वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट; गोल्ड १,९०० रुपए और सिल्वर ७,८०० रुपए सस्ता हुआ

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वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट; गोल्ड १,९०० रुपए और सिल्वर ७,८०० रुपए सस्ता हुआ

सारांश

शुक्रवार को कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट आई है, जो वैश्विक बाजार में अस्थिरता का परिणाम है। सोने और चांदी की कीमतें लगातार घट रही हैं, जिसमें विश्लेषकों के अनुसार आने वाले समय में और गिरावट की संभावना है।

मुख्य बातें

सोने की कीमतें १,९०० रुपए और चांदी की कीमतें ७,८०० रुपए कम हुईं।
मध्य पूर्व में तनाव के कारण वैश्विक बाजार अस्थिर है।
विश्लेषक मानते हैं कि सोने की कीमतें १,६५,००० रुपए से ऊपर जाने पर नई तेजी आ सकती है।
बाजार की धारणा पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता का नकारात्मक प्रभाव है।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से सोने की कीमतों पर असर पड़ रहा है।

मुंबई, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजार में अस्थिरता के चलते हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को कीमती धातुओं, अर्थात् सोने और चांदी की कीमतों में कमी आई।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, शुक्रवार को 999 प्योरिटी वाला सोना १,५८,३९९ रुपए प्रति १० ग्राम के स्तर पर पहुँच गया, जबकि गुरुवार को इसकी कीमत १,६०,३०३ रुपए थी। इस प्रकार, एक ही दिन में सोने का भाव १,९०४ रुपए घट गया।

चांदी की बात करें तो आईबीजेए के मुताबिक, शुक्रवार को 999 प्योरिटी वाली चांदी का मूल्य २,६०,४८८ रुपए प्रति किलोग्राम है, जबकि पिछली गुरुवार को यह २,६८,३०१ रुपए प्रति किलोग्राम थी। इस तरह, एक दिन में चांदी की कीमत ७,८१३ रुपए प्रति किलो कम हो गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर जब खबर लिखी जा रही थी (शाम करीब ७:३५ बजे) तब अप्रैल डिलीवरी वाला सोना २६९ रुपए, यानी ०.१७ प्रतिशत की गिरावट के साथ १,६०,००२ रुपए प्रति १० ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, मई डिलीवरी वाली चांदी ०.७८ प्रतिशत यानी २,०९९ रुपए गिरकर २,६५,८६३ रुपए प्रति किलो पर कारोबार करती नजर आई।

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार से ही दोनों कीमती धातुओं में गिरावट देखी गई। सोने की कीमतें १,६०,२५१ रुपए पर खुलने के बाद एक समय १,६०,६७३ रुपए के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुँच गईं, जबकि दिन का न्यूनतम स्तर १,५८,७६४ रुपए प्रति १० ग्राम रहा। चांदी ने २,६६,००१ रुपए पर कारोबार की शुरुआत की और एक समय इसकी कीमतें २,६९,१८६ रुपए के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुँच गईं, लेकिन बाद में २,६०,७५२ रुपए प्रति किलो के दिन के निचले स्तर पर पहुँच गईं।

बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, १,५६,००० से १,५७,००० रुपए का स्तर सोने के लिए एक मजबूत मांग क्षेत्र बन चुका है। एक विश्लेषक का कहना है कि जब तक सोने की कीमतें इस स्तर के ऊपर बनी रहती हैं, तब तक मध्यम अवधि में तेजी का रुख कायम रहेगा। यदि कीमत १,६५,००० रुपए से ऊपर मजबूती से निकलती है, तो यह १,७५,००० से १,८०,००० रुपए तक की नई तेजी को जन्म दे सकती है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका-ईरान युद्ध की खबरें, अमेरिकी डॉलर की दर और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से माहौल अस्थिर बना हुआ है, जिसका असर कीमती धातुओं पर देखा जा रहा है।

एक विशेषज्ञ का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुख पेट्रो-डॉलर प्रणाली को मजबूत कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप सोना, तेल और डॉलर की दरों के विपरीत दिशा में चल रहा है।

विशेषज्ञ ने आगे बताया कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद मजबूत डॉलर, बढ़ती ब्याज दर और फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार की भावना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा और सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसका सीधा संबंध वैश्विक बाजार की अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनावों से है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह गिरावट जारी रह सकती है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोने की कीमतें क्यों गिर रही हैं?
सोने की कीमतें वैश्विक बाजार में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनावों के कारण गिर रही हैं।
क्या चांदी की कीमतें भी गिरेंगी?
हां, चांदी की कीमतें भी गिर रही हैं और आगे भी गिरने की संभावना है।
क्या सोने की कीमतें फिर से बढ़ेंगी?
यदि सोने की कीमतें १,६५,००० रुपए से ऊपर जाती हैं, तो नई तेजी की संभावना हो सकती है।
इस गिरावट का निवेशकों पर क्या असर होगा?
यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि उन्हें अपने निवेश पर ध्यान देना होगा।
क्या वैश्विक बाजार की स्थिति स्थिर होगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार की स्थिति अभी अस्थिर है और इसमें बदलाव संभव है।
राष्ट्र प्रेस
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