लोकसभा ने वित्त वर्ष 2026 में 2.01 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त खर्च को स्वीकृति दी

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लोकसभा ने वित्त वर्ष 2026 में 2.01 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त खर्च को स्वीकृति दी

सारांश

लोकसभा ने वित्त वर्ष 2026 में 2.01 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त खर्च को स्वीकृति दी है। वित्त मंत्री ने बताया कि इससे राजकोषीय घाटा निर्धारित लक्ष्य से नहीं बढ़ेगा। जानें इस महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में।

मुख्य बातें

लोकसभा ने 2.01 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त खर्च को मंजूरी दी।
वित्त मंत्री ने बताया कि राजकोषीय घाटा निर्धारित लक्ष्य से नहीं बढ़ेगा।
1 लाख करोड़ रुपए का आर्थिक स्थिरीकरण कोष बनाया जाएगा।
उर्वरक सब्सिडी के लिए 19,230 करोड़ रुपए का प्रावधान।
प्रस्ताव को वॉयस वोट से पास किया गया।

नई दिल्ली, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा ने शुक्रवार को अनुदानों के लिए पूरक मांग (सप्लीमेंट्री डिमांड फॉर ग्रांट्स) के दूसरे बैच को स्वीकृति दे दी है, जिसके माध्यम से सरकार को चालू वित्त वर्ष 2026 में 2.01 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति प्राप्त हुई है।

सरकार ने कुल 2.81 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च करने का अनुरोध किया था। हालांकि, चालू वित्त वर्ष में लगभग 80,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त प्राप्तियों की संभावना के साथ वास्तविक अतिरिक्त नकद खर्च 2.01 लाख करोड़ रुपए है।

सदन में चल रही चर्चा का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि नए खर्च से राजकोषीय घाटा (फिस्कल डेफिसिट) सरकार के निर्धारित लक्ष्य से नहीं बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सप्लीमेंट्री डिमांड फॉर ग्रांट्स के कारण 2025-26 के बजट अनुमान से कुल खर्च में बढ़ोतरी नहीं होगी।

इन अतिरिक्त अनुदानों में 1 लाख करोड़ रुपए का आर्थिक स्थिरीकरण कोष बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके साथ ही उर्वरक सब्सिडी के लिए 19,230 करोड़ रुपए और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत सब्सिडी के लिए 23,641 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च की स्वीकृति मांगी गई थी।

अन्य महत्वपूर्ण खर्चों में रक्षा मंत्रालय के लिए 41,822 करोड़ रुपए का प्रावधान भी है।

वित्त मंत्री ने कहा कि 1 लाख करोड़ रुपए का आर्थिक स्थिरीकरण कोष भारत को वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय ताकत देगा।

उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत में उर्वरकों की कोई कमी नहीं होगी, क्योंकि इसके लिए सप्लीमेंट्री डिमांड फॉर ग्रांट्स में पर्याप्त प्रावधान किया गया है।

लोकसभा में यह प्रस्ताव वॉयस वोट के जरिए पास किया गया, हालाँकि इस दौरान सदन में कुछ व्यवधान भी देखने को मिला। विपक्षी सदस्यों ने पश्चिम एशिया संकट के बीच देश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रस्ताव पारित होने के तुरंत बाद लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

सरकार के 2025-26 के संशोधित अनुमान के अनुसार वित्तीय घाटा जीडीपी के 4.4 प्रतिशत पर ही बना रहेगा, जो बजट अनुमान में निर्धारित स्तर के बराबर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस खर्च का प्रभाव भविष्य में राजकोषीय स्थिति पर पड़ सकता है, जिससे सतर्कता की आवश्यकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरकार ने अतिरिक्त खर्च के लिए कितनी राशि की स्वीकृति दी है?
सरकार ने वित्त वर्ष 2026 में 2.01 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त खर्च के लिए स्वीकृति दी है।
वित्त मंत्री ने इस खर्च के बारे में क्या कहा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नए खर्च से राजकोषीय घाटा सरकार के लक्ष्य से अधिक नहीं बढ़ेगा।
इस अतिरिक्त खर्च में क्या-क्या शामिल है?
इसमें 1 लाख करोड़ रुपए का आर्थिक स्थिरीकरण कोष, उर्वरक सब्सिडी और पीएमजीकेएवाई के तहत सब्सिडी शामिल हैं।
क्या भारत में उर्वरकों की कमी होगी?
वित्त मंत्री ने आश्वासन दिया कि देश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं होगी।
इस प्रस्ताव को किस प्रकार पास किया गया?
यह प्रस्ताव लोकसभा में वॉयस वोट के जरिए पास किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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