क्या भारतीय शेयर बाजार ने शानदार तेजी के साथ ऊपरी स्तर पर खुला, सेंसेक्स में 500 से ज्यादा अंकों की उछाल?
सारांश
Key Takeaways
- भारतीय शेयर बाजार ने ग्रीनलैंड ट्रेड वॉर की चिंताओं के बीच शानदार वापसी की।
- सेंसेक्स में 500 अंकों से ज्यादा की उछाल आई।
- निफ्टी सभी सेक्टरों में हरे निशान में ट्रेड कर रहा है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में शॉर्ट-कवरिंग की संभावना है।
- निवेशकों को सतर्क रहकर निर्णय लेने की सलाह दी गई है।
मुंबई, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ग्रीनलैंड से जुड़ी ट्रेड वॉर के चिंताओं में कमी आने के चलते, भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को एक शानदार वापसी की। इस दौरान सेंसेक्स ने 500 से ज्यादा अंकों की उछाल के साथ ऊपरी स्तर पर खुला।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स पिछले दिन के बंद 81,909.63 के मुकाबले 82,459.66 स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 25,344.15 पर खुला, जो पिछले दिन 25,157.50 स्तर पर बंद हुआ था।
शुरुआती कारोबार में, खबर लिखे जाने तक (सुबह 9.18 बजे) बीएसई सेंसेक्स 523.06 अंक या 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 82,432.69 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 152.55 अंक या 0.61 प्रतिशत की उछाल के साथ 25,310.05 पर था। इस दौरान निफ्टी के सभी इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड कर रहे थे।
हालांकि, कुछ ही समय बाद सेंसेक्स में 700 से ज्यादा अंकों की उछाल देखी गई।
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें, तो सभी इंडेक्स हरे निशान में थे, जिनमें निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स (2 प्रतिशत ऊपर), निफ्टी ऑटो और बैंक इंडेक्स (1 प्रतिशत ऊपर), निफ्टी आईटी इंडेक्स (0.9 प्रतिशत ऊपर) और निफ्टी मेटल (0.8 प्रतिशत ऊपर) प्रमुख थे।
सेंसेक्स पैक में टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, बीईएल, एसबीआई, कोटक बैंक, सन फार्मा, ट्रेंट, एम एंड एम, बजाज फिनसर्व, इंडिगो और आईटीसी सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में शामिल थे, जिनमें एक प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
गुरुवार को सेंसेक्स के 30 शेयरों में से कुल 29 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। केवल आईसीआईसीआई बैंक के शेयर में गिरावट देखी गई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने बताया कि एक बार फिर ट्रंप का जाना-पहचाना रवैया देखने को मिला है, जिसे टैको (ट्रंप अगेन चिकन्स आउट) कहा जाता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड को 'जरूरत पड़ने पर बलपूर्वक कब्जाने' की धमकी से पीछे हटते हुए कहा है कि ग्रीनलैंड को लेकर भविष्य में एक समझौते का फ्रेमवर्क तैयार हो गया है। इससे भी ज्यादा अहम बात यह है कि अमेरिका ने यूरोप पर टैरिफ लगाने से फिलहाल परहेज करने का संकेत दिया है। इससे अमेरिका-यूरोप ट्रेड वॉर का खतरा टल गया है, जो बाजारों पर दबाव बना रहा था।
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि इन संकेतों के बाद बाजार में रिलीफ रैली देखने को मिल रही है, क्योंकि फिलहाल बाजार में करीब 2 लाख शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स बने हुए हैं। मौजूदा हालात शॉर्ट-कवरिंग के लिए अनुकूल हैं, जिससे आगे बाजार में अच्छी तेजी आ सकती है।
हालांकि, कंपनियों की तीसरी तिमाही की मुनाफे की स्थिति पर नए लेबर कोड से जुड़ी अतिरिक्त प्रावधानों (प्रोविजन) का असर पड़ा है। लेकिन बाजार इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लेगा, क्योंकि यह एक बार का खर्च है।