चढ़ाव के साथ ही आईटी और रियल्टी शेयरों में कमजोरी ने बाजार पर दबाव डाला।

कारोबार समाप्त होने पर 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 244.98 अंक यानी 0.29 प्रतिशत गिरकर 83,382.71 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 66.70 अंक यानी 0.26 प्रतिशत की कमी के साथ 25,665.60 पर रहा।

हालांकि, व्यापक बाजार में मजबूती देखी गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.67 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.29 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

सेक्टरवार निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.08 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 0.92 प्रतिशत की गिरावट हुई। इसके विपरीत, निफ्टी मेटल इंडेक्स 2.70 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 2.13 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स पैक में टाटा स्टील, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, और बीईएल टॉप गेनर्स में रहे। दूसरी ओर, एशियन पेंट्स, टीसीएस, मारुति सुजुकी, सन फार्मा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, और कोटक बैंक के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट आई।

एनएसई पर भी टाटा स्टील, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, हिंडाल्को, ओएनजीसी, और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप गेनर्स में शामिल रहे, जबकि एशियन पेंट्स, टीसीएस, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, मारुति सुजुकी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, और कोटक बैंक टॉप लूजर्स रहे।

इस बीच, महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के चलते गुरुवार 15 जनवरी को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में कारोबार बंद रहेंगे।

मार्केट विशेषज्ञों ने कहा कि आज भारतीय शेयर बाजार में मामूली गिरावट देखी गई। वैश्विक आर्थिक हालात और भू-राजनीतिक तनावों के चलते निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा। अमेरिका की ट्रेड और टैरिफ नीतियों को लेकर अनिश्चितता, ईरान में बढ़ती नागरिक अशांति और वहां अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की आशंका, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ सकता है, ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया। इन हालातों में बाजार की चाल ज्यादातर वैश्विक संकेतों पर निर्भर रही और निवेशक आक्रामक खरीदारी से बचते हुए चुनिंदा शेयरों में सीमित निवेश करते नजर आए।

निफ्टी को लेकर विशेषज्ञों ने कहा कि 25,900 के स्तर के आसपास बार-बार रुकावट मिलने से तेजी पर ब्रेक लगा हुआ है और वर्तमान में 25,800 एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस बना हुआ है। नीचे की ओर यदि निफ्टी 25,600 के नीचे मजबूती से टूटता है, तो गिरावट 25,500 से 25,450 तक बढ़ सकती है।

एक्सपर्ट ने आगे कहा कि मोमेंटम इंडिकेटर्स भी कमजोरी दिखा रहे हैं। आरएसआई करीब 40 के पास है, जो मंदी का संकेत देता है, जबकि एमएसीडी नकारात्मक जोन में बना हुआ है। इंट्राडे चार्ट से स्पष्ट है कि तेजी पर बिकवाली हावी है, हालांकि निचले स्तरों पर चुनिंदा खरीदारी जरूर देखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हम हमेशा देश के आर्थिक विकास और स्थिरता के पक्ष में खड़े रहते हैं। वर्तमान में, वैश्विक आर्थिक हालात और भू-राजनीतिक तनावों के चलते बाजार की स्थिति को गंभीरता से देखने की आवश्यकता है। निवेशक सतर्कता बरतें।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय शेयर बाजार क्यों गिरा?
भारतीय शेयर बाजार गिरने का मुख्य कारण बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की अनिश्चितता है।
क्या निफ्टी और सेंसेक्स में गिरावट का प्रभाव होगा?
हां, सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट से निवेशकों के विश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
क्या निवेशकों को अब खरीदारी करनी चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और केवल चुनिंदा शेयरों में निवेश करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले