मध्य पूर्व के तनावों के बीच कीमती धातुओं में भारी गिरावट, सोने में 800 रुपए की कमी और चांदी में 2,400 रुपए का नुकसान
सारांश
Key Takeaways
- मध्य पूर्व के तनावों के कारण कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट।
- सोने की कीमत में 800 रुपए की कमी।
- चांदी की कीमत में 2,400 रुपए का नुकसान।
- विश्लेषकों के अनुसार 1,65,000 रुपए से ऊपर जाने पर तेजी का रुझान।
- वैश्विक बाजार में अस्थिरता का प्रभाव।
मुंबई, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में तनावों के बढ़ने के कारण बुधवार को कीमती धातुओं की कीमतों में काफी गिरावट आई।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को 999 प्यूरिटी वाला सोना 1,54,879 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 1,55,668 रुपए थी। इस प्रकार, एक ही दिन में सोने की कीमत 789 रुपए घट गई।
चांदी की बात करें तो आईबीजेए के अनुसार, बुधवार को 999 प्यूरिटी वाली चांदी का भाव 2,49,907 रुपए प्रति किलोग्राम रहा, जबकि इससे पहले मंगलवार को यह 2,52,340 रुपए प्रति किलोग्राम थी। इस तरह एक दिन में चांदी की कीमत 2,433 रुपए कम हो गई।
यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले शुक्रवार की तुलना में सोने की कीमतें करीब 4,000 रुपए कम हो गई हैं, जबकि चांदी का भाव करीब 10,000 रुपए सस्ता हो गया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर भी सोने और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। खबर लिखने तक (शाम करीब 7.19 बजे) अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 2.17 प्रतिशत यानी 3,385 रुपए गिरकर 1,52,600 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, मई डिलीवरी वाली चांदी 2.34 प्रतिशत यानी 5,913 रुपए गिरकर 2,47,200 रुपए प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी।
बुधवार को 2 अप्रैल की डिलीवरी वाला सोना 1,55,658 रुपए पर खुलने के बाद एक समय 1,56,075 रुपए के उच्चतम स्तर तक गया और एक समय 1,51,550 रुपए प्रति 10 ग्राम के दिन के निम्नतम स्तर तक पहुंचा। इसी तरह, 5 मई की डिलीवरी वाली चांदी 2,51,498 रुपए पर खुलने के बाद एक समय 2,54,897 रुपए के उच्चतम स्तर और 2,42,803 रुपए प्रति किलो के दिन के निम्नतम स्तर तक पहुंच गई थी।
बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि 1,56,000 से 1,57,000 रुपए का स्तर सोने के लिए मजबूत मांग क्षेत्र बना हुआ है। एक विश्लेषक के अनुसार, जब तक सोने की कीमतें इस स्तर के ऊपर बनी रहती हैं, तब तक मध्यम अवधि में तेजी का रुझान बरकरार रहेगा। यदि कीमत 1,65,000 रुपए से ऊपर मजबूती से निकलती है, तो यह 1,75,000 से 1,80,000 रुपए तक की नई तेजी को जन्म दे सकती है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के चलते वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच हाल के दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका-ईरान युद्ध की खबरें, अमेरिकी डॉलर की दर और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से माहौल अस्थिर बना हुआ है, जिसका असर कीमती धातुओं पर देखने को मिल रहा है।
एक विशेषज्ञ के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुझान पेट्रो-डॉलर प्रणाली को मजबूत कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप सोना, तेल और डॉलर की दरें विपरीत दिशा में चल रही हैं।