क्या जुबीन गर्ग मौत मामले में आज असम कोर्ट में पांच आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई होगी?
सारांश
Key Takeaways
- जुबीन गर्ग की मृत्यु एक गंभीर मुद्दा है।
- पांच आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई आज होगी।
- एसआईटी ने चार्जशीट में कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं।
- सिंगापुर पुलिस ने कहा कि जुबीन की मृत्यु में कोई साजिश नहीं थी।
- इस मामले में न्याय का तंत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
गुवाहाटी, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम के प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की मृत्यु से संबंधित मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। इस हाई-प्रोफाइल केस में आज असम के कामरूप जिले की जिला एवं सत्र न्यायालय में एक महत्वपूर्ण कानूनी सुनवाई होने जा रही है। आज पांच आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की जाएगी। यह सुनवाई तब हो रही है जब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) अपनी चार्जशीट प्रस्तुत कर चुकी है और इस मामले से जुड़े कई नए तथ्य सामने आए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, सभी पांच आरोपियों ने जमानत की मांग की है, जिनमें श्यामकानु महंता और अमृतप्रभा महंता शामिल हैं। उनका कहना है कि वे जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं और अब जांच लगभग पूरी हो चुकी है, इसलिए उन्हें न्यायिक हिरासत में रखने का कोई ठोस कारण नहीं है।
एसआईटी की चार्जशीट में कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। चार्जशीट में दिवंगत गायक के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और उनके बैंडमेट शेखरज्योति गोस्वामी को हत्या का आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा, जुबीन गर्ग के कजिन और निलंबित असम पुलिस अधिकारी संदीपन गर्ग पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप है। ये आरोप पूरे मामले को और गंभीर बनाते हैं।
जमानत याचिकाओं पर सुनवाई इस कारण भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एसआईटी ने अदालत में अपनी जांच पूरी करते हुए विस्तृत चार्जशीट पेश की है। असम पुलिस ने इस चर्चित मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया था। चार्जशीट में घटनाओं के क्रम को विस्तार से समझाने की कोशिश की गई है कि जुबीन गर्ग की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, चार्जशीट में गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली जानकारियां शामिल हैं। इन सबके आधार पर अभियोजन पक्ष ने अपना केस तैयार किया है। लेकिन आरोपियों ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है और कहा है कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है।
आरोपियों की जमानत की मांग तब तेज हुई जब सिंगापुर पुलिस ने अदालत को बताया कि उनकी जांच में जुबीन गर्ग की मृत्यु में किसी तरह की साजिश या आपराधिक मंशा के संकेत नहीं मिले हैं।
सिंगापुर पुलिस के अनुसार, गायक की मृत्यु डूबने के कारण हुई थी, और इसमें किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका नहीं पाई गई। घटना से पहले जुबीन गर्ग नशे की हालत में थे और एक यॉट पर थे, जहां उन्होंने अधिक मात्रा में शराब का सेवन किया था।
जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि जुबीन गर्ग पहले पानी में तैरने गए थे और फिर यॉट पर लौट आए थे। उस समय उन्होंने कहा था कि वे थक गए हैं। कुछ ही मिनटों बाद वे दोबारा पानी में गए। उनकी मेडिकल हिस्ट्री की भी जांच की गई, जिसमें पता चला कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और मिर्गी की बीमारी थी।
फॉरेंसिक रिपोर्ट में उनके खून में इन बीमारियों से संबंधित दवाओं के अंश मिले हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उन्होंने घटना वाले दिन मिर्गी की दवा ली थी या नहीं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने कहा कि उनके शरीर पर ऐसे कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले, जिससे यह साबित हो सके कि पानी में उतरने से पहले उन्हें मिर्गी का दौरा पड़ा था।
यॉट के कैप्टन ने भी अदालत में गवाही दी। उन्होंने बताया कि जुबीन गर्ग को यॉट पर चढ़ते समय दो दोस्तों का सहारा लेना पड़ा था। कैप्टन ने कहा कि जुबीन गर्ग को बिना लाइफ जैकेट पानी में उतरने से रोका गया था।